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घने कोहरे में लिपटा जिला, विजिबिलिटी 40 मीटर से भी कम रही

Updated at : 04 Jan 2025 11:16 PM (IST)
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घने कोहरे में लिपटा जिला, विजिबिलिटी 40 मीटर से भी कम रही

पूरा जिला शनिवार को घने कोहरे में सिमटा रहा. कोहने के कारण विजिबिलिटी 40 मीटर से भी कम रही.

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कनकनी बढ़ने से पूरे दिन घरों में दुबके रहे लोग

अधिकतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस रहा

समस्तीपुर : पूरा जिला शनिवार को घने कोहरे में सिमटा रहा. कोहने के कारण विजिबिलिटी 40 मीटर से भी कम रही. वहीं कहीं तो कहीं विजिबिलिटी 20 मीटर से भी कम रही. पूरे दिन घना कोहरा छाया रहा. पछिया हवा के कारण कनकनी भी खूब रही. कनकनी और कोहरे के कारण लोग घरों में ही दुबके रहे. बहुत जरूरी काम काज व ड्यूटी पर जाने वाले लोग ही अपने घरों से निकले. सड़कों पर वाहनों की रफ्तार बहुत अधिक धीमी रही. सुबह में भी वाहन चालक लाइट जलाकर ही वाहन चला रहे थे. सबसे अधिक एनएच से होकर गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी हुई. वैसे तो जिले में पिछले चार पांच दिनों से ठंड का कहर जारी है. लेकिन आज कोहरे व सर्द हवा के कारण परेशानी और बढ़ी रही. ग्रामीण क्षेत्रों में पूरे दिन लोग अलाव जलाकर आग सेकते रहे. वहीं शहरी क्षेत्रों में लोगों ने हीटर और ब्लोअर का सहारा लिया. डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के मौसम वैज्ञानिक डॉ. ए. सत्तार ने बताया कि वातावरण में अधिक नमी व सामान्य से कम तापमान के कारण कोहरे की स्थिति बनी है. वहीं, वातावरण में नमी तथा पछिया हवा के चलते कनकनी की स्थिति रही. शनिवार का अधिकतम तापमान सामान्य से 5.5 डिग्री सेल्सियस कम रहा है. अधिकतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस रहा. वहीं न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस कम रहा. सुबह 7 बजे में सापेक्ष आर्द्रता 99 प्रतिशत व दोपहर 2 बजे में 92 प्रतिशत रहा. वहीं 12.6 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से पछिया हवा चलती रही.

किसान फसलों को झुलसा रोग से बचायें

बदलीनुमा मौसम व वातावरण में नमी के कारण रबी फसलों पर झुलसा का खतरा है. डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. ए सत्तार ने कहा कि मौसम की इस स्थिति में यह बीमारी फसलों में काफी तेजी से फैलती है. वर्तमान मौसम में गाजर, मटर, टमाटर, धनियां, लहसून, आलू सहित अन्य रबी फसलों में किसान झुलसा रोग की निगरानी करें. इस रोग में फसलों की पत्तियों के किनारे व सिरे से झुलसना प्रारंभ होती है, जिसके कारण पूरा पौधा झुलस जाता है. इस रोग के लक्षण दिखने पर 2.5 ग्राम डाइथेन एम-45 फफूंदनाशक दवा का प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर समान रूप से फसल पर 2-3 छिड़काव 10 दिनों के अंतराल पर करें.

ठंड को देखते हुए स्कूलों को बंद करने की मांग

जिला राजद प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर ने जिला प्रशासन से कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिले के सभी सरकारी व निजी विद्यालय को बंद करने की मांग की है. कहा है कि ठंड का बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए उन्होंने स्कूलों को बंद करने की मांग की है. वहीं, जगह-जगह अलाव भी जलाने की मांग की है.

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