दवा के लिए मरीज रहे परेशान

Published at :14 Oct 2015 9:23 PM (IST)
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दवा के लिए  मरीज रहे परेशान

छपरा (सारण) : ऑन लाइन फाॅर्मेसी व्यवसाय के विरोध में जिले में दवा व्यवसायियों की हड़ताल बुधवार को पूर्णत: सफल रही और दवा व्यवसायियों ने अपनी-अपनी प्रतिष्ठानें बंद रखीं. इस वजह से थोक एवं खुदरा दवा का व्यवसाय पूर्णत: ठप रहा. दवा के लिए मरीजों को भटकना पड़ा. सारण जिला औषधि विक्रेता संघ के द्वारा […]

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छपरा (सारण) : ऑन लाइन फाॅर्मेसी व्यवसाय के विरोध में जिले में दवा व्यवसायियों की हड़ताल बुधवार को पूर्णत: सफल रही और दवा व्यवसायियों ने अपनी-अपनी प्रतिष्ठानें बंद रखीं.

इस वजह से थोक एवं खुदरा दवा का व्यवसाय पूर्णत: ठप रहा. दवा के लिए मरीजों को भटकना पड़ा. सारण जिला औषधि विक्रेता संघ के द्वारा श्री नंदन पथ स्थित दवा मंडी में धरना का आयोजन किया गया और देशव्यापी हड़ताल का समर्थन किया गया.

धरना का नेतृत्व अध्यक्ष अभिषेक कुमार, सचिव ज्ञानेश्वर प्रसाद जायसवाल, संगठन सचिव अभय कुमार, संयुक्त सचिव संजय कुमार सिंह तथा उपाध्यक्ष लक्ष्मण प्रसाद ने संयुक्त रूप से किया.

संघ के नेताओं ने भारत सरकार द्वारा लागू किये जा रहे ऑन इन फॉर्मेसी व्यवसाय को जनविरोधी बताया और कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण न केवल दवा व्यवसाय कुप्रभावित होगा,

बल्कि आम जनों को अवैध फाॅर्मेसी का शिकार होना पड़ेगा. नशीली दवाओं की बिक्री बढ़ेगी. गलत व खराब दवाओं का इस्तेमाल होगा. घटिया किस्म की दवाओं का कारोबार बढ़ेगा.

विरोध के कारणऑन लाइन फाॅर्मेसी व्यवसाय से बिना डॉक्टर के पुरजे के दवा बिकेगीघटिया किस्म की दवाओं का व्यवसाय बढ़ेगामिस ब्रांडेड एवं प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री बढ़ेगी पहले से शिड्यूल एम्स एवं एच वन में किये गये प्रावधानों का उल्लंघन होगा

रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर का कोई रिकाॅर्ड राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर सरकार के पास नहीं है रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर के द्वारा ही दवा लिखी जाती हैभ्रामक विज्ञापन और ऑन लाइन मार्केटिंग में प्रतिबंधित दवाओं का व्यवसाय बढ़ेगाडॉक्टर के पुरजे के बिना दवा बेचना नियम के खिलाफ हैनकली दवाओं का कारोबार भी बढ़ने की आशंकाहड़ताल का व्यापक असरशहर की प्रमुख दवा मंडी में हड़ताल का व्यापक असर रहा. दवा दुकानों का ताला बुधवार को नहीं खुला.

दिन भर दुकानें बंद रही. सभी व्यवसायी हड़ताल में शामिल रहे. शहर के नगरपालिका चौक, योगिनिया कोठी आदि स्थानों पर दवा दुकानें बंद रही. जिले के ग्रामीण इलाकों में भी हड़ताल का व्यापक प्रभाव पड़ा. हालांकि सदर अस्पताल के आस-पास कुछ दवा दुकानें खुली रहीं.

आपातकालीन मरीजों को खुदरा दवा व्यवसायियों ने जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध करायीं. क्या कहते हैं अध्यक्षऑन लाइन फाॅर्मेसी व्यवसाय लागू करने की केंद्र सरकार की नीति का हर हाल में विरोध जारी रहेगा और संघ के निर्णय के आलोक जिले के दवा व्यवसायी आंदोलन करने के लिए हमेशा तैयार रहेंगे. अभिषेक कुमारअध्यक्ष, सारण जिला औषधि विक्रेता संघ, सारण

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