फर्श पर लेटते हैं मरीज, परिजनों को लगाना पड़ता है स्लाइन

Updated at : 02 Jul 2019 7:51 AM (IST)
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फर्श पर लेटते हैं मरीज, परिजनों को लगाना पड़ता है स्लाइन

सहरसा : मुजफ्फरपुर में इंसेफलाइटिस (चमकी बुखार) से लगभग 200 बच्चों की मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. पूरे राज्य के स्वास्थ्य व्यवस्था को नंगा कर सामने ला दिया. आनन-फानन में सरकार ने मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच के लिए कई घोषणाएं कर दी. स्वास्थ्य अधिकारियों को राज्य के अन्य अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने […]

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सहरसा : मुजफ्फरपुर में इंसेफलाइटिस (चमकी बुखार) से लगभग 200 बच्चों की मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. पूरे राज्य के स्वास्थ्य व्यवस्था को नंगा कर सामने ला दिया. आनन-फानन में सरकार ने मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच के लिए कई घोषणाएं कर दी.

स्वास्थ्य अधिकारियों को राज्य के अन्य अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने के निर्देश जारी कर दिये. लेकिन सहरसा का हठी स्वास्थ्य प्रशासन अपनी जिद पर अड़ा रहा. आदेश-निर्देश की कोई परवाह नहीं की और कोसी कमिश्नरी के सबसे बड़े अस्पताल की हालत लगातार बदतर होती जा रही है.
वेंटिलेटर पर है इमरजेंसी वार्ड: सदर अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की दशा ऐसी है कि यहां मरीजों को ड्रिप (स्लाइन) स्वास्थ्यकर्मी नहीं, बल्कि मरीज के परिजन ही लगाते हैं. कहने को तो इस बड़े अस्पताल में 208 बेड उपलब्ध हैं, लेकिन यहां हर हमेशा और हर जगह फर्श पर लेटे इलाजरत मरीज दिख जाते हैं.
अस्पताल के आपातकालीन कक्ष (इमरजेंसी वार्ड) की स्थिति को खुद वेंटिलेटर पर है. यह गंभीर मरीजों को त्वरित इलाज देने में कहीं से भी सक्षम नहीं है. एक ही बेड पर तीन से चार बच्चे या फिर दो-दो मरीजों को लिटा इलाज किया जाता है. एक साथ दो से चार को ड्रिप चढ़ाया जाता है.
आश्चर्य तो यह भी है कि अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड तक में संक्रमण की चिंता नहीं की जाती है. किसी बेड के गद्दे की स्थिति ठीक नहीं है. किसी गद्दे पर चादर बदले जाने की बात तो दूर, कभी चादर बिछाये तक नहीं जाते हैं. भीषण गर्मी व जलजमाव से बीमार होकर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. लेकिन स्वास्थ्य प्रशासन को व्यवस्था सुधारने में कोई दिलचस्पी नहीं दिख रही है.
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तत्काल प्रभाव से कई रेल कर्मचारियों को किया गया इधर-उधर : सहरसा. समस्तीपुर रेल मंडल के सहायक कार्मिक के निर्देश पर विभिन्न पर रेल कर्मचारियों को इधर से उधर किया गया है.
इसके तहत सहरसा जंक्शन पर तैनात (जेई वर्क) प्रकाश चंद्रा को बनमनखी किया गया है. अजय कुमार (एसएसई वर्क) को बनमनखी से राघोपुर किया गया है. इसके अलावा समस्तीपुर, दरभंगा, सीमातढ़ी आदि स्टेशनों पर तैनात कई एसएसई वर्क को इधर-उधर किया गया है. बताया गया कि उपरोक्त स्थानांतरण प्रशासनिक आधार पर किया गया है.
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