पोस्टमार्टम कार्य को लेकर चिकित्सकों के बीच बढ़ा विवाद

सदर अस्पताल में इन दिनों पोस्टमार्टम कार्य को लेकर चिकित्सकों के बीच विवाद बढ़ गया है.एनेस्थेटिक चिकित्सक वरीय अधिकारियों के आदेश की अवहेलना खुलेआम कर रहे हैं. एनेस्थेटिक एवं सर्जन तथा मेडिसिन चिकित्सकों के दो समूहों के बीच जिम्मेदारी तय करने को लेकर लगातार सिविल सर्जन को ज्ञापन सौंपा जा रहा है.
एनेस्थीसिया विभाग के चिकित्सकों को सीएस व डीएस से मिला सख्त निर्देश दूसरे विभाग के चिकित्सकों ने कहा : दोहरी नीति के साथ नहीं चलेगा काम बढ़ते विवाद के बीच एनेस्थेटिक चिकित्सक अलोक कुमार का एक दिन का वेतन रोक दिया गया नोट, फोटो नंबर 11 सीएचपी 9 है, कैप्शन होगा- सदर अस्पताल का पोस्टमार्टम कक्ष प्रतिनिधि,छपरा.सदर अस्पताल में इन दिनों पोस्टमार्टम कार्य को लेकर चिकित्सकों के बीच विवाद बढ़ गया है.एनेस्थेटिक चिकित्सक वरीय अधिकारियों के आदेश की अवहेलना खुलेआम कर रहे हैं. एनेस्थेटिक एवं सर्जन तथा मेडिसिन चिकित्सकों के दो समूहों के बीच जिम्मेदारी तय करने को लेकर लगातार सिविल सर्जन को ज्ञापन सौंपा जा रहा है. जानकारी के अनुसार एनेस्थेटिक चिकित्सक डॉ आलोक, डॉ विकास कुमार और डॉ नलिन विलोचन ने पोस्टमार्टम कार्य करने में असहमति जतायी है. उनका कहना है कि यह कार्य उनकी विशेषज्ञता के दायरे में नहीं आता, इसलिए उन्हें इससे अलग रखा जाए. वहीं दूसरी ओर डॉ हरेंद्र कुमार, डॉ अश्विनी कुमार समेत अन्य चिकित्सकों ने इसका विरोध करते हुए इसे दोहरी नीति करार दिया है. उन्होंने सिविल सर्जन को दिये ज्ञापन में कहा है कि अस्पताल में पदस्थापित सभी चिकित्सा पदाधिकारियों पर पोस्टमार्टम की जिम्मेदारी समान रूप से लागू होती है, लेकिन कुछ चिकित्सक इससे बचने का प्रयास कर रहे हैं. एनेस्थेटिक चिकित्सक का एक दिन का वेतन रोक इस विवाद के बीच सिविल सर्जन व उपाधीक्षक के द्वारा कार्रवाई करते हुए एनेस्थेटिक चिकित्सक आलोक कुमार का एक दिन का वेतन रोक दिया गया. उपाधीक्षक डॉ केएम दुबे ने कहा कि आगे से अगर इन लोगों के द्वारा अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की जाती है तो इनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करते हुए बर्खास्त कर दिया जायेगा. उपाधीक्षक ने इस मामले में काफी सख्ती दिखायी है. उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम से संबंधित ऐसा कोई सरकारी सर्कुलर नहीं है, जिसमें एनेस्थेटिक चिकित्सकों को इससे छूट दी गयी हो. प्रशिक्षण लेने से भी किया गया इनकार पोस्टमार्टम संबंधित कार्य के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाना है. इसके लिए उपाधीक्षक के निर्देश पर एक कमेटी भी गठित की गयी है. हालांकि संबंधित चिकित्सकों द्वारा न केवल पोस्टमार्टम कार्य से इंकार किया गया, बल्कि प्रशिक्षण में भाग लेने से भी मना किया गया और अधिकारियों के आदेशों की लगातार अवहेलना की जा रही है. रोस्टर के हिसाब से ड्यूटी के दौरान अलोक कुमार के द्वारा मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया जा रहा है. जो की कार्य के प्रति लापरवाही को दर्शाता है.उनसे स्पस्टीकरण की भी मांग की गयी है. उन्हें 24 घंटे के अंदर अपना स्पस्टीकरण का जवाब उपाधीक्षक को देना है. क्या कहते हैं उपाधीक्षक पोस्टमार्टम से संबंधित ऐसा कोई सरकारी सर्कुलर नहीं है, जिसमें एनेस्थेटिक चिकित्सकों को इससे छूट दी गयी हो. अगर इन लोगों के द्वारा अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की जाती है तो इनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करते हुए बर्खास्त कर दिया जायेगा. डॉ केएम दुबे, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल
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