पति की जगह पत्नी व मालिक की सीट पर मजदूर ठोकेंगे ताल
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :02 Feb 2016 5:49 AM (IST)
विज्ञापन

सहरसा नगर : टाटा सफारी के अगला सीट पर बैसु कनी ऐ भौजी, भैया लड़ाबत मुखिया चुनाव बन जाउ पहलवान ये भौजी … इन गीतों का स्पष्ट मतलब इन दिनों गांव की सड़कों पर धूल उड़ाती चार पहिया वाहनों की अगली सीट पर बैठी भावी महिला प्रत्याशियों को देख समझा जा सकता है. राज्य निर्वाचन […]
विज्ञापन
सहरसा नगर : टाटा सफारी के अगला सीट पर बैसु कनी ऐ भौजी, भैया लड़ाबत मुखिया चुनाव बन जाउ पहलवान ये भौजी … इन गीतों का स्पष्ट मतलब इन दिनों गांव की सड़कों पर धूल उड़ाती चार पहिया वाहनों की अगली सीट पर बैठी भावी महिला प्रत्याशियों को देख समझा जा सकता है.
राज्य निर्वाचन के द्वारा पारित आदेश के मुताबिक गत चुनाव में पंचायत की आरक्षण प्रणाली के रोस्टर में बदलाव किये जायेंगे. जिसके तहत प्रखंड द्वारा भेजे गये प्रस्ताव को आधार मान लोग सीटों का चयन भी करने लगे हैं.
पत्नी पर दिख रहा ज्यादा भरोसा
वर्तमान जनप्रतिनिधि हो या पांच वर्ष से चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार, सभी आरक्षण रोस्टर में बदलाव का संकेत मिलते ही पुन: सक्रिय हो रहे हैं. इन सबों के बीच एक बात कॉमन निकल कर आ रही है कि ज्यादातर लोगों ने प्रत्याशी के रूप में प्राथमिकता पत्नी को ही देने की रणनीति बनायी है. हालांकि कुछ लोग अब भी मां व भाभी के आशीर्वाद से चुनावी नैया पार करना चाह रहे हैं. वहीं कई क्षेत्र ऐसे भी हैं जो अब आरक्षित होने वाले हैं. ऐसी जगहों पर अब मालिकों ने अपने मजदूरों या घर में काम करने वाले लोगों पर दावं लगाना शुरू कर दिया है.
कुरुक्षेत्र की तरह होती है लड़ाई
महाभारत में जिस प्रकार एक ही पिता व वंश के लोग सत्ता व वर्चस्व के लिए आमने-सामने आ गये थे. ठीक ऐसा ही नजारा पंचायत चुनाव में देखने को मिलता है. जिसमें भाई-भाई के विरुद्ध ताल ठोकता है तो कहीं चाचा अपने भतीजे से मात खा जाता है. कई बार तो सास-बहु भी चुनावी मैदान में आमने सामने आजमाइश करते मिल जाती हैं. सरकार द्वारा पंचायत को लगातार दिये जा रहे अधिकार के बाद शिक्षित लोगों का रुझान गांव की राजनीति में बढ़ा है.
शुरू हुआ गम व खुशी का दौर : पंचायत चुनाव की आहट मिलते ही उम्मीदवार पंचायत के लोगों की सुख दुख में शामिल होने लगे हैं. भावी प्रत्याशियों द्वारा अपने समर्थकों के माध्यम से समाज की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. गांव में छोटा आयोजन ही क्यों न हो लोग शमिल होने में संकोच नहीं कर रहे हैं.
प्रशासन भी कर रही तैयारी : जिला का निर्वाचन कोषांग भी पंचायत चुनाव को लेकर सक्रिय हो गया है. मतदाता सूची को अंतिम रूप देने की कवायद हो रही है. इसके अलावा बैलेट बॉक्स को भी दुरुस्त करने के लिए समाहरणालय परिसर में युद्धस्तर पर कार्य किये जा रहे हैं. बैलेट बॉक्स को रंग-रोगन कर चुनाव के लिए तैयार किया जा रहा है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










