परिजनों को ‘हैलो’ नहीं बोल पा रहे बंदी

Published at :25 Apr 2018 4:38 AM (IST)
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परिजनों को ‘हैलो’ नहीं बोल पा रहे बंदी

समस्तीपुर : मंडल कारा के बंदी अपने घरवालों से ‘हैलो’ नहीं बोल पा रहे हैं. बंदियों की सहूलियत के लिए कारा में लगे पीसीओ के लाभ से अबतक कुछेक प्रक्रियाओं के कारण वंचित है. कारा प्रशासन की तरफ से पीसीओ चालू करने की कोशिश जरूर हुई, लेकिन थाना स्तर से जांच पूरी नहीं होने के […]

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समस्तीपुर : मंडल कारा के बंदी अपने घरवालों से ‘हैलो’ नहीं बोल पा रहे हैं. बंदियों की सहूलियत के लिए कारा में लगे पीसीओ के लाभ से अबतक कुछेक प्रक्रियाओं के कारण वंचित है. कारा प्रशासन की तरफ से पीसीओ चालू करने की कोशिश जरूर हुई, लेकिन थाना स्तर से जांच पूरी नहीं होने के कारण प्रक्रिया अटकी हुई है.

पूर्व में दूरसंचार विभाग के कारण कई माह तक पीसीओ चालू करने में समस्या उत्पन्न हो रही थी. काराधीक्षक नंद किशोर रजक ने बताया कि दूरसंचार विभाग ने अपनी प्रक्रिया पूरी कर पीसीओ चालू कर दिया है. मंडल कारा के बंदियों को उनके परिजनों से उस नंबर पर बात कराया जायेगा, जो नंबर सत्यापित होगा. कॉलिंग सिस्टम के शुरू होने से पूर्व बंदियों को उनके सत्यापित मोबाइल नंबर की सूची तैयार की जायेगी. फिर जानकारी ली जायेगी कि जो नंबर दे रहे हैं वह आधार कार्ड से लिंक है या नहीं. उन्होंने बताया कि बंदी अपने परिजन, वकील व चिकित्सक से बात कर सकते हैं. इस निर्देश का ध्यान रखते हुए उन्हें मोबाइल नंबर देना है.

इस प्रक्रिया को पूरी करने के लिए थानाध्यक्षों को पत्र भेजा गया है. बंदियों से भी नंबर मांगे जा रहे हैं. सभी को जांच के लिए भेजा जायेगा. जांच होने के बाद पीसीओ शुरू कर दिये जायेंगे. पीसीओ बूथ में ऑटोमेटिक बातचीत रिकाॅर्डिंग की सुविधा है. बताते चलें कि बंदियों की सहूलियत व मुलाकातियों की भीड़ कम करने के लिए सरकार की ओर से पीसीओ बूथ लगाया गया है. मंडल कारा में बिहार प्रिजनर कॉलिंग सिस्टम के माध्यम से यह सुविधा विचाराधीन बंदी के लिए सरकार ने प्रदान की थी. उम्मीद जतायी जा रही है कि जल्द ही मंडल कारा में बंद विचाराधीन बंदी अपने परिजनों से बात कर सकेंगे. अपने परिवार के ताजा हालत की जानकारी ले सकेंगे.

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