पटना : फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाला ब्याज एक लाख तक करमुक्त हो
Updated at : 22 Jun 2019 9:18 AM (IST)
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पटना : अगले माह पेश हाेने वाली केंद्रीय बजट से हर वर्ग को उम्मीद है. चाहे वह उद्यमी हो या कारोबारी या फिर बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े लोग.भारतीय स्टेट बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव अजीत कुमार मिश्रा का कहना है कि नयी सरकार से मध्यम वर्गों की विशेष अपेक्षा है कि पांच लाख तक के […]
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पटना : अगले माह पेश हाेने वाली केंद्रीय बजट से हर वर्ग को उम्मीद है. चाहे वह उद्यमी हो या कारोबारी या फिर बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े लोग.भारतीय स्टेट बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव अजीत कुमार मिश्रा का कहना है कि नयी सरकार से मध्यम वर्गों की विशेष अपेक्षा है कि पांच लाख तक के आय को करमुक्त किया जाये तथा टैक्स के दरों में कमी की जाये.
फिक्स्ड डिपॉजिट राशि पर मिलने वाले ब्याज एक लाख तक कर मुक्त हो, जिससे ब्याज की राशि पर निर्भर वरिष्ठ नागरिकों के हितों की रक्षा हो सके.
मानक कटौती की छूट की राशि को बढ़ाकर 50 हजार रुपये की जानी चाहिए. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक में सरकार द्वारा उपयुक्त पूंजी निवेश करनी चाहिए, जिससे ये बैंक राष्ट्र के आमजनों तक बैकिंग सेवा पहुंचाने में सक्षम हो सकें.
पीएनबीइयू (बिहार) के महासचिव बी के मिश्रा बचत खाता के ब्याज दर में कम से कम दो फीसदी ब्याज दर को बजट में बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्रीय वित्त मंत्री को करना चाहिए ताकि आम लोगों को इसका अधिक से अधिक लाभ मिल सके.
प्रत्येक राज्य में टैक्स होलिडे लागू किया जाये ताकि उद्योगों विशेषत: छोटे उद्योग का विस्तार हो सके. उन्होंने कहा कि कमजोर बैंकों के सरकारी पूंजी अनुदान से सहायता कर उसे जनता के बैंक के रूप में खड़ा किया जाये. साथ ही टैक्स छूट कामगारों के लिए तथा आयकर इतना सरल हो कि टैक्स चोरी न हो.
इसके अलावा वित्तीय घाटा में कमी की जाये. बिहार स्टेट बैंक ऑफ बड़ौदा इम्प्लाइज एसोसिएशन महासचिव जी एन लाल ने वित्त मंत्री से अागामी केंद्रीय बजट में बैंकिंग को मौलिक अधिकारों की श्रेणी लाये जाने की उम्मीद है. वहीं कृषि लोन की दो फीसदी पर किसानों को देने की मांग वित्त मंत्री से पत्र लिख कर किया है.
साथ ही शिक्षा लोन की दर को 5 फीसदी सालाना करने का प्रस्ताव भी भेजा है. ताकि शिक्षा लोन का लाभ अधिक से अधिक छात्र उठा सके. बैंक डिफॉल्टर को अपराधी के श्रेणी में लाया जाये और सूची प्रकाशित की जाये. उन्होंने आयकर की सीमा पांच लाख तक करने का सुझाव भेजा है.
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