भवन के अभाव में आज भी मंदिर के बरामदे और झोपड़ी में पढ़ते हैं सरकारी विद्यालय के बच्चे

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निजी घरों के बरामदे पर बैठे कन्या प्राथमिक विद्यालय खजुरी के बच्चे

विद्यालय को अपनी जमीन उपलब्ध रहने के बावजूद भी भवन नहीं बन पा रहा है. जिसके कारण बच्चों को पढ़ने और शिक्षकों को पढ़ाने में भारी परेशानी होती है.

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सौरबाजार सहरसा से छत्री कुमार: सरकार शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की पूरी कोशिश कर रही है लेकिन विभागीय अधिकारियों और कर्मियों की उदासीनता के कारण धरातल पर अब भी कई सरकारी स्कूलों में भी पढ़ाई तो दूर की बात, न भवन है न ही बच्चों को बैठने की व्यवस्था. जिसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है. सहरसा जिला के सौरबाजार प्रखंड में अब भी कई सरकारी विद्यालय बिना भवन के कहीं मंदिर के बरामदे पर तो कहीं ग्रामीणों द्वारा तैयार की गई झोपड़ी में चलता है.

बरसात और ठंड के समय बच्चे नहीं आते हैं विद्यालय:

खजुरी पंचायत में संचालित कन्या प्राथमिक विद्यालय वर्षों से बिना भवन के संचालित हो रहे हैं, यहां बच्चे सहजनाथ शिव मंदिर के बरामदे और पंचायत कार्यालय के बरामदे पर किसी तरह बैठते हैं. भीषण गर्मी, बरसात और ठंढ़ी के समय बच्चे खुद विद्यालय आना छोड़ देते हैं. क्योंकि इस समय विद्यालय में उन्हें बैठने की व्यवस्था नहीं रहती है. इस विद्यालय में 15 शिक्षक–शिक्षिका और लगभग 350 छात्र–छात्राएं नामांकित हैं. यहां पढ़ने वाले ज्यादातर बच्चे अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक समुदाय के है.

अभिभावकों और ग्रामीणों द्वारा कई बार विद्यालय के भवन निर्माण करने की मांग की गई:

यहां के स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों द्वारा कई बार इस विद्यालय के भवन निर्माण करने की मांग जिला से राज्य स्तर के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मौखिक और लिखित रूप से की गई. लेकिन कोई ठोस कदम अबतक नहीं उठाया जा सका है. विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पूजा चंदन के अनुसार इस विद्यालय की स्थापना लगभग 25 वर्ष पूर्व हुई है. तब से यह मंदिर के बरामदा या अगल बगल के लोगों के बरामदा पर चल रहा है. विद्यालय को अपनी जमीन उपलब्ध रहने के बावजूद भी भवन नहीं बन पा रहा है. जिसके कारण बच्चों को पढ़ने और शिक्षकों को पढ़ाने में भारी परेशानी होती है. वहीं कांप पूर्वी पंचायत स्थित एनपीएस रमनगरा भी ग्रामीणों के सहयोग से बनी झोपड़ी में चलता है. जहां बिजली, पानी समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं रहने के कारण बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

क्या कहते हैं अधिकारी:

सौरबाजार के प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नरेंद्र कुमार निराला ने बताया कि कांप पूर्वी पंचायत में संचालित एनपीएस का भवन निर्माण प्रगति पर है और खजुरी पंचायत में संचालित कन्या प्राथमिक विद्यालय के भवन निर्माण के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है.

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दिव्यांशु प्रशांत

लेखक के बारे में

By दिव्यांशु प्रशांत

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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