उत्तर लिखने में शुद्धता और संतुलन का रखें ख्याल, कोई भी उत्तर 1200 शब्दों से अधिक न हो

Published at :30 Dec 2015 6:34 PM (IST)
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उत्तर लिखने में शुद्धता और संतुलन का रखें ख्याल, कोई भी उत्तर 1200 शब्दों से अधिक न हो

उत्तर लिखने में शुद्धता और संतुलन का रखें ख्याल, कोई भी उत्तर 1200 शब्दों से अधिक न हो नोट : फोटो सिटी में है नाम सेसंवाददाता, पटनाबिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) में मुख्य परीक्षा में उत्तर लिखने में शुद्धता का ख्याल रखें . उत्तर हमेशा संतुलित हो. उत्तर लिखने में संबंधित टॉपिक की जानकारी जरूर […]

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उत्तर लिखने में शुद्धता और संतुलन का रखें ख्याल, कोई भी उत्तर 1200 शब्दों से अधिक न हो नोट : फोटो सिटी में है नाम सेसंवाददाता, पटनाबिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) में मुख्य परीक्षा में उत्तर लिखने में शुद्धता का ख्याल रखें . उत्तर हमेशा संतुलित हो. उत्तर लिखने में संबंधित टॉपिक की जानकारी जरूर दें. उत्तर हमेशा संतुलित हो. उत्तर 1200 शब्दों या चार पेज से अधिक न लिखें. ये सलाह बीपीएससी की मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को एक्सपर्ट इत्मियाज अहमद दे रहे थे. मौका था प्रभात खबर कार्यालय में आयोजित टेली काउंसेलिंग का. टेली काउंसेलिंग के पहले दिन इतिहास विषय को रखा गया था. लगभग डेढ़ घंटे तक चली काउंसेलिंग के दौरान सैकड़ों अभ्यर्थियों ने प्रश्न पूछे. इतिहास में कितने तरह के आयेंगे. प्रमोद कुमार, मुजफ्फरपुर इतिहास में दो पेपर होता है. चार खंड में प्रश्न आते हैं. प्राचीन भारत, मध्यकालीन भारत, आधुनिक भारत और विश्व इतिहास. इन सारे टॉपिक से प्रश्न आयेंगे. इस कारण सभी का सिलेबस देखकर ही उत्तर लिखे. उत्तर लिखने के लिए उन पांच प्रश्नों को पहले चुन लें, जिनका उत्तर आपको अच्छे से आता होगा. उत्तर लिखने में किन बातों का ख्याल रखें, जिससे अंक बेहतर आ सके. मो. बेलाल हसन, पटना उत्तर लिखने में शब्द संख्या का हमेशा ख्याल रखें. उत्तर तीन तरह से लिखें. पहले इंट्रोडक्शन दें. यह चार से पांच वाक्यों में हाेना चाहिए. इसके बाद उत्तर की मूल चीजें लिखें. यह पैरा चेंज कर लिखे. इसमें प्वाइंटवाइज उत्तर दे सकते हैं. अंत में उत्तर का सार जरूर लिखें. इससे एग्जामिनर को उत्तर का सही तथ्य पता चलता है. आलोचनात्मक वाले प्रश्नों का उत्तर कैसे लिखेंगे. रमन कुमार पटेल, पटना सिटी आलोचना काे सामन्य अर्थ में हम किसी की कमजोरी बताने को लेते हैं, लेकिन एेसा नहीं है. जब भी आलोचनात्मक वाले प्रश्न पूछे जाएं, तो उसमें संबंधित प्रश्न के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों की पहलूओं पर उत्तर दें. आलोचनात्मक में हमेशा दोनों पक्षों को लिखा जाता है. आलोचनात्मक, समीक्षात्मक और विश्लेषण में क्या अंतर है. सुमित , गोपालगंज