ओवरब्रिज: बोल रही जनता, परेशान हूं मैं...

ओवरब्रिज: बोल रही जनता, परेशान हूं मैं… प्रभात अभियानबिहार सरकार दे राज्यांश, होगा कल्याणसहरसा नगरबाजार में लगने वाले सड़क जाम से राहगीर व वाहन चालक परेशान हो चुके हैं. सभी एक-दूसरे पर जाम की जिम्मेवारी डाल रहे हैं, जबकि सड़क जाम की समस्या के लिए जिम्मेवार सरकार व प्रशासन पहल की मुद्रा में नहीं दिख […]
ओवरब्रिज: बोल रही जनता, परेशान हूं मैं… प्रभात अभियानबिहार सरकार दे राज्यांश, होगा कल्याणसहरसा नगरबाजार में लगने वाले सड़क जाम से राहगीर व वाहन चालक परेशान हो चुके हैं. सभी एक-दूसरे पर जाम की जिम्मेवारी डाल रहे हैं, जबकि सड़क जाम की समस्या के लिए जिम्मेवार सरकार व प्रशासन पहल की मुद्रा में नहीं दिख रही है. समस्या का समाधान करने के बजाय जनप्रतिनिधि संघर्ष से भी पीछे हट रहे हैं. ऐसा लगता है उनके संघर्ष करने का माद्दा समाप्त हो चुका है. सत्ता पक्ष व विपक्ष के लोग श्रेय लेने की होड़ में विकास को बाधित कर जनता से कन्नी काट रहे हैं. हालांकि प्रभात अभियान को मिल रहा व्यापक समर्थन इस बात का परिचायक है कि आम जनता स्वयं आंदोलन का नेतृत्व भी करना चाहती है. सांसद व विधायक बंगाली बाजार में ओवरब्रिज निर्माण को लेकर जनता को लगातार आश्वासन दे रहे हैं. डीआरएम समस्तीपुर ने सहरसा पहुंचने के क्रम में बताया था कि राज्य सरकार के राज्यांश देने के बाद कार्य शुरू होगा. ओवरब्रिज की मांग को लेकर घर-घर से निकलने वाली आवाज आंदोलन बन गयी है, घरों में रहने वाली महिलाएं हो या स्कूली बच्चे, फोन लाइन पर अपनी भावना व्यक्त कर रहे हैं. महाजाम से त्रस्त है जनता सोना साह कहते हैं कि बंगाली बाजार में ओवरब्रिज का निर्माण शुरू करना होगा. दीपक कहते हैं कि बंगाली बाजार ओवरब्रिज आत्मसम्मान की बात बन गयी है. आमजनों को सड़क पर निकल लड़ाई लड़नी होगी. अनवर कहते हैं कि ओवरब्रिज का कोई विकल्प नहीं है, शहर को महाजाम से मुक्ति दिलाने के लिए शीघ्र निर्माण शुरू हो. प्रणव कहते हैं कि ओवरब्रिज महाजाम से मुक्ति की चाभी है, जनप्रतिनिधियों को पहल करनी होगी. रोहित कहते हैं कि ओवरब्रिज के बिना सड़क जाम से मुक्ति नहीं मिलेगी, हमलोग जनप्रतिनिधियों से दुखी हैं. शंकर कहते हैं कि बंगाली बाजार ढ़ाला पर लगे दुकानों के अलावा ओवरब्रिज निर्माण में बाधक बनने वाली रुकावट को समाप्त करे. ओम कहते हैं कि नेताओं से शहर का भला नहीं होने वाला है, जनता को आंदोलन कर जीत हासिल करनी होगी. रजी कहते हैं कि ओवरब्रिज का कोई अन्य विकल्प नहीं है, सभी को इसमें सहयोग करना चाहिए. प्रदीप कहते हैं कि सड़क जाम महाजाम में बदल गया है, जो कम होने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है. राजू कहते हैं कि ओवरब्रिज सहरसा की ही नहीं, पूरे प्रमंडल की प्रमुख समस्या है. रोशन कहते हैं कि सड़क दुर्घटना की प्रमुख वजह ओवरब्रिज का नहीं बनना है, ओवरब्रिज बनने के बाद वाहनों को एनएच से निकलने में परेशानी नहीं होगी. सुनिए सरकारप्रभात खबर द्वारा शहर में ओवरब्रिज की मांग को लेकर आप पाठकों के सहयोग से चार वर्षों में कई निर्णायक लड़ाई लड़ी गयी है. इसका परिणाम है कि अब निर्माण का अड़ंगा समाप्त होने लगा है. अब जरूरत है हम, आप व राज्य सरकार के सजग होने की. सड़क जाम से जुड़े अनुभव व तस्वीर हमसे साझा करें. फोन व व्हाट्सएप: 94318-07274 फोटो – जाम 13 – यह तस्वीर दोपहर बारह बजे बंगाली बाजार की है जिसे हमारे पाठक व जाम में फंसे आलोक यादव ने भेजी है. (पेज 3 पर लीड लगना है)
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