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कृषि व संबद्ध क्षेत्र में चलायी जा रही महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर पहुंचाना है मुख्य उद्देश्यः डीएम

Updated at : 22 May 2025 6:04 PM (IST)
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कृषि व संबद्ध क्षेत्र में चलायी जा रही महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर पहुंचाना है मुख्य उद्देश्यः डीएम

धरातल पर पहुंचाना है मुख्य उद्देश्यः डीएम

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जिला स्तरीय शारदीय खरीफ कर्मशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन सहरसा . जिला स्तरीय शारदीय खरीफ कर्मशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार को प्रेक्षागृह में किया गया. कार्यशाला का उद्घाटन जिलाधिकारी वैभव चौधरी, सहरसा, उप निदेशक शष्य प्रक्षेत्र बिहार डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव, जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक आत्मा संजय कुमार, मंडन भारती कृषि महाविद्यालय अगवानपुर के प्रो.डॉ रेयाज अहमद, वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान कृषि विज्ञान केंद्र अगवानपुर डॉ अरविंद कुमार सिन्हा, मो नदीम अख्तर, कनीय वैज्ञानिक डॉ.सुभाशीष प्रहिराज, परामर्शी जिला कृषि कार्यालय डॉ मनोज सिंह, जिला मत्स्य पदाधिकारी सुबोध कुमार, जिला वन पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, सहायक निदेशक पौधा संरक्षण, नवीन कुमार नवनीत, सहायक निदेशक कृषि अभियंत्रण नवीन कुमार नवनीत, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सदर ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सिमरी बख्तियारपुर आनंद चौधरी, सहायक निदेशक प्रक्षेत्र ऋषि रंजन, उप परियोजना निदेशक आत्मा राजेश कुमार सहित अन्य ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कार्यक्रम को संबोधित करते जिलाधिकारी ने सभी कर्मियों का आह्वान किया कि जिला कृषि प्रधान जिला है. हमारा मुख्य उद्देश्य कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में चलायी जा रही महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर पहुंचाना है. कृषि का अर्थ केवल खाद्य के लिए उत्पादन करना ही नहीं. बल्कि संबंधित क्षेत्र में व्यवसाय एवं विपणन के लिए भी कार्य करना है. जिसके महत्वपूर्ण अवयव आप सब हैं. आज के दिन में विकास कितना भी कर लें, लेकिन खेती हमेशा ही महत्वपूर्ण रहेगी. आज भी 70 प्रतिशत आमदनी खेती व खेती से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त हो रही है. उन्होंने सभी संबंधित कर्मियों से आह्वान किया कि तकनीकी पहलुओं की जानकारी सुदूर क्षेत्र में बैठे किसानों को दें. जिससे उनकी आमदनी बढ़ाई जा सके. कृषि के क्षेत्र में हो रहे व्यापक बदलाव के बारे में जानकारी दी. जिला कृषि पदाधिकारी ने खरीफ मौसम में चलायी जा रही विभिन्न योजना मुख्यमंत्री तीव्र बीज विस्तार योजना एवं अनुदानित दर पर बीज वितरण की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तीव्र बीज विस्तार योजना के तहत एक राजस्व ग्राम से धान बीज के लिए अधिकतम दो किसानों को प्रति किसान छह किलोग्राम आधार बीज आधा एकड़ के लिए 90 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है. अनुदानित दर पर 10 वर्ष से कम आयु के प्रभेदों का बीज एक किसान को पांच एकड़ के लिए अधिकतम 60 किलोग्राम बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है. सभी संबंधित कृषि कर्मी को बताया गया कि पंचायतवार धान बीज वितरण के लिए लक्ष्य आवंटित किया गया. जिस आलोक में बीआरबीएन अधिकृत बीज विक्रेता द्वारा सभी प्रखंडों में वितरण के लिए धान बीज है. सभी कृषि कर्मियों से आह्वान किया गया कि कृषि कार्य समयबद्ध होता है. समय पर किसानों को बीज उपलब्ध कराने से फसल उत्पादकता भी बढ़ती है. सभी कर्मी को निदेश दिया कि अधिकाधिक प्रचार-प्रसार कर ऑनलाइन आवेदन के लिए वेबसाइट पर जाकर किसान पंजीयन नम्बर आधारित आवेदन किया जा सकता है. उप निदेशक शष्य प्रक्षेत्र बिहार डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया गया कि मुख्य योजना मिलेट्स व मक्का के क्षेत्र में वृद्धि करना है. साथ ही धान की उत्पादन व उत्पादकता बढ़ाने के लिए समय से बुआई, सिंचाई, जीरोटिलेज व सीड ड्रिल के उपयोग का व्यापक प्रचार-प्रसार, जैविक खेती एवं जलवायु अनुकूल कृषि एवं विभागीय अन्य योजनाओं की संक्षिप्त जानकारी दी. उन्होंने सभी कर्मियों का आह्वान किया कि अपने-अपने क्षेत्र में जाकर व्यापक प्रचार-प्रसार करते अधिकाधिक नवीनतम जानकारी उपलब्ध करायें. जिससे सभी किसान तकनीकी ज्ञान से कम व्यय में अधिक गुणवत्तापूर्ण उत्पादन कर अपने सामाजिक एवं आर्थिक जीवनशैली में अपेक्षित सुधार ला सके. प्रोफेसर मंडन भारती कृषि महाविद्यालय अगवानपुर डॉ रेयाज अहमद ने बताया कि कृषि एक महत्वपूर्ण विषय है. इस जिला में कृषि से संबंधित एक महाविद्यालय है. जहां विभिन्न विषयों के व्याख्याता द्वारा कृषि की पढ़ाई की जाती है. उन्होंने फसल उत्पादन के साथ-साथ मधुमक्खी पालन, मसरूम का उत्पादन के संबंध में कृषकों को प्रशिक्षित करते अधिक से अधिक उत्पादन करने के लिए जागरूक करने की बात कही. जिससे किसानों की आमदनी को बढ़ाया जा सके. वहीं कार्यशाला में डॉ सुभाशीष प्रहिराज, मो नदीम अख्तर ने मिट्टी की उर्वरता एवं फसल प्रबंधन के बारे में विस्तृत जानकारी दी. कार्यक्रम में सभी प्रखंडों के प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक एवं किसान सलाहकार ने भाग लिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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