दोहरीकरण के बाद मानवरहित समपार फाटकों पर बढ़ीं घटनाएं

Published at :30 Dec 2015 6:49 PM (IST)
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दोहरीकरण के बाद मानवरहित समपार फाटकों पर बढ़ीं घटनाएं

दोहरीकरण के बाद मानवरहित समपार फाटकों पर बढ़ीं घटनाएं घने कोहरे के दौरान भी दुर्घटनाएं बढ़ जाती हैं समपार फाटकों पर जांच अभियान लंबे समय से है बंद संवाददाता, छपरा (सारण) पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा-सीवान रेलखंड के दोहरीकरण के बाद मानवरहित समपार फाटकों पर दुर्घटनाएं काफी बढ़ी हैं. मानवरहित समपार फाटकों पर दुर्घटनाएं काफी बढ़ी […]

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दोहरीकरण के बाद मानवरहित समपार फाटकों पर बढ़ीं घटनाएं घने कोहरे के दौरान भी दुर्घटनाएं बढ़ जाती हैं समपार फाटकों पर जांच अभियान लंबे समय से है बंद संवाददाता, छपरा (सारण) पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा-सीवान रेलखंड के दोहरीकरण के बाद मानवरहित समपार फाटकों पर दुर्घटनाएं काफी बढ़ी हैं. मानवरहित समपार फाटकों पर दुर्घटनाएं काफी बढ़ी हैं. मानवरहित समपार फाटकों पर यातायात के बढ़ते दबाव और इस रेलखंड पर ट्रेनों की संख्या में इजाफा दुर्घटनाओं का कारण है. सबसे अहम बात रेलवे क्राॅसिंग पार करने के लिए बने कानून का पालन नहीं होना भी है. मानवरहित, मानवसहित, क्लास वन, क्लास ए वन तथा स्पेशल क्लास के समपार फाटाकों पर भी मानक के अनुरूप सुविधाएं नहीं होने से विधि व्यवस्था की गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है.स्पेशल क्लास समपारों पर नहीं बना एफओबीरेलवे के स्पेशल क्लास के समपारों पर मानक के अनुरूप सुविधाओं का विकास नहीं हुआ है. स्पेशल क्लास समपारों पर फ्लाइ ओवरब्रिज बनाने की योजना है. सोनपुर-छपरा तथा छपरा-सीवान एवं छपरा-बलिया रेलखंड पर करीब एक दर्जन स्पेशल क्लास के समपार हैं, जिस पर औसतन प्रतिदिन दो लाख वाहनों का आवागमन होता है. ट्रेनों को पास कराने के लिए 10 मिनट समपार फाटक बंद होने पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है. संरक्षा नियमों का हो रहा है उल्लंघनसमपार फाटाकों पर वाहनों के आवागमन में संरक्षा नियमों का पालन नही हो रहा है. मानवरहित तथा मानवसहित समपारों पर जांच अभियान लंबे समय से बंद है. घने कोहरे के दौरान दुर्घटनाएं अधिक होती हैं, जिसे रोकने के लिए जांच अभियान चलाने का निर्देश है. वर्ष 2015 में अब तक मानवसहित समपारों पर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं. अनियंत्रित वाहनों द्वारा फाटकों के बूम को तोड़ डाला गया. ट्रेनों से टकराने से टेंपों व ट्रक बचे हैं. इसी तरह अकेले छपरा-सीवान रेलखंड पर स्थित मानवरहित समपारों पर एक दर्जन से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं. क्या है प्रावधानमानवरहित समपार फाटक को पार करने के पहले वाहन को रुकना हैवाहन रोक कर चालक को उतार कर दोनों दिशाओं में देखना हैयह सुनिश्चित होना है कि ट्रेन नहीं आ रही है, तब पार करना है इसका उल्लंघन करते हुए पकड़े जाने पर कारावास व जुर्माने का प्रावधान हैइसके लिए रेलवे सुरक्षा बल के द्वारा जांच अभियान चलाया जाता हैमानवरहित समपार फाटकों पर इस आशय का निर्देश लगाया गया हैमानवसहित समपार फाटकों पर भी हो रही हैं दुर्घटनाएं मानवसहित समपारों पर गलत ढंग से पार करने के कारण हो रही हैं दुर्घटनाएंबंद फाटक की अगल-बगल या नीचे से राहगीर पार करते हैं बंद फाटक को पार करना नियम के खिलाफ है, ऐसा करनेवालों पर जुर्माना लगाने व कारावास का प्रावधान हैबंद फाटक को पार करनेवालों के खिलाफ आरपीएफ के द्वारा जांच अभियान चलाया जाता हैनियमों की जानकारी नहीं होने व जागरूकता के अभाव में वाहन चालक करते हैं नियम का उल्लंघन क्या कहते हैं अधिकारीमानवरहित वैसे समपार फाटकों पर गेटमैन तैनात करने की योजना है, जहां यातायात अधिक है और जिन समपारों पर आवागमन नहीं होता है, उसे बंद किया जायेगा. वैसे मानवरहित समपार फाटकों को मानवसहित समपारों से लिंक रोड बना कर जोड़ा जायेगा, जो एक किमी की दूरी में हैं.अशोक कुमाररेलवे जनसंपर्क अधिकारी, वाराणसी मंडल, पूर्वोत्तर रेलवे

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