भू-माफिया के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने से निराशा

Published at :20 Dec 2015 6:40 PM (IST)
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भू-माफिया के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने से निराशा

सोनवर्षा : राज जिलाधिकारी सहरसा द्वारा सीओ एवं थानाध्यक्षों को उच्च प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के स्पष्ट निर्देश के बावजूद स्थानीय अंचल क्षेत्र में सरकारी और निजी भूमि पर कब्जा जमाये भू-माफियाओं के विरुद्ध किसी तरह की कार्रवाई नहीं होने से आमजनों में भारी निराशा व्याप्त है. इसी तरह का एक मामला बसनही थाना […]

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सोनवर्षा : राज जिलाधिकारी सहरसा द्वारा सीओ एवं थानाध्यक्षों को उच्च प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के स्पष्ट निर्देश के बावजूद स्थानीय अंचल क्षेत्र में सरकारी और निजी भूमि पर कब्जा जमाये भू-माफियाओं के विरुद्ध किसी तरह की कार्रवाई नहीं होने से आमजनों में भारी निराशा व्याप्त है.

इसी तरह का एक मामला बसनही थाना क्षेत्र के अतलखा पंचायत स्थित जम्हरा गांव के किसान के साथ घटा है. दबंगों ने उस किसान की ननौती मौजा स्थित करीब 10 एकड़ जोत की जमीन पर पिछले दो वर्षों से कब्जा किया हुआ है. जिस वजह से पीडि़त जम्हरा गांव निवासी किसान अवध यादव सपरिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच चुका है.

वहीं अपने जोत की जमीन दबंगों से मुक्त कराने के लिए सीओ कार्यालय और बसनही थाना दौड़ते-दौड़ते सारी उम्मीदें छोड़ चुका है. क्या है मामला : जम्हरा गांव निवासी अवध यादव ने वर्षों चाय की दुकान एवं दिल्ली में मजदूरी करके अपने उम्र के आखिरी दौड़ में नौनेति मौजा में लगभग 10 एकड़ जोत की जमीन कृषि कार्य हेतु केवाला से खरीदी थी.

जमीन खरीदगी के बाद अवध यादव सपरिवार खेती करके खुशीपूर्वक जीवन यापन कर रहा था. लेकिन उक्त परिवार के खुशी पर तब ग्रहण लग गया जब वर्ष 2013 के दिसंबर माह में जम्हरा तथा बुटहा गांव के इंद्रदेव प्रसाद इन्दु, कुमोद कुमार कुंदन, रामानंद मंडल, रामबहादुर ऋषिदेव, जंगाय ऋषिदेव, वीरेन ऋषिदेव, बाला ऋषिदेव, बाला ऋषिदेव, राजो ऋषिदेव, भिखो ऋषिदेव तथा बेचो ऋषिदेव ने कब्जा कर लिया. वर्ष 2013 के दिसंबर माह से पीडि़त कृषक अवध यादव थाना, एसपी कार्यालय, भूमि सुधार उपसमाहर्ता तथा अंचल कार्यालय का दरवाजा खटखटा रहा है.

यही नहीं न्यायालय भूमि सुधार उपसमाहर्ता सदर सहरसा ने अपने दिये आदेश में बीते 11 अप्रैल को सोनवर्षा के सीओ एवं बसनही थानाध्यक्ष को स्पष्ट निर्देश दिया है कि उक्त भूमि को दबंगों के कब्जा से मुक्त कराया जाये. इसके बावजूद पीडि़त किसान के भूमि को कब्जाधारियों से आज तक मुक्त नहीं कराया जा सका है.

जिस वजह से खेतीबाड़ी से वंचित अवध यादव के परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है. पीडि़त कृषक अवध यादव का कहना है कि अंचल व पुलिस प्रशासन के उदासीन रवैये की वजह से सारा परिवार आत्महत्या की मानसिक स्थिति में पहुंच चुका है. इस बीच बीते 15 दिसंबर को सीओ सोनवर्षा ने भूमि पर कब्जा किये सभी लोगों को नोटिस देकर बसनही थाना बुलाया था. इसके बावजूद उक्त भूमि को मुक्त नहीं करायी जा सकी है.

29 अथवा 30 दिसंबर को दोनों पक्षों को मामले की सुनवायी के लिए बसनही थाने में बुलाया गया है.रामअवतार यादव, सीओ, सोनवर्षाराज फोटो-किसान 19- माफियाओं से अपनी जमीन नहीं ले पा रहे किसान अवध

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