पुलिस चौकसी को धता बता नक्सलियों ने चिपकाया पोस्टर

Published at :18 Oct 2015 6:31 PM (IST)
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पुलिस चौकसी को धता बता नक्सलियों ने चिपकाया पोस्टर

पुलिस चौकसी को धता बता नक्सलियों ने चिपकाया पोस्टर मकेर, गड़खा, पानापुर प्रखंडों में सैकड़ों पोस्टर चिपकाने व हैंडबिल फेंक कर वोट का बहिष्कार करने के आह्वान से आम मतदाता भयभीत प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारियों ने प्रारंभिक तौर पर असामाजिक तत्वों की कारगुजारी मानते हुए निर्भीक हो मतदान की अपील की नोट: फोटो नबर 18 […]

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पुलिस चौकसी को धता बता नक्सलियों ने चिपकाया पोस्टर मकेर, गड़खा, पानापुर प्रखंडों में सैकड़ों पोस्टर चिपकाने व हैंडबिल फेंक कर वोट का बहिष्कार करने के आह्वान से आम मतदाता भयभीत प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारियों ने प्रारंभिक तौर पर असामाजिक तत्वों की कारगुजारी मानते हुए निर्भीक हो मतदान की अपील की नोट: फोटो नबर 18 सी.एच.पी 3 है कैप्सन होगा- नक्सलियों के द्वारा फेंके गये हैंडबिल संवाददाता, छपरा (सदर) जिला प्रशासन द्वारा आगामी 28 अक्तूबर को होनेवाले विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण व निष्पक्ष कराने का संकल्प लगातार दोहराया जा रहा है. वहीं, इस मामले में गड़बड़ी फैलानेवाले असामाजिक तत्वों एवं अपराधियों के विरुद्ध सीसीए, 107 आदि विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तारी भी हुई है. परंतु, पुलिस प्रशासन डाल-डाल, तो अपराधी पात-पात की कहावत को चरितार्थ करते हुए समय-समय पर डकैती व डकैती के दौरान हत्या आदि घटनाओं को अंजाम देने के अलावा पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था को धता बताते हुए शुक्रवार की रात नक्सलियों द्वारा अमनौर थाना क्षेत्र के मकेर, रेवा घाट, गड़खा विधानसभा क्षेत्र के गड़खा बाजार तथा तरैया विधानसभा क्षेत्र के पानापुर प्रखंडों में सैकड़ों पोस्टर जहां चिपकाये गये हैं, वहीं हजारों हैंडबिल फेंके गये हैं. इसमें भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी (माओवादी) छपरा, सीवान, गोपालगंज अंकित है. वहीं, माओवादियों द्वारा वोट बहिष्कार का आह्वान किया गया है. एक ओर मकेर थाना क्षेत्र के चंदिला गांव में आठ बजे रात में एक व्यक्ति की हत्या के मामले में पुलिस काफी सक्रिय थी. बावजूद मकेर से लेकर गड़खा तक व पानापुर में नक्सली परचे चिपकाये जाने व फेंके जाने की कारगुजारी को लेकर आम जनों में भय व्याप्त है. हालांकि, प्रारंभिक तौर पर पुलिस के कनीय से लेकर वरीय पदाधिकारी पूरे मामले को असामाजिक तत्वों की कारगुजारी करार दे रहे हैं. परंतु, सवाल उठता है कि प्रशासन के लिए नक्सली क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या यदि नक्सली हैं तथा नक्सलियों पर काबू पाने के लिए लगातार विशेष बल की तैनाती की गयी है. ऐसी स्थिति में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को धता बता कर यदि असामाजिक तत्वों द्वारा इस तरह की कारगुजारियों को अंजाम दिया जाता है, तो आम जनों में भय होना स्वाभाविक है. यदि, ऐसे असामाजिक तत्व या नक्सली अपने मंसूबे में सफल होते हैं, तो निश्चित तौर पर लोकतंत्र के इस महापर्व में हर किसी के मतदान के अधिकार का उपयोग कराने के जिला प्रशासन के प्रयास के तहत मतदाता जागरूकता अभियान का प्रयास प्रभावित होगा. हालांकि, जिला प्रशासन व पुलिस के वरीय पदाधिकारी मतदाताओं को ऐसे असामाजिक तत्वों के आह्वान व भय को नजरअंदाज कर शत-प्रतिशत मतदान की जहां अपील कर रहे हैं. क्या कहते हैं अधिकारीप्रारंभिक तौर पर यह घटना असामाजिक तत्वों की कारगुजारी प्रतीत होती है. पुलिस अधीक्षक से इस मामले में विस्तृत जांच करने व आवश्यक व्यवस्था के लिए कहा गया है. आम जनता बिना भय के 28 अक्तूबर के चुनाव में मतदान करें. प्रशासन के आगे विधानसभा चुनाव के दिन किसी की नहीं चलेगी. प्रशासन इस मामले के लिए पूरी तरह से तैयार है. दीपक आनंद डीएम सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी, सारण मकेर, गड़खा व पानापुर में नक्सलियों द्वारा पोस्टर चिपकाने व परचा फेंकने के मामले की जांच की जा रही है. पुलिस के द्वारा लगातार अपराधियों के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है. नक्सलग्रस्त क्षेत्रों पर तरैया व अमनौर विधानसभा क्षेत्रों के अला सभी क्षेत्रों में पुलिस की नजर है. असामाजिक तत्व किसी भी स्थिति में मंसूबे को अंजाम देने में सफल नहीं हो पायेंगे. जनता निर्भीक होकर मतदान करें. अजय कुमार रायडीआइजी, सारण रेंज

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