गांवों की तसवीर संवार रहे स्वयं सहायता समूह
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :05 Jan 2016 7:12 AM (IST)
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आसान शर्तों पर दिया जा रहा लोन बिक्रमगंज (रोहतास) : न साहूकार की तरफदारी, न ही सूद की लाचारी. अब अपने बल पर महिलाएं गढ़ रही परिवार के सुनहरे भविष्य की मजबूत बुनियाद. कल तक मेहनत-मजदूरी करते रामलाल अब गांव में घूम घूम चौमीन व चाट बेचते हैं. क्योंकि, उसकी पत्नी शांति ने 25 हजार […]
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आसान शर्तों पर दिया जा रहा लोन
बिक्रमगंज (रोहतास) : न साहूकार की तरफदारी, न ही सूद की लाचारी. अब अपने बल पर महिलाएं गढ़ रही परिवार के सुनहरे भविष्य की मजबूत बुनियाद. कल तक मेहनत-मजदूरी करते रामलाल अब गांव में घूम घूम चौमीन व चाट बेचते हैं.
क्योंकि, उसकी पत्नी शांति ने 25 हजार का लोन स्वयं सहायता समूह से लिया और रामलाल को एक ठेला बनवाया उसपर छोला, चाट व चौमीन बनाने की दुकान खोली. धंधा चल निकला और अब तो रामलाल अपनी पत्नी शांति को रोज दो सौ रुपये बचत कर देता है और घर का खर्च भी चलाता है. वह कहता है पत्नी की सोच और मेरी मेहनत दोनों रंग लाया. फूल कुमारी देवी का घर रहने लायक नहीं था.
पति जो कमाता था, वह घर के खर्च में ही खत्म हो जाता था. बगल में खुले एक समूह से फूल कुमारी ने 25 हजार का लोन लिया और छत विहीन घर पर छत बनवाया और पति से रोज 30 रुपया ले लेकर किस्त जमा कर दिया. अब वह 50 हजार रुपये लेकर एक गाय खरीदना चाहती है और उसके दूध को बेच किस्त के साथ बच्चों को बेहतर शिक्षा देना चाहती है. इसी तरह स्वयं सहायता समूह अब ग्रामीण भारत की महिलाओ के सपनों को पंख लगा रहा है.
आज कल हर गांव, शहर, कस्बा व टोला में समूह में जुटी महिलाओ की भीड़ को आसानी से देखा और समझा जा सकता है. जाड़ा हो, गर्मी हो या बरसात हर हप्ते समूह की बैठक होती है, जिसमें हर सदस्य की उपस्थिति अनिवार्य है. उस बैठक में उपस्थित हर सदस्य के चेहरे पर सुकून के भाव व उम्मीदों के अरमान होते है.
क्या हैं समूह के नियम
बिक्रमगंज स्थित बंधन बैंक के फिल्ड मैनेजर रवि प्रकाश कहते हैं कि समूह के गठन की नियमावली ज्यादा कठिन नहीं है. एक समूह में पांच से लेकर 40 महिलाओं की संख्या हो सकती है.
इन्हें पहली बार एक हजार से 25 हजार तक का लोन दिया जाता है, जिसे एक साल में 21 प्रतिशत सालाना ब्याज के हिसाब बैठा कर किस्तों में वापस लिया जाता है. बंधन बैंक ने करीब 45 गावों के चार हजार जरूरतमंद को लोन दिया है, जिसे किस्तों में वापस लिया जा रहा है. वहीं यह बैंक फिक्स डिपॉजिट, मासिक किस्तों में डिपॉजिट आदि बचत भी कराती है.
बंधन बैंक की तरह कैस्पोर् माइक्रो फाइनेंस समूह, सेटिंग माइक्रो फाइनेंस समूह, फ्यूजन माइक्रो फाइनेंस समूह समेत आधा दर्जन समूह ग्रामीण भारत की तसवीर बदलने के लिए दिन-रात एक किये हुए हैं. जो सूद के बोझ तले दबते गरीबों के लिए किसी मसीहा से कम नहीं है. तभी तो बेटी की शादी हो या बेटे की शिक्षा, पति का रोजगार हो या खुद का कोई कारोबार हर पल समूह है तैयार.
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