दो डिब्बों के बीच खड़े हो करते हैं यात्रा

Published at :14 Jun 2016 4:54 AM (IST)
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दो डिब्बों के बीच खड़े हो करते हैं यात्रा

जान जाेखिम में. अपनी जिंदगी का हिस्सा माने रहे हैं लोग, कोई देखने वाला नहीं पूर्व मध्य रेलवे अंतर्गत सहरसा-मानसी रेलखंड में जनसेवा टू के नाम से चर्चित 55566 समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन इन दिनों रेलखंड के यात्रियों के लिए पीड़ादायी यात्रा करवाने वाली ट्रेन साबित हो रही है. दैनिक रेल यात्री भी इसे अपनी जिंदगी […]

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जान जाेखिम में. अपनी जिंदगी का हिस्सा माने रहे हैं लोग, कोई देखने वाला नहीं

पूर्व मध्य रेलवे अंतर्गत सहरसा-मानसी रेलखंड में जनसेवा टू के नाम से चर्चित 55566 समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन इन दिनों रेलखंड के यात्रियों के लिए पीड़ादायी यात्रा करवाने वाली ट्रेन
साबित हो रही है. दैनिक रेल यात्री भी इसे अपनी जिंदगी का हिस्सा मान रेल के इंजन सहित डिब्बों के बीच में जैसे-तैसे खड़े हो अपने जान जोखिम में डाल कर यात्रा करते हैं.
सिमरी नगर : सहरसा-मानसी रेलखंड की सुबह सवेरे की इकलौती ट्रेन होने के कारण इस ट्रेन पर यात्रियों का जबरदस्त लोड होता है. जिस वजह से हादसे की हमेशा आशंका बनी रहती है. वहीं सुबह सवेरे इस ट्रेन में भीड़ की स्थिति इतनी भयावह होती है कि ट्रेन के इंजन से लेकर, डिब्बों के गेट और दो डिब्बों के बीच जान जोखिम मे डाल यात्रा करते हैं. वहीं ट्रेन के डिब्बे के अंदर शौचालय से लेकर सीट तक पैर रखने की जगह नहीं होती. सुरक्षा के लिहाज से यह रेलखंड और यह ट्रेन काफी खतरनाक है. लेकिन सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किये जा रहे हैं.
विद्यार्थी और सर्विसमैन के लिए है महत्वपूर्ण : सुबह सवेरे रेलखंड के विद्यार्थियों को सहरसा स्थित कोचिंग-स्कूल जाने के लिए एवं प्राइवेट व सरकारी नौकरीपेशा लोगों को ड्यूटी पर जाने के लिए यह ट्रेन संजीवनी बूटी के समान है. वहीं इसके साथ साथ दैनिक यात्री सहित व्यापारी भी इस ट्रेन से हर रोज यात्रा करते हैं और अपने गंतव्य को जाते हैं. परंतु स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित रेलवे का इस और फिर भी ध्यान ना देना रेलवे का कोसी इलाके के प्रति सौतेलापन दरसाता है. यात्री सचिन स्वर्णकार, प्रीतम केशरी, राहुल मोदी, पंकज गुप्ता, अमरजीत केशरी, गोपाल केशरी, हसनैन मोहसिन, पंकज भगत, डेरिंग मोनू, कुमोद सिंह आनंद व अन्य ने सुबह सवेरे नौ बजे के करीब एक और पैसेंजर ट्रेन देने की मांग की है.
अक्सर रहती है विलंब
समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन है जनसेवा टू के नाम से प्रचलित 55566 समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन सुबह चार बजकर 45 मिनट पर समस्तीपुर से खुलती है और सुबह नौ बज कर 35 मिनट सहरसा पहुंचती है. इस दौरान इस ट्रेन पर यात्री भेड़-बकरियों की तरह लद कर चार घंटे पचास मिनट मे 136 किमी की यात्रा यात्री पूरी करते हैं. यह ट्रेन समस्तीपुर से भगवानपुर, अंगर घाट, नरहन, रुसेरा घाट, नया नगर, हसनपुर रोड, डीएसकेजी, सलौना, इमली, ओलापुर, खगड़िया, मानसी, बदला, धमारा, कोपड़िया, सिमरी बख्तियारपुर, सोनवर्षा के रास्ते सहरसा पहुंचती है. वहीं ट्रेन के हमेशा लेट से चलने की वजह से भी यात्री परेशान रहते है. रविवार को यह ट्रेन 35 मिनट, शनिवार को दस मिनट, शुक्रवार को 35 मिनट, गुरुवार को पंद्रह मिनट एवं बुधवार को दो घंटे 20 मिनट की देरी से सहरसा पहुंची.
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