प्राकृतिक खेती से किसान बनेंगे आत्मनिर्भर, अगवानपुर में कार्यशाला आयोजित

कार्यशाला में किसानों को जानकारी देते कृषि वैज्ञानिक एवं अन्य अतिथि.
Natural Farming Workshop: किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने और रसायन मुक्त कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि महाविद्यालय अगवानपुर में प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक खेती की वैज्ञानिक तकनीकों, कम लागत में बेहतर उत्पादन और मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के उपायों की जानकारी दी.
सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट:
Natural Farming Workshop: सहरसा स्थित कृषि महाविद्यालय अगवानपुर में आत्मा एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को रसायन मुक्त खेती के प्रति जागरूक करना तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना था.
कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक खेती के लाभ, मिट्टी की गुणवत्ता संरक्षण, जैविक संसाधनों के उपयोग और कम लागत में बेहतर उत्पादन की तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की. किसानों को बताया गया कि प्राकृतिक खेती न केवल उत्पादन लागत कम करती है, बल्कि भूमि की उर्वरा शक्ति को भी लंबे समय तक सुरक्षित रखती है.
किसानों के लिए लाभकारी है प्राकृतिक खेती
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष साजन शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. प्राकृतिक खेती किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजीव रंजन साह ने कहा कि प्राकृतिक खेती हमारी पारंपरिक कृषि पद्धतियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने का माध्यम है. इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा.
वैज्ञानिकों ने बताये प्राकृतिक खेती के फायदे
वरीय कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार सिन्हा ने कहा कि प्राकृतिक खेती से भूमि की गुणवत्ता बनी रहती है और उत्पादन की गुणवत्ता में भी सुधार होता है. उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक विधियों के साथ प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया.
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को जैविक खाद, जीवामृत, बीज उपचार और प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दीं.
कई पदाधिकारी और वैज्ञानिक रहे मौजूद
कार्यशाला में केवीके वैज्ञानिक नदीम अख्तर, आत्मा के उप परियोजना निदेशक सुशांत सौरभ, लेखापाल पंकज पराशर, भाजपा प्रवक्ता अभिषेक पांडेय, मीडिया प्रभारी सुमित सिन्हा, नीरज शर्मा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.
कार्यक्रम के दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई और उन्हें रसायन मुक्त कृषि अपनाकर टिकाऊ खेती की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया.
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By Shruti Kumari
श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।
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