दर्द पेट में, दवा सिर दर्द की. जाम से उबरने की उम्मीद है बाकी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :01 Mar 2016 5:20 AM (IST)
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नवस्वीकृत आरओबी गंगजला के जाम से दिलायेगा छुटकारा! जरूरत थी बंगाली बाजार व गंगजला में, रेलवे ने पोलिटेक्निक व सर्वा ढाला पर आरअोबी स्वीकृत किया. लोग संसय में हैं, कि इससे जाम की समस्या से निजात मिल भी पायेगी, या नहीं. दूसरी अोर छात्रों ने भी पोलिटेक्निक होते एमएलटी कॉलेज जाने की बात कही. सहरसा […]
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नवस्वीकृत आरओबी गंगजला के जाम से दिलायेगा छुटकारा!
जरूरत थी बंगाली बाजार व गंगजला में, रेलवे ने पोलिटेक्निक व सर्वा ढाला पर आरअोबी स्वीकृत किया. लोग संसय में हैं, कि इससे जाम की समस्या से निजात मिल भी पायेगी, या नहीं. दूसरी अोर छात्रों ने भी पोलिटेक्निक होते एमएलटी कॉलेज जाने की बात कही.
सहरसा मुख्यालय : बंगाली बाजार में रेल ढ़ाला के गिरे रहने से जाम लगता है तो इसका असर पूरब में पूरब बजार, पश्चिम में शंकर चौक उससे उत्तर डीबी रोड और दक्षिण में धर्मशाला रोड तक रहता है. इसी तरह गंगजला ढाला में क्रॉसिंग अवरुद्ध रहने से पूरब में गंगजला चौक, उससे उत्तर नगर परिषद चौक, दक्षिण बस स्टैंड, पश्चिम में थाना चौक होते थाना गेट, उससे उत्तर सुपर मार्केट रोड और दक्षिण में डीबी रोड की रफ्तार पूरी तरह थम जाती है.
इस दौरान वन-वे सड़क सिक्स-वे में बदल जाती है. जाम में फंसे लोग परेशान हो जाते हैं. उनके वाहनों के ईंधन भी व्यर्थ जलते रह जाते हैं. वे शासन और प्रशासन को कोसते रह जाते हैं. जाम में फंसने के बद उनका सीधा गुस्सा यहां के जनप्रतिनिधियों पर होता है. वे बेखौंफ और बिंदास कह डालते हैं कि 18 वर्षों में कोई बंगाली बाजार के ओवरब्रिज का निर्माण शुरू नहीं करा सका.
आबादी से दूर स्वीकृत किया ब्रिज
सोमवार को जाम में फंसे लोगों में रेलबजट में बंगाली बाजार के स्वीकृत ओवरब्रिज को राशि न देकर पोलिटेक्निक व सर्वा ढ़ाला पर आरओबी की स्वीकृति दिए जाने का गुस्सा स्पष्ट दिख रहा था. लोग कह रहे थे कि पोलिटेक्निक व सर्वा ढ़ाला में जाम लगने या जाम में फंसने से परेशान हुए लोगों की कहानी कभी नहीं सुनी है. कह रहे थे कि दोनों ही स्थान शहर और आबादी से दूर है. वहां ओवरब्रिज बनने की कभी कल्पना तक नहीं की थी.
नवस्वीकृत दोनों ही स्थल आरओबी के लिहाज से औचित्यहीन है. लेकिन इस रेलबजट से ही पता चला कि जाम से मुक्ति दिलाने के लिए शहर को बंगाली बाजार या गंगजला में नहीं, बल्कि पोलिटेक्निक व सर्वा ढ़ाला पर ओवरब्रिज की अधिक जरूरत है.
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