किसी भी चीज के बारे में सकारात्मक और नकारात्मक व्याख्या करना आलोचनात्मक होता है. समीक्षा में किसी विषय के मुख्य धारा पर विशेष जोर दिया जाता है. रिजल्ट को छोटा बताया जाता है. वहीं, किसी प्रश्न का विश्लेषण करने को कहा जाए, तो उसके तथ्य को कम लिखेंगे. लेकिन अंत में तुलना करके ही उत्तर काे समाप्त करें. लिखने की शैली कैसी होनी चाहिए. मनोज कुमार, मसौढ़ी उत्तर देने में हमेशा शुद्धता का ख्याल रखें. व्याकरण की गलती नहीं होनी चाहिए. जो भी उत्तर लिखें, उससे संबंधित सारी जानकारी उत्तर में आनी चाहिए. दोहराव से बचें. उत्तर हमेशा संक्षिप्त होना चाहिए. चार पेज से अधिक उत्तर नहीं लिखें. उत्तर लिखने में इतिहासकार का नाम लिखा जा सकता है क्या. बंटी कुमार, भागलपुर उत्तर लिखने में इतिहासकार का नाम लिख सकते हैं. अगर नहीं भी लिखेंग, तो इसके लिए आपके अंकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. प्रश्न में अगर जरूरत दिखे, तो इतिहासकार का नाम लिख सकते हैं. आधुनिक इतिहास पर अधिक फोकस करें या विश्व इतिहास पर. मयंक मधुकर, दरभंगा आधुनिक इतिहास पर अधिक फोकस करें. लेकिन, परीक्षा हॉल में प्रश्न पत्र को देखकर ही प्रश्नों का सेलेक्शन करें. अगर पांच प्रश्नों में विश्व इतिहास के प्रश्न आप अधिक अच्छे से लिख सकते हैं, तो उसी का उत्तर दें. पिछली बार भी मुख्य परीक्षा दी थी. सेकेंड पेपर में काफी कम अंक आ गये थे. खालिद हुसैन, पटनाइस बार सेकेंड पेपर पर अधिक फोकस करें. लिखने की प्रैक्टिस करें. जिस प्रश्न में दिक्कत हो, उसका उत्तर बार-बार लिखें. मुख्य प्वाइंट को लिखें. उत्तर को जितने शब्दों में कहा जायें, उतने में ही लिखें. इन्होंने भी किया प्रश्न संतोष कुमार (समस्तीपुर), नागेंद्र कुमार (मोतीहारी), सुमित (गोपालगंज), रविशंकर (दरभंगा), विनोद कुमार (आरा), आर्य कुमार (दरभंगा), अमित कुमार (कटिहार), अलि हसन (मधेपुरा)इतिहास के महत्वपूर्ण टॉपिक पहला पेपर 1. वैदिक काल सामाजिक और धार्मिक जीवन 2. मगध साम्राज्य का उत्कर्ष 3. अशोक की धम्म नीति 4. गुप्त कालीन सांस्कृतिक प्रगति 5. हर्षवर्धन का मूल्यांकन 6. मोहम्मद बिन तुगलक की मूल्यांकन 7. फिरोजशाह के प्रशासनिक सुधार 8. शेरशाह के प्रशासनिक सुधार 9. शिवाजी का मूल्यांकन 10. मुगल साम्राज्य का पतन 11. मनसबदारी प्रथा 12. भक्ति आंदोलन 13. अकबर का मूल्यांकनदूसरा पेपर 1. ब्रिटिश सत्ता का स्थापना 2. ब्रिटिश शासन का आर्थिक प्रभाव 3़ 19वीं शताब्दी का सामाजिक एवं धार्मिक पूणर्जागरण4़ 1857 का महासंग्राम 5़ राष्ट्रीय आंदोलन के मुख्य चरण 6़ मुसलिम अलगाववाद की राजनीति 7़ यूरोप में भाैगोलिक खोज का युग 8़ फांस की राजक्रांति 9़ नेपोलियन 10. यूरोप में औद्योगिक क्रांति 11. जर्मनी का एकीकरण 12. इटली का का एकीकरण 13. 1917 की रूसी क्रांति 14. प्रथम विश्वयुद्ध के कारण 15. द्वितीय विश्वयुद्ध के कारण 16. जापान में साम्राज्यवाद का उदय

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