शिक्षा व संकल्प के लिए कोई उम्र नहीं होती : कुलपति

Updated at : 07 Apr 2026 6:53 PM (IST)
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शिक्षा व संकल्प के लिए कोई उम्र नहीं होती : कुलपति

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के 39वें दीक्षांत समारोह को लेकर इग्नू क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा मंगलवार को प्रेक्षागृह में कार्यक्रम आयोजित की गयी.

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इग्नू का 39वां दीक्षांत समारोह आयोजित

विभिन्न पाठ्यक्रम के छह हजार से अधिक सफल शिक्षार्थियों को दिया गया प्रमाणपत्र

सहरसा. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के 39वें दीक्षांत समारोह को लेकर इग्नू क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा मंगलवार को प्रेक्षागृह में कार्यक्रम आयोजित की गयी. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ विवेकानंद सिंह, क्षेत्रीय निदेशक डॉ मिर्जा नेहाल अहमद वेग सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया.

स्वागत संबोधन करते क्षेत्रीय निदेशक डॉ वेग ने कहा कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय का 39वां दीक्षांत समारोह आयोजित की जा रही है. विश्वविद्यालय का मुख्य समारोह नयी दिल्ली स्थित मुख्यालय से किया गया. उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय केंद्र में छह हजार से अधिक शिक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं. क्षेत्रीय केंद्र सहरसा के दीक्षांत समारोह में लगभग 400 शिक्षार्थी को प्रमाणपत्र दिया गया. उन्होंने कहा कि इग्नू ने उल्लेखनीय प्रगति की है जो हम सबों के लिए गर्व की बात है. राज्य में सहरसा का क्षेत्रीय केंद्र कोसी एवं सीमांचल क्षेत्र के आठ जिलों को कवर करता है. सहरसा पिछले छह वर्षों से लगातार 25 हजार से अधिक शिक्षार्थियों का पंजीयन कर रहा है, जो बढ़ते-बढ़ते अब 50 हजार से भी अधिक हो गया है.

वहीं मुख्य अतिथि पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो विवेकानंद सिंह ने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षार्थियों के जीवन में एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है. यह अवसर इंगित करता है कि शिक्षा में अपनी योग्यता शिक्षार्थियों ने साबित कर दी है. इग्नू विश्वविद्यालय ने अपनी विशिष्ट स्थिति बरकरार रखी है एवं निरंतर वृद्धि व विस्तार की ओर बढ़ रहा है. इसका कार्य एक समग्र शिक्षार्थी का विकास करना है. यह केवल कक्षा, कक्षा में सीखने या केवल पद्धति के माध्यम से नहीं हो सकता है. इग्नू ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्र, विकलांग समूह, जेलों एवं पुनर्वास केंद्रों, सरकारी एवं गैर सरकारी संगठन, माता-पिता एवं गृहणियों, नियोक्ताओं एवं नियोजित लोगों की शैक्षिक आकांक्षाओं को पूरा करता है. उन्होंने कहा कि शिक्षा एवं संकल्प के लिए कोई उम्र नहीं होती है. सीखना कभी बंद नहीं करें, कौशल को लगातार विकसित करें एवं जिज्ञासु बनें. आपका ज्ञान समाज के लिए जरूरी है. असफलता से नहीं डरें, उससे सीखें एवं आगे बढ़े. सपने वो नहीं होते जो रात में देखते हैं. बल्कि वह जो हम दिन में देखते हैं. कार्यक्रम में मौजूद लगभग चार सौ सफल शिक्षार्थियों के बीच सर्टिफिकेट वितरण किया गया.

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