अनुपयोगी बीज पर अनुदान उपलब्ध करवाये जाने पर सवाल
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 05 Jul 2024 5:55 PM
अनुपयोगी बीज पर अनुदान उपलब्ध करवाये जाने पर सवाल
जिप सदस्य डॉ मिथिलेश राणा ने डीएम सहित उच्चाधिकारियों को दिया आवेदन समस्या का करें समाधान, किसानों को हो रही परेशानी पतरघट. जिप सदस्य डॉ मिथिलेश राणा उर्फ मुन्ना यादव ने डीएम, जिला कृषि पदाधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारियों को आवेदन देकर कृषि विभाग द्वारा क्षेत्र के किसानों को अनुपयोगी बीज पर अनुदान उपलब्ध करवाये जाने पर सवाल उठाते हुए समस्या से अवगत कराया है. साथ ही किसानों के हित में निदान की मांग की है. आवेदन में उन्होंने कहा है कि अभी किसानों को खरीफ 2024 में धान बीज अनुदानित दर पर दिया जा रहा है. जिसमें स्वर्णा, सब सबौर, संपन्न व अन्य शामिल हैं. उन्होंने कहा है कि उक्त प्रजाति 140 से 155 दिनों में तैयार होता है. जबकि जिला के किसान रबी मौसम में नगदी फसल, सब्जी व मक्का की खेती करते हैं. इसलिए जिले के किसान खरीफ में कम अवधि के शंकर प्रजाति के धान की खेती करते हैं. जबकि जो धान बीज वर्तमान में किसानों को दिया जा रहा है, वह बीज किसान खेत में नहीं लगाता है. अगर खेत में लगा भी देता हैं तो उपज नहीं होती है. इस तरह का अनुपयोगी बीज पिछले कई वर्षों से किसानों को दिया जा रहा है. किसान सरकारी बीज नहीं लेना चाहते हैं. कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मी द्वारा विभिन्न प्रकार का दबाव देकर किसानों को बीज दिलवाया जाता है. किसान जिसका उपयोग बीज के रूप में नहीं करके अन्य कार्य में करते हैं. इस वर्ष खरीफ योजना में शंकर मक्का प्रभेद अनुदानित दर व प्रत्यक्षण में भी बहुत अधिक मात्रा में दिया जा रहा है. मालूम हो कि किसान रबी के मौसम में शंकर प्रभेद के मक्का की खेती करते हैं. खरीफ मौसम में बहुत कम मात्रा में घरेलू बीज का उपयोग चारा के रूप में मक्का के खेती के रूप में की जाती है. इस योजना में जो भी शंकर प्रभेद बीज विभाग द्वारा दिया जा रहा है. उसका मूल्य बाजार में उपलब्ध बीज से बहुत अधिक है. इस समस्या को देखते हुए किसानों को कम अवधि की शंकर धान प्रभेद बीज उपलब्ध कराने की मांग की है. साथ ही शंकर प्रभेद के मक्का बीज बाजार मूल्य से कम में रबी के मौसम में उपलब्ध कराने सहित वर्तमान में जो प्रखंडों में धान एवं मक्का का बीज उपलब्ध कराया गया है, उसे वापस लेने की मांग की है. उन्होंने आवेदन की प्रतिलिपि संयुक्त निदेशक (शष्य) सहरसा प्रमंडल, कृषि निदेशक बिहार सरकार, सचिव कृषि विभाग बिहार सहित अन्य को भी दिया है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










