Education news from Samastipur:विलुप्त होती मिथिला के संस्कृति को बचाने की जरूरत : डा सुनील

Published by : ABHAY KUMAR Updated At : 25 May 2025 6:36 PM

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प्रशिक्षक मिथिला रत्न कृष्ण कुमार कन्हैया ने छात्राओं को गीत के माध्यम से मिथिला में पाहुन को गाली कैसे दिया जाता है सिखाया.

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Education news from Samastipur: पूसा : प्रखंड के शारदा सावित्री अनिल संगीत महाविद्यालय पूसारोड में चल रहे पांंच दिवसीय स्नेह लता सावित्री रंग मंच विवाह गीत कार्यशाला के दूसरे दिन वैदेही नगर डरोरी से आये प्रशिक्षक मिथिला रत्न कृष्ण कुमार कन्हैया ने छात्राओं को गीत के माध्यम से मिथिला में पाहुन को गाली कैसे दिया जाता है सिखाया. खड़े है आज मनमोहन सुनैना जी के आंगन में कोना के दिए गाली हे सिये साजन आदि गाकर छात्राओं को सिखाया. बताया कि भगवान श्रीरामचंद्र पाहुन बन कर के जब मिथिला में शादी करने के लिए आये तो मिथिला वासी उन्हें कैसे गाली देकर स्वागत किया. इसलिए गाली देने का अधिकार और सौभाग्य सिर्फ मिथिलावासी को ही है. मौके पर संगीतालय के मार्गदर्शक (गुरु) डॉ सुनील कुमार सिंह (बबलू) ने बताया कि इस तरह की कार्यशाला का आयोजन बड़े-बड़े शहर में होते रहता है. लेकिन गांव में पहली बार हो रहा है. उद्देश्य है कि गांव की बेटी आगे बढ़े और विलुप्त होते मिथिला की संस्कृति को बचाये. इसी कारण से इन्होंने यह कार्यशाला का आयोजन निःशुल्क कराया है. मौके पर संगीत महाविद्यालय के सचिव अरुण कुमार सिंह, दिवाकर झा शास्त्री, तबला वादक मनोरंजन झा, प्रभात कुमार तुलसी आदि मौजूद थे.

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