बंगाल चुनाव से पहले दिल्ली में हाई वोल्टेज ड्रामा, CEC ने चले जाने को कहा या TMC नेता चिल्लाए?

Updated at : 08 Apr 2026 3:37 PM (IST)
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ECI TMC Controversy West Bengal Election 2026 Derek O Brien Sagarika Ghose

इलेक्शन कमीशन के ऑफिस के बाहर तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल.

ECI TMC Controversy: निर्वाचन आयोग और TMC की बैठक में जमकर हंगामा हुआ. टीएमसी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर अपमानजनक व्यवहार का आरोप लगाया. इलेक्शन कमीशन ने दावा किया कि टीएमसी के नेता चिल्ला रहे थे. जानें दिल्ली में क्या-क्या हुआ.

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ECI TMC Controversy: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान से पहले दिल्ली में राजनीति का पारा सातवें आसमान पर है. बुधवार को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की पूर्ण पीठ और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रतिनिधिमंडल की बैठक बेहद तनावपूर्ण और कड़वाहट भरे माहौल में खत्म हुई. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर बदसलूकी और चिल्लाने के गंभीर आरोप लगाये हैं.

महज 7 मिनट चली बैठक और मच गया बवाल

टीएमसी के प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि बैठक के अंत में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने उनसे बेहद रूखे अंदाज में कहा- यहां से चले जाइए. दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने दावा किया कि टीएमसी नेता डेरेक ओब्रायन चुनाव आयुक्तों पर चिल्ला रहे थे. उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को बात न करने तक की चेतावनी दे दी.

ECI TMC Controversy: डेरेक ओब्रायन बोले- इतिहास के पहले ऐसे CEC

बैठक के बाद टीएमसी सांसद डेरेक ओब्रायन ने मीडिया को बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पत्र आयोग को सौंपे थे. उन्होंने चुनाव अधिकारियों के भाजपा से मिले होने के सबूत भी दिये. डेरेक ने कहा- हमने आयोग के साथ कई बैठकें की हैं, लेकिन कभी ऐसा व्यवहार नहीं देखा. जब हम बाहर निकल रहे थे, तब मैंने ज्ञानेश कुमार को बधाई दी कि वे एकमात्र ऐसे CEC हैं, जिन्हें हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में नोटिस दिया गया है.

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भयमुक्त, हिंसामुक्त, धमकीमुक्त और प्रलोभनमुक्त होंगे बंगाल चुनाव : CEC

निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने टीएमसी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आयोग के प्रमुख ने केवल ‘सीधी बात’ की थी. आयोग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव ‘भयमुक्त, हिंसामुक्त, धमकीमुक्त और प्रलोभनमुक्त’ होंगे. आयोग ने यह भी संकेत दिया कि वे किसी भी दल के दबाव में आये बिना निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. बंगाल चुनाव की तारीखें नजदीक आते ही चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ दल के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और बढ़ने के संकेत दे रहा है.

हंगामे के बाद TMC ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

दिल्ली में हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखा. इसमें कहा- हम चुनाव आयोग से साफ कह रहे हैं. यह चुनाव होगा. दिल्ली के नियंत्रण के बगैर, बिना राजनीतिक पूर्वाग्रह के, जान-बूझकर किसी को निशाना बनाये बगैर और डबल स्टैंडर्ड से मुक्त. निर्वाचन सदन में मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने वाले डेलीगेशन में डेरेक ओ ब्रायन के अलावा सागरिका घोष, साकेत गोखले और मेनका गुरुस्वामी शामिल थीं.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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