मात्र 33 रुपये में बनाते हैं खाना

Published at :25 Jan 2014 1:17 AM (IST)
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मात्र 33 रुपये में बनाते हैं खाना

सहरसा: प्रमंडलीय मिड डे मिल वर्क्‍स यूनियन के सदस्यों ने दस सूत्री मांगों को लेकर शुक्रवार को आयुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया. सुरक्षा व्यवस्था नहीं रहने के कारण सभी प्रदर्शनकारी आयुक्त कार्यालय में प्रवेश कर गये और सरकार व जिला प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की. बाद में पहुंचे एएसपी डॉ दिलीप कुमार मिश्र, इंस्पेक्टर सूर्यकांत […]

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सहरसा: प्रमंडलीय मिड डे मिल वर्क्‍स यूनियन के सदस्यों ने दस सूत्री मांगों को लेकर शुक्रवार को आयुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया. सुरक्षा व्यवस्था नहीं रहने के कारण सभी प्रदर्शनकारी आयुक्त कार्यालय में प्रवेश कर गये और सरकार व जिला प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की. बाद में पहुंचे एएसपी डॉ दिलीप कुमार मिश्र, इंस्पेक्टर सूर्यकांत चौबे व सदर थानाध्यक्ष चंदन कुमार के काफी समझाने के बाद प्रदर्शनकारी बाहर निकले. इससे पूर्व सहरसा जंक्शन से तीनों जिलों के रसोइया जुलूस की शक्ल में शहर का भ्रमण कर आयुक्त कार्यालय पहुंचे.

प्रदर्शनकारियों ने आयुक्त कार्यालय के सामने सड़क पर बैठ अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 33 रुपया प्रति दिन की दर से हमलोगों को मानदेय दिया जा रहा है, जो गलत है. मजदूर भी तीन सौ से कम में मजदूरी नहीं करता है. आखिर हमलोगों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है. प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते मुख्य संरक्षक विनोद कुमार ने कहा कि सरकार के द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से भी कम मजदूरी पर इनलोगों से काम लिया जा रहा है. यदि मध्याह्न् भोजन में कोई गड़बड़ी होती है, तो बिना किसी पूछताछ के इनलोगों पर ही कार्रवाई की जाती है. उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार गरीबी हटाने की बात कहती है. दूसरी तरफ निर्धारित मजदूरी से भी कम में काम लिया जा रहा है. जिसे बरदाश्त नहीं किया जायेगा.

आज प्रारंभिक विद्यालय, उर्दू, संस्कृत विद्यालय में कार्यरत रसोइया अपनी मांगों को लेकर एक दिवसीय हड़ताल कर रहा है. यदि सरकार इनलोगों की मांग पर अविलंब विचार नहीं करेगी, तो उग्र आंदोलन किया जायेगा. प्रदर्शनकारी सभी विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को स्थायी करने, सुनिश्चित वेतनमान देने, प्रतिमाह दस हजार रुपया मानदेय की गारंटी देने, केंद्र सरकार द्वारा घोषित अप्रैल से सितंबर तक पंद्रह सौ रुपया प्रतिमाह व अक्तूबर से दिसंबर तक दो हजार रुपया प्रतिमाह मानदेय का एकमुश्त भुगतान करने, रसोइया का बीमा करने, कार्यरत रसोइया के मृत्यु होने पर परिजनों का रसोइया के पद पर नियुक्ति करने, कार्यरत रसोइया को चयन पत्र निर्गत करने, 60 वर्ष से ऊपर के रसोइया को पेंशन देने, रसोइया को ड्रेस के लिए राशि का आवंटन करने आदि की मांग कर रहे थे. मुख्य संरक्षक विनोद कुमार के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में डॉ चंद्रभाष, गणोश मानव, व्यास प्रसाद यादव, मंजू देवी, प्रमंडलीय संयोजक रामाकांत राय, अशोक राम, नरेंद्र कुमार खां, प्रदीप गुप्ता, विष्णु राज, मो मशीर, दिलीप ठाकुर, शहंशाह खातून, संजय सिंह, गुरुदेव शर्मा, गणोश सिंह सहित सैकड़ों रसोइया मौजूद थे.

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