नियुक्ति पत्र विवाद पर RJD ने BJP को बताया फर्जीवाड़ा, कहा- साहस है तो बताए कब की निकाली है विज्ञप्ति

Updated at : 23 Nov 2022 3:10 PM (IST)
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नियुक्ति पत्र विवाद पर RJD ने BJP को बताया फर्जीवाड़ा, कहा- साहस है तो बताए कब की निकाली है विज्ञप्ति

नियुक्ति पत्र वितरण को लेकर बिहार में राजनीति गरमा गई है. बीजेपी और राजद में जुबानी जंग शुरू हो गई. बीजेपी ने राजद पर निशाना साधा था. इसके बाद राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने पलटवार करते हुए कहा कि साहस है तो बीजेपी बताए जिनको नियुक्ति पत्र बांटा गया है उनकी विज्ञप्ति कब हुई है?

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पटना. नियुक्ति पत्र बांटे जाने के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है. इसको लेकर राजद और बीजेपी के बीच बयानबाजी शुरू हो गई है. वहीं, विवाद पर राजद के प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा है कि बिहार की महागठबंधन सरकार का नकल करते हुए केन्द्र की भाजपा सरकार भी अब बड़े आयोजन कर नियुक्ति पत्र बांटने लगी है. लेकिन इसमें बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े के साथ हीं बिहार के साथ केन्द्र का सौतेला व्यवहार भी सामने आया है.

केंद्र कर रही है फर्जीवाड़ा- चित्तरंजन गगन

चित्तरंजन गगन ने कहा है कि देश भर में कुल 45 स्थानों पर बुधवार के रोजगार मेला फेज 2 में 71,056 युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का दावा किया गया है. बिहार में मात्र पटना में नियुक्ति पत्र बांटे गए जिनकी संख्या मात्र 392 बताई गई. इस आधार पर दावा किया गया कुल संख्या 71,056 निश्चित रूप से फर्जी लग रहा है. सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा तो यह है कि जिन्हें नियुक्ति पत्र देने का दावा किया जा रहा है, इन सबों की नियुक्ति काफी पहले हो चुकी है और उनका योगदान दिये हुए भी डेढ़ से दो साल बीत चुके हैं.

चयनित 36 हजार युवा आज भी भटक रहे हैं- राजद प्रवक्ता

राजद प्रवक्ता ने कहा कि बुधवार को जिन्हें नियुक्ति पत्र दिया गया है. इसमें सबसे बड़ी संख्या केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों की है. इसकी सच्चाई यह है कि 2018 में हीं एसएससी के माध्यम से 60,210 पदों पर केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों में बहाली का विज्ञापन निकला था. जिसके लिए 2019 में हीं परीक्षा और फिजिकल टेस्ट हो गया था और 2020 मेडिकल टेस्ट भी हो गया. जिसमें अबतक मात्र 24 हजार युवाओं की हीं बहाली ली गई है. चयनित 36 हजार युवा आज भी भटक रहे हैं. उन्हीं 24 हजार युवाओं को योगदान देने के डेढ़- दो साल बाद अब नियुक्ति पत्र देने का नाटक किया जा रहा है. यदि नियुक्ति पत्र हीं देना है तो बचे हुए 36 हजार चयनित युवाओं को मिलना चाहिए.

‘पहले जिनकी नियुक्ति हो चुकी है उनको दिया जा रहा है नियुक्ति पत्र’

वहीं, उन्होंने कहा कि केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों में नियुक्ति के लिए 2018 के बाद कोई विज्ञप्ति हीं नहीं निकली है जबकि अभी केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बल मे 1,80000 हजार से ज्यादा पद रिक्त हैं. इसी प्रकार विभिन्न बैंकों सहित कई अन्य विभागों में भी काफी पहले से कार्यरत लोगों को नियुक्ति पत्र देकर भाजपा सरकार वाहवाही लूटना चाह रही है. इससे बड़ा फर्जीवाड़े का उदाहरण और क्या हो सकता है कि पटना एम्स में काफी पहले से सेवा दे रहे डॉ.नीरज कुमार , डॉ क्रांति भावना , डॉ प्रीति और डॉ सुदीप कुमार आदि को भी कल नियुक्ति पत्र दिया गया है.

‘भाजपा सरकार बिहार के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है’

आगे चित्तरंजन गगन ने कहा कि इस फर्जीवाड़े में भी केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा बिहार के साथ सौतेला व्यवहार किया गया है. कल बांटे गए नियुक्ति पत्र में सबसे कम संख्या बिहार के युवाओं की थी. इसीलिए बिहार जैसे बड़े राज्य में केवल एक स्थान पटना में हीं नियुक्ति पत्र का वितरण किया गया जबकि भाजपा शासित हरियाणा जैसे छोटे राज्य में तीन स्थानों पर , महाराष्ट्र में तीन स्थानों पर और मध्य प्रदेश में तीन स्थानों पर नियुक्ति पत्र वितरण का स्थान निर्धारित किया गया था. वहीं, उन्होंने कहा कि यदि भाजपा में साहस है तो वह राज्यवार और विभागवार यह बताए कि जो कल नियुक्ति पत्र बांटा गया उसकी विज्ञप्ति कब जारी हुई , उसकी प्रक्रिया कब पूरी हुई , उनका योगदान कब हुआ , सम्बद्ध विभागों में अभी‌ कितनी रिक्तियां बची हुई है और उसे कब तक भरा जाएगा?

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