जिले में कई क्षेत्रों पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा

Updated at : 25 Jul 2019 1:26 AM (IST)
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जिले में कई क्षेत्रों पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा

बागमती हायाघाट में खतरे के निशान से 56 सेमी ऊपर बह रही, बूढ़ी गंडक समस्तीपुर में लाल निशान से 92 सेमी ऊपर बह रही समस्तीपुर : जिले में बागमती और बूढ़ी गंडक नदी बौरा गयी है़ दोनों नदियां लाल निशान से ऊपर बह रही है़ पिछले दो दिनों से जारी वर्षा के कारण स्थिति और […]

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बागमती हायाघाट में खतरे के निशान से 56 सेमी ऊपर बह रही,

बूढ़ी गंडक समस्तीपुर में लाल निशान से 92 सेमी ऊपर बह रही
समस्तीपुर : जिले में बागमती और बूढ़ी गंडक नदी बौरा गयी है़ दोनों नदियां लाल निशान से ऊपर बह रही है़ पिछले दो दिनों से जारी वर्षा के कारण स्थिति और बिगड़ने की संभावना जतायी जा रही है. बागमती नदी का जलस्तर हायाघाट में खतरे के निशान से 56 सेमी ऊपर है़ यहां नदी का जलस्तर 46.28 मीटर पर पहुंच चुका है.
जबकि खतरे का निशान 45.72 मीटर पर है़ बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर समस्तीपुर में खतरे के निशान से 92 सेमी ऊपर बह रहा है़ बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर रेलवे ब्रिज के पास 46.65 मीटर पर बह रहा है़ अब तक इस जगह नदी का सर्वाधिक जलस्तर 48.65 मीटर पर पहुंच चुका है़ नदी का जलस्तर ‍अगर और अधिक बढ़ता है तो समस्तीपुर शहर सहित कई क्षेत्रों पर बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो सकता है.
पिछले दिनों बूढ़ी गंडक नदी का स्लुईस गेट धरमपुर में रिसने लगा था़ हालांकि बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के अभियंताओं ने समय पर इसे दुरुस्त करा लिया़ हालांकि इस स्लुइस गेट से अब भी हल्का रिसाव जारी है. वर्षा का पानी जमा हो जाने से धरमपुर वार्ड एक में जलजमाव की स्थिति बन गयी है.
वहीं बुधवार को वारिसनगर के मथुरापुर पंचायत में अकबरपुर गांव के समीप स्लुइस गेट में रिसाव के कारण वार्ड संख्या 7 और 8 में पानी प्रवेश कर गया है़ बूढ़ी गंडक नदी के तटबंध पर शहरी क्षेत्र में जगह-जगह अतिक्रमणकारियों ने कब्जा जमा रखा है़ इससे भी तटबंध की स्थिति कमजोर बनी हुई है.
बूढ़ी गंडक नदी के तटबंधों पर हुये रेनकटों को भरने तथा उसकी सतत निगरानी का कार्य जारी है़ फ्लड फाइटिंग के लिये संवेदनशील जगहों पर बोरे में बालू भरकर रखा गया है. बावजूद बढ़ते जलस्तर को देख लोग भयभीत हैं. बूढ़ी गंडक नदी का तटबंध भी जिले में कई बार टूट चुका है. हाल के दिनों में वर्ष 2004 में कल्याणपुर प्रखंड के मोहनपुर के पास तटबंध टूटा था़ वर्ष 2007 में सोमनाहा के पास तटबंध टूटा था.
बागमती के बढ़े जलस्तर से हायाघाट-परना बांध पर बढ़ा दबाव : बागमती नदी का जलस्तर पिछले 19 जुलाई से लाल निशान से ऊपर बह रहा है़ नदी के बढ़े जलस्तर के कारण हायाघाट-परना बांध पर दबाव बढ़ता जा रहा है. यहां अभी जलस्तर 46.28 मीटर पर बह रहा है़ इस नदी का जलस्तर अबतक सबसे अधिक वर्ष 1987 में बढ़ा था.
उस वक्त इसका जलस्तर 48.96 मीटर पर पहुंच गया था. उसके बाद सुरक्षा के लिये बने हायाघाट- परना जीरोमाइल बांध जटमलपुर महादेव स्थान के पास टूट गया था़ कल्याणपुर, वारिसनगर, खानपुर, रोसड़ा, शिवाजीनगर, हसनपुर सहित कई इलाकों में प्रलयंकारी बाढ़ आ गयी थी़ जानमाल की काफी क्षति हुई थी.
उसके बाद यह तटबंट वर्ष 2000, 2002, 2004 तथा 2007 में टूटा था़ इधर हाल के वर्षों में तटबंध का सुदृढ़ीकरण किया गया है़ हालांकि इस बार भी तटबंध पर जल दबाव बना हुआ है़ तटबंध के भीतर बसे कलौजर, नामापुर, तीरा आदि पंचायत के निचले हिस्से में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है़ नामापुर, बघला, कलौजर आदि जाने वाले रास्ते पर भी बाढ़ का पानी चढ़ गया है.
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