मनरेगा से बनाये गये कचरा प्रबंधन इकाई ने बदल दी गांव की तस्वीर
Updated at : 19 Jul 2025 6:41 PM (IST)
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जिले के सौरबाजार प्रखंड के ग्राम पंचायत कढ़ैया में कचरा को इकट्ठा कर प्रबंधन की व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण ग्रामवासियों द्वारा यत्र-तत्र कचरा फेंक दिया जाता था.
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स्वच्छता के प्रति ग्रामवासी हुए जागरूक
सहरसा. जिले के सौरबाजार प्रखंड के ग्राम पंचायत कढ़ैया में कचरा को इकट्ठा कर प्रबंधन की व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण ग्रामवासियों द्वारा यत्र-तत्र कचरा फेंक दिया जाता था. इससे विभिन्न प्रकार की बीमारी फैलने की आशंका बनी रहती थी. सरकार द्वारा साफ-सफाई के प्रति जागरूकता अभियान चलाकर ग्राम वासियों को जागरूक किया गया. ग्राम पंचायत कढ़ैया में हुए ग्राम सभा द्वारा अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई का निर्माण कराने का निर्णय लिया गया. मनरेगा द्वारा प्रखंड सौरबाजार के ग्राम पंचायत कढ़ैया में अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई का निर्माण कार्य मई 2022 में शुरू कराया गया. इसमें कुल लागत छह लाख 28 हजार 113.28 रुपये सामग्री पर एवं 61 हजार 950 रुपये मजदूरी पर व्यय किया गया. निर्माण कार्य में कुल 295 मानव दिवस सृजित किया गया. मनरेगा श्रमिकों के मेहनत से अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया.अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई से लोग हो रहे लाभान्वित
कढ़ैया पंचायत के स्थानीय निवासी यत्र-तत्र फेंके जाने वाले कूड़ा-कचरा को अब वर्गीकृत कर रखते हैं. इससे अब गांव के गली, मुहल्ला काफी साफ सुथरा रहता है. मनरेगा द्वारा अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई बनने से यहां के निवासी काफी जागरूक हुए एवं अपने घरों के आसपास साफ सुथरा रखने में काफी सहयोग करते हैं. ग्राम पंचायत कढ़ैया में विभिन्न वार्डों के स्वच्छता कर्मी स्थानीय निवासी द्वारा रखे गये कूड़ा-कचरा को घर-घर जाकर ठेला एवं रिक्सा पर बने अलग-अलग कूड़ादान में रखते हैं. वार्ड के सभी घरों से इकट्ठा किये गये कचरा को ग्राम पंचायत कढ़ैया में बने अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई में लाया जाता है. स्वच्छता कर्मियों द्वारा वर्गीकृत कर लाये गये कूड़ा-कचरा को अलग-अलग बने टैंक में रखा जाता है. गीला कचरा को नेडेफ टैंक में रखा जाता है एवं सूखा कचरा प्लास्टिक, लकड़ी एवं कपड़ा को अलग अलग बने टैंक में रखा जाता है. अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई में गीला कचरा से जैविक खाद बनाया जाता है. जिसका उपयोग स्थानीय निवासी अपने-अपने खेतों में जैविक खाद के के रूप में करते हैं. जिससे उनके खेतों की पैदावार पहले से अधिक हुई है. साथ ही सूखा कचरा को बाजार में बेच दिया जाता है, जिससे होने वाले राजस्व का उपयोग ग्राम पंचायत द्वारा अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई के वस्तुओं के रखरखाव में व्यय किया जाता है.पंचायतवासियों में सफाई के प्रति बढ़ी जागरूकता
मनरेगा द्वारा अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई का निर्माण कार्य कढ़ैया में कराये जाने से पंचायतों के लोगों का साफ-सफाई के प्रति काफी जागरूकता बढ़ी है. यहां के लोग अपने घरों के आस-पास गंदगी नहीं फैलाते हैं. यहां के लोगों का कहना है कि अब गांव में प्रदूषण से फैलने वाली बीमारी से बचे रहेंगे. साथ ही गांव के लोग समय समय पर स्वच्छता के प्रति जागरूक भी करते हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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