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थाना में नहीं है हाजत और आवास की सुविधा, होती है परेशानी

Updated at : 12 May 2025 6:03 PM (IST)
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थाना में नहीं है हाजत और आवास की सुविधा, होती है परेशानी

थाना में नहीं है हाजत और आवास की सुविधा, होती है परेशानी

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कोसी काॅलोनी के जर्जर भवन में चल रहा है बैजनाथपुर थाना सौरबाजार . कोसी काॅलोनी के जर्जर भवन में चल रहे जिला के बैजनाथपुर थाना में सुविधाओं का घोर अभाव है. यहां गिरफ्तार कर लाये गये कैदियों को रखने के लिए हाजत तक नहीं है. जिसके कारण गिरफ्तारी के बाद अपराधियों और वारंटियों को कोसी काॅलोनी के ही एक कमरे में रखा जाता है. दो कमरे वाले इस भवन के एक कमरे में थाना का कार्यकाल चलता है और एक कमरे में गिरफ्तार कर लाये गये मुजरिमों को रखा जाता है. यहां आधा दर्जन से अधिक पुलिस अधिकारी, दो दर्जन से अधिक महिला और पुरुष सिपाही और एक दर्जन से अधिक ग्रामीण पुलिस कार्यरत हैं. जिसके लिए आवास की भी कोई सुविधा नहीं है. कोसी काॅलोनी के जर्जर कमरे की साफ-सफाई कर किसी तरह पुलिस के जवान और अधिकारी इनमें रह रहे हैं. पेयजल और शौचालय की सुविधा भी नदारद है, जिसके कारण यहां कार्यरत कर्मियों के अतिरिक्त थाना आने वाले फरियादियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कई मायने में महत्वपूर्ण है बैजनाथपुर थाना सहरसा-मधेपुरा मुख्य मार्ग एनएच के किनारे बैजनाथपुर में स्थित यह थाना कई मायने से महत्वपूर्ण माना जाता है. तीन ओर से यह मधेपुरा जिला के सीमा से सटा है. जिसके कारण अंतर जिला और स्थानीय अपराध कर्मियों द्वारा सीमावर्ती एरिया को आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के लिए चिन्हित किया जाता है. साथ ही सड़क दुघर्टना यहां बराबर होती रहती है. आधा दर्जन पेट्रोल पंप, दो बैंक शाखा, रेलवे स्टेशन, आधा दर्जन से अधिक छोटे बड़े चौक चौराहे समेत कई प्रतिष्ठान की सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी इस थाना को रखनी होती है. कई बार सबैला चौक समेत अन्य सीमावर्ती एरिया में सड़क दुघर्टना और आपराधिक घटना के बाद सीमा-विवाद में दोनों जिला की पुलिस उलझी रहती है. सहरसा नगर निगम का वार्ड नंबर 22 और 23 बैजनाथपुर के अतिरिक्त गम्हरिया,तीरी और खजुरी पंचायत की लगभग 50 हजार की आबादी की सुरक्षा व्यवस्था और विधि-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाला यह थाना खुद सुविधाओं का दंश झेल रहा है. कुछ दिन पहले इस थाना के लिए बैजनाथपुर पेपर मिल से पश्चिम तिलावे नदी किनारे जमीन चिह्नित कर भवन निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू की गयी. लेकिन यह जगह इन चारों पंचायत से अलग सहरसा सदर थाना के सीमावर्ती एरिया में पड़ने के कारण कुछ लोगों द्वारा आपत्ति की गई कि इस थाना को बैजनाथपुर चौक के आसपास होनी चाहिए या नहीं तो जहां चल रहा है, वहीं सिंचाई विभाग से एनओसी लेकर भवन बनाया जाये. साथ हीं कुछ और तकनीकी अड़चन आने के कारण भवन निर्माण का काम रोक दिया गया है. मालूम हो कि यह थाना पहले ओपी के रूप में बैजनाथपुर चौक स्थित जिला परिषद की जमीन में बने बस पड़ाव के लिए बनाए गये शेड में चल रहा था जहां जगह की कमी के कारण और एनएच चौड़ीकरण के कारण उसे बैजनाथपुर में ही पटेल चौक के पास कोसी काॅलोनी में शिफ्ट कर दिया गया. जहां ओपी से यह थाना बन गया है. मामले में थानाध्यक्ष अमरज्योति ने बताया कि भवन के अभाव में समस्या होती है, विभाग के वरीय पदाधिकारी को अवगत कराया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Dipankar Shriwastaw

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