Samastipur News:अब स्नातक पास युवाओं को भी मिलेगा मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता

अब स्नातक पास युवाओं को भी मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का लाभ मिलेगा. शनिवार को इसका शुभारंभ किया गया.
Samastipur News:समस्तीपुर : अब स्नातक पास युवाओं को भी मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का लाभ मिलेगा. शनिवार को इसका शुभारंभ किया गया. समाहरणालय स्थित एनआइसी में इसका सीधा प्रसारण किया गया. मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत दो वर्षों तक के लिये 1000 रुपये प्रति माह मिलेगा. सुशासन के कार्यक्रम 2015-20 एवं राज्य सरकार के 7 निश्चय में से एक आर्थिक हल, युवाओं को बल के अन्तर्गत वितीय वर्ष 2016-17 से मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का कार्यान्वयन कराया जा रहा है. इस योजना के तहत बिहार राज्य के 20 से 25 वर्ष आयु वर्ग के 12वीं या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण बेरोजगार युवक व युवतियों जो आगे की पढ़ाई नहीं किये हों और ना ही कर रहे हों. को रोजगार तलाशने के दौरान सहायता भत्ता अधिकतम 2 वर्षों तक दिया जाता है. राज्य सरकार द्वारा सात निश्चय 2 कार्यक्रम में भी इस योजना को जारी रखते हुए वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक विस्तारित किया है. राज्य सरकार के सात निश्चय कार्यक्रम अन्तर्गत पूर्व से संचालित मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के लाभूकों के शैक्षणिक योग्यता में स्नातक (कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय से) उत्तीर्ण को भी शामिल किये जाने का निर्णय लिया गया है. अब उक्त योजना के तहत 20-25 वर्ष के आयु वर्ग में आने वाले वैसे युवक व युवतियां जो राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों तथा संस्थानों से स्नातक (कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय से) उत्तीर्ण हो एवं स्वरोजगार, सरकारी,निजी व गैर सरकारी नियोजन (अनुबंध,स्थायी तथा अस्थायी रुप से) प्राप्त नहीं किये है, कहीं अध्ययनरत नहीं है तथा रोजगार की तलाश कर रहे हैं, उन्हें भी 1000 रुपये प्रतिमाह की दर से अधिकतम 02 वर्षों तक इस योजना का लाभ दिया जायेगा. इस योजना के तहत स्नातक उत्तीर्ण युवक व युवतियों जो स्वयं सहायता भत्ता की राशि प्राप्त करेंगे, उनको रोजगार व स्वरोजगार के लिए क्षमतावर्धन हेतु श्रम संसाधन विभाग, बिहार द्वारा निःशुल्क कौशल विकास से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा. साथ ही बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के बेहतर क्रियान्वयन हेतु कतिपय संशोधन एवं नये प्रावधानों को जोड़े जाने के उपरान्त अधिकतम 4 लाख रुपये का शिक्षा ऋण सभी आवेदकों के लिए ब्याज रहित होना, 2 लाख रुपये तक ऋण को अधिकतम 80 मासिक किस्तों (5 वर्ष) से बढ़ाकर अधिकतम 84 मासिक किस्तों (7 वर्ष) में तथा 2 लाख के ऊपर ऋण राशि को 84 मासिक किस्तों (7 वर्ष) से बढ़ाकर अधिकतम 120 मासिक किस्तों (10 वर्ष) में वापस किया जाना, पाठ्यक्रम अवधि, मैरिटोरियम अवधि अथवा मासिक किस्त भुगतान की अवधि के दौरान मृत्यु पर ऋण माफी से संबंधित सुधार शामिल है. उक्त कार्यक्रम के अवसर पर एनआईसी सभाकक्ष से उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्त्ता, जिला योजना पदाधिकारी, जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी, नोडल पदाधिकारी, बिहार स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड योजना-सह-जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (योजना एवं लेखा), प्रबंधक, सहायक प्रबंधक एवं अन्य कर्मी जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र ने भाग लिया गया. इस कार्यक्रम में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्र-छात्राओं के साथ अन्य लाभुकों ने भी भाग लिया.
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