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sense of self esteem: युवाओं में विकसित होगी आत्म सम्मान की भावना

Updated at : 14 Sep 2024 11:23 PM (IST)
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sense of self esteem: युवाओं में विकसित होगी आत्म सम्मान की भावना

A feeling of self-respect will develop in the youth. बीइपी व यूनिसेफ के निर्देशन में जिले के वर्ग-6 से 8 तक के शिक्षकों के लिए एक दिवसीय गैर आवासीय सेल्फ स्टीम बेस्ड लाइफ स्किल प्रशिक्षण का आयोजन

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sense of self esteem समस्तीपुर : डाइट पूसा के सभागार में बीइपी व यूनिसेफ के निर्देशन में जिले के वर्ग-6 से 8 तक के शिक्षकों के लिए एक दिवसीय गैर आवासीय सेल्फ स्टीम बेस्ड लाइफ स्किल प्रशिक्षण के आयोजन उद्घाटन प्रशिक्षण कोऑर्डिनेटर मयूराक्षी मृणाल, मास्टर प्रशिक्षक रणजीत कुमार, सुभीत कुमार सिंह, सिंपल कुमारी, राकेश कुमार एवम रोहित कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया. शनिवार को आयोजित प्रशिक्षण में प्रखंड के नामित शिक्षकों ने भाग लिया. प्रशिक्षण में सम्मिलित शिक्षकों के ऑनलाइन निबंधन, चेतना सत्र, दीक्षा एप कोर्स की जानकारी एवं आपसी परिचय के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गयी. राज्य से प्रशिक्षण प्राप्त मास्टर ट्रेनर रणजीत कुमार एवं सुभीत कुमार सिंह ने बताया कि विद्यालय में अध्ययनरत छात्रों में सेल्फ स्टीम हाई रखने की आवश्यकता है. किशोरावस्था में बच्चों के जीवन कौशल को बेहतर बनाने,आत्म सम्मान विकसित करने एवम विभिन्न रुढ़िवादी परंपराओं से उत्पन्न हीन भावना को दूर करने में शिक्षकों की संवेदनशीलता के लिए इस प्रशिक्षण के गुर को सीखना आवश्यक है. विद्यालय में लिंग भेद, जेंडर समस्या के निदान व 21 वीं सदी में आलोचनात्मक सोच, रचनात्मक, सहयोग, संचार कौशल को बेहतर बनाने में सेल्फ स्टीम प्रशिक्षण सहायक सिद्ध होगा.

sense of self esteem: विद्यालय में लिंग भेद व जेंडर स्टीरियोटाइप के कारण ही छात्र,छात्राओं का आत्म विश्वास कमजोर होता है.

प्रशिक्षण में डिजिटल माध्यम से विषय आधारित छह कॉमिक बुक पर वीडियो दिखाकर किशोरों के खुद के शरीर की छवि, बॉडी इमेज, बॉडी टॉक से संबंधित किशोरों के मानसिक एवं शैक्षणिक विकास में आने वाली बाधा को दूर करने के संबंध में जानकारी दी गयी. प्रशिक्षक राकेश कुमार व सिंपल कुमारी ने बताया कि विद्यालय में लिंग भेद व जेंडर स्टीरियोटाइप के कारण ही छात्र,छात्राओं का आत्म विश्वास कमजोर होता है. शिक्षकों को इस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. प्रशिक्षण में शिक्षकों ने समूहवार विषय आधारित गतिविधि प्रस्तुत किया. अंत में प्रशिक्षण प्रभारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया. प्रशिक्षक ने बताया कि यह कार्यक्रम लिंग संबंधित रूढ़ियों, आदर्श रूप, मीडिया के आदर्श रूप, रूप-रंग की तुलना को समझना और शारीरिक बनावट से जुड़ी हानिकारक बातों को समझने व उन्हें चुनौती देने पर केंद्रित है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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