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शहरी क्षेत्र के किसी भी घर में नहीं टपका नल का जल

Updated at : 22 Aug 2024 9:20 PM (IST)
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शहरी क्षेत्र के किसी भी घर में नहीं टपका नल का जल

शहरी क्षेत्र के किसी भी घर में नहीं टपका नल का जल

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डेडलाइन के चार साल बीते, सिर्फ आश्वासनों के सहारे चल रहा विभाग चार वर्षों में सरजमीन पर 30 प्रतिशत भी नहीं दिख रहा काम कार्यपालक अभियंता बुडको ने कहा- निर्धारित लक्ष्य का 60 प्रतिशत काम पूरा सहरसा . मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी योजना हर घर नल का जल कार्यक्रम जिले में अभी तक सफल नहीं हो पायी है. जबकि बुडको जल परिषद द्वारा पिछले एक वर्ष से डायरेक्ट पानी सप्लाई की बात कही जा रही है. लेकिन यह आश्वासन भी टांय-टांय फिस्स साबित हो रहा है. शहरी क्षेत्र के 46 वार्डों में शायद ही कोई वार्ड है, जहां के लोग नल के पानी का उपयोग कर रहे हैं. लोग आज भी स्वच्छ पानी से वंचित हैं. विभागीय आश्वासन कोरे साबित हुए हैं. शहरी क्षेत्र में सार्वजनिक जगहों पर लगाये गये नलके सिर्फ शो पीस बने हैं. लोग पानी के लिए चापाकल का उपयोग कर रहे हैं. इस योजना के तहत पूरे जिले में आधे-अधूरे काम ही किये गये हैं. 2020 तक ही निर्माण होना था पूरा पीएचइडी द्वारा जहां ग्रामीण क्षेत्रों में काम कराया जा रहा है. वहीं बुडको जल परिषद द्वारा शहरी क्षेत्र में हर घर नल का जल पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है. पिछले लगभग चार वर्षों से इस योजना के तहत कार्य शुरू किया गया है, जो अब तक पूर्ण नहीं हो सका है. खासकर शहरी क्षेत्र में एक बूंद पानी अब तक किसी घर में नहीं आ सका है. शहरी क्षेत्र में वाटर स्टोरेज के लिए पांच जगह टावर का निर्माण किया जाना है. उनमें से एक भी टावर पूरी तरह से सप्लाई के लिए तैयार नहीं हो पाया है. कुछ जगहों पर निर्माण कार्य तक शुरू नहीं हुआ है. शहरी क्षेत्र में 96 करोड़ से अधिक की लागत से मार्च 2020 तक निर्माण कार्य पूर्ण करने का समय निर्धारित किया गया था. लेकिन यह कार्य धरातल पर अभी पूरी तरह अधूरा है. कहीं पाइप है तो कनेक्शन नहीं, कहीं खोद रहे गड्ढे विभागीय सुस्ती के कारण ना तो प्रत्येक वार्ड में पूरी तरह कनेक्शन हो पाया है. ना ही वाटर टावर का निर्माण कार्य पूर्ण हो सका है. शहरी क्षेत्र में धरातल पर 30 प्रतिशत भी काम पूरा नहीं दिख रहा है. कही पाइप गड़ गया है, तो कनेक्शन पूरा नहीं किया गया है. कहीं सिर्फ गड्ढे खोदे जा रहे हैं. ऐसे में डायरेक्ट पानी सप्लाई करने से भी अधिकांश लोगों को लाभ नहीं मिल पायेगा. लोग स्वच्छ जल से वंचित ही रहेंगे. जबकि विभाग 60 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण होने की बात कह रहा है. जो सरजमीन पर किसी वार्ड में भी नहीं है. सिर्फ कागजी खानापूर्ति की जा रही है. अधिकारियों का निरीक्षण भी सिर्फ उन जगहों पर होता है, जहां कार्य थोड़ा अधिक किया गया है. छह में से सिर्फ दो टावर हुए हैं पूरे शहरी क्षेत्र के 46 वार्डों में पानी सप्लाई को लेकर बुडको जल पार्षद द्वारा जिन टावरों का निर्माण कराया जाना है, उनमें शिवपुरी ढाला कोल्ड स्टोरेज के निकट एवं सिमराहा में निर्माण कार्य पूर्ण बताया जा रहा है. जबकि पूरब बाजार एवं बाबाजी कुटी कहरा के निकट निर्माण कार्य आज भी अधूरा है. वहीं बस्ती पोखर एवं डुमरैल में जमीन विवाद व टेक्निकल कठिनाई की वजह से काम शुरू तक नहीं किया गया है. ऐसे में पानी सप्लाई करना आज भी कठिन दिख रहा है. 16 हजार घरों में हो रही वाटर सप्लाई : ईई शहरी क्षेत्र में मिले लक्ष्य का लगभग 60 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है. शेष बचे लक्ष्य को एक से दो महीने में पूरा कर लिया जायेगा. जिस समय योजना स्वीकृत की गयी थी, उस समय 20 से 22 हजार घरों में कनेक्शन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. 15 से 16 हजार घरों में पानी सप्लाई शुरू कर दिया गया है. शेष लगभग छह हजार घरों में एक से दो महीने में नल से जल की सप्लाई शुरू कर दी जायेगी. शेष छूटे घरों के लिए सर्वे का काम किया जा रहा है. दूसरे चरण में इसके लिए काम होगा. डीपीआर तैयार कर विभाग को भेजा जायेगा. स्वीकृति के बाद शेष छूटे घरों में कनेक्शन लगा दिया जायेगा. शहरी क्षेत्र में दो टावर बनकर तैयार हो चुके हैं. दो टावरों का निर्माण तेज गति से जारी है. जबकि दो टावर निर्माण कार्य विवादों के कारण शुरू नहीं हो पाया है. – संजय कुमार, कार्यपालक अभियंता, बुडको जल परिषद

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