पुलिस फायरिंग मामले में चार प्राथमिकियां

Published at :15 Oct 2013 10:14 PM (IST)
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पुलिस फायरिंग मामले में चार प्राथमिकियां

संवाददाता, छपरा (कोर्ट) डोरीगंज थाना क्षेत्र के कुतुबपुर बाजार में शुक्रवार की रात शराब पीने को लेकर चाट दुकानदार के साथ हुई मारपीट के बाद पुलिस एवं शराब बेचनेवालों के बीच झड़प एवं पुलिस फायरिंग में एक व्यक्ति की हुई मौत के मामले में अलग-अलग चार प्राथमिकियां दर्ज करायी गयी हैं. डोरीगंज थाने में हुई […]

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संवाददाता, छपरा (कोर्ट)
डोरीगंज थाना क्षेत्र के कुतुबपुर बाजार में शुक्रवार की रात शराब पीने को लेकर चाट दुकानदार के साथ हुई मारपीट के बाद पुलिस एवं शराब बेचनेवालों के बीच झड़प एवं पुलिस फायरिंग में एक व्यक्ति की हुई मौत के मामले में अलग-अलग चार प्राथमिकियां दर्ज करायी गयी हैं. डोरीगंज थाने में हुई प्राथमिकी चकिया निवासी झुरी राय के पुत्र सत्येंद्र राय ने दर्ज कराते हुए दयालचक के चार लोगों जब्बर सिंह, विमलेश सिंह, भीम सिंह, धुच्चू सिंह और चार-पांच अज्ञात को अभियुक्त बनाया है. आरोप में कहा है कि उपरोक्त लोग उसकी चाट की दुकान में शराब पीने लगे, जिसे मना करने पर गाली-गलौज व मारपीट करने लगे. उसे बचाने उसका भाई गोलू कुमार आया, तो सबों ने उसे गरम तेल के कड़ाही पर धकेल दिया, इसके बाद में ग्रामीण एवं पुलिस जुटी तथा मेरे भाई के उपचार के लिए स्थानीय चिकित्सक के पासे ले जाया गया. वहीं, दूसरी प्राथमिकी अवर निरीक्षक बाल कृष्ण सिंह ने दर्ज करायी है जिसमें कुतुबपुर निवासी सुरेंद्र सिंह को अभियुक्त बनाया गया है. आरोप में कहा गया कि उन्हें सूचना मिली कि सुरेंद्र सिंह अपनी गुमटी में परचुनिया सामान के साथ ही अवैध रूप से शराब भी बेचता है. सूचना पर पूजा के लिए तैनात दंडाधिकारी महेश प्रसाद सिंह के साथ सुरेंद्र सिंह की दुकान पर छापेमारी करने गया, तो वह ताला लगा भाग गया. गवाहों की उपस्थिति में ताला तोड़ा गया, तो दुकान में 15 लीटर देशी शराब और 200 एमएल का 50 पाउच रखा पाया. उसे जब्त कर वहां तीन पुलिसकर्मी विश्वामित्र यादव, जयकिशुन राम और रामप्रवेश राम को तैनात कर दिया गया. वहीं, तीसरी प्राथमिकी पुलिस संख्या 370 विश्वामित्र यादव ने दर्ज करायी है, जिसमें 40-50 अज्ञात ग्रामीणों को अभियुक्त बनाया गया है. आरोप में कहा है कि वह तथा उसके दो साथी दंडाधिकारी के आदेश पर सुरेंद्र सिंह की दुकान पर तैनात थे कि 40-50 की संख्या में लोग आये और हमला बोल दिया. मेरे दोनों साथी भाग खड़े हुए, परंतु मेरे पैर में कैसर होने के कारण मैं नहीं भाग सका और लोग लाठी, डंडा और रॉड से प्रहार करने लगे तथा मेरी इनसास राइफल छीन ली. पिटाई के कारण वह बेहोश हो गया, जिसे सदर अस्पताल में होश आया. वहीं, चौथी प्राथमिकी फायरिंग में मरे 35 वर्षीय सुनील पासवान के पिता लक्ष्मण मांझी ने दर्ज कराते हुए अज्ञात पुलिसकर्मी को अभियुक्त बनाया है. आरोप में कहा है कि उसका पुत्र दुर्गा भवन में हो रहे कार्यक्रम को देखने गया था, जहां सुरेंद्र सिंह की दुकान पर पुलिस और शराब बेचनेवाले के साथ मारपीट हो रही थी उसी में पुलिस द्वारा चलायी गयी गोली उसके पुत्र को लगी और तत्काल वहीं उसकी मौत हो गयी. पुलिस चारों मामले दर्ज कर सभी मामलों की छानबीन कर रही है.
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