बिहार के रवि सिन्हा बने RAW के नए चीफ, जासूसों की दुनिया में ऑपरेशन मैन के नाम से हैं मशहूर

भारत की खुफिया एजेंसी रॉ के नियुक्त हुए नए प्रमुख वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी रवि सिन्हा बिहार के भोजपुर के रहने वाले हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मध्यप्रदेश से अधिकारी के रूप में की. वर्ष 2000 में जब मध्य प्रदेश का बंटवारा हुआ तो वो छत्तीसगढ़ कैडर में चले गए.
वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी रवि सिन्हा को सोमवार को भारत की खुफिया एजेंसी रॉ का नया प्रमुख नियुक्त किया गया. बिहार के भोजपुर के रहने वाले रवि सिन्हा ने दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से पढ़ाई की और 1988 में यूपीएससी परीक्षा पास की. उन्होंने यूपीएससी के तहत मध्य प्रदेश के अधिकारी के रूप में सेवा की शुरुआत की, 2000 में अलग राज्य बनने पर उन्हें छतीसगढ़ कैडर मिला.
सिन्हा वर्तमान में मंत्रिमंडल सचिवालय में विशेष सचिव के रूप में कार्यरत हैं. ऑपरेशन मैन के नाम से मशहूर 59 वर्षीय रवि सिन्हा लंबे समय से इस प्रतिष्ठित खुफिया एजेंसी से जुड़े रहे हैं. वह वर्तमान में रॉ में ‘सेकेड इन कमांड’ हैं. अपनी पदोन्नति से पहले वह रॉ की ऑपरेशनल डिवीजन का नेतृत्व कर रहे थे. सूचनाएं व जानकारियां जुटाने में उन्हें आधुनिक तकनीक को अपनाने का श्रेय दिया जाता है. अपनी पेशेवर क्षमता के लिए सभी जासूसी समुदाय में उनकी विशेष पहचान है. उन्होंने कई क्षेत्रों में काम किया है. माना जा रहा है कि अपनी नयी भूमिका में अनुभव व ज्ञान का जखीरा लेकर वह फील्ड में उतरेंगे.
रवि सिन्हा को जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर और वामपंथी उग्रवादी क्षेत्रों के अलावा पड़ोस के घटनाक्रमों पर अच्छी पकड़ के लिए जाना जाता है, जहां उन्होंने समय के साथ अलग-अलग बिंदुओं पर काम किया है. यह उन्हें हमारे समय की चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक साथ तकनीकी और मानव बुद्धि आयामों को एकीकृत करने में सक्षम बनाता है.
पड़ोसी देशों के मामलों के विशेषज्ञ माने जानेवाले सिन्हा की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब पाकिस्तान राजनीतिक व आर्थिक रूप से उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है. कुछ देशों से सिख चरमपंथ का हवा देने की कोशिश की जा रही है और पूर्वोतर में हिंसा को बढ़ावा दिये जाने के प्रयास हो रहा है. सिन्हा ने पूर्व में जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर के अलावा कई राज्यों में काम किया है.
आइपीएस रवि सिन्हा आरा के मौला बाग के मूल निवासी हैं. छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस अधिकारी रवि सिन्हा के पिता स्व. बिपिन प्रसाद सिन्हा प्रोफेसर थे. वे झारखंड के धनबाद से रिटायर होने के बाद पत्नी के साथ आरा के मौला बाग (एमपी बाग) के पत्थरवाली गली स्थित अपने पुश्तैनी मकान में ही रहते थे. इस दौरान रवि सिन्हा का भी अक्सर आरा आना जाना होता था. रवि सिन्हा के चचेरे भाई दीपक सिन्हा यहीं रहते हैं. पेशे से वकालत करने वाले दीपक सिन्हा बताते हैं कि रवि सिन्हा की स्कूलिंग धनबाद के डिनोवली स्कूल से हुई. इसके बाद रांची के संत जेवियर कॉलेज से इंटर करने के बाद उन्होंने हजारीबाग के संत कोलंबस कॉलेज से बीए किया. इसके बाद रवि सिन्हा दिल्ली चले गये और वहां सेंट स्टीफेन कॉलेज से एमए किया.
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रॉ पर विदेशी इंटेलिजेंस जुटाने का जिम्मा है. यदि किसी देश के घटनाक्रम का भारत पर असर हो सकता है, तो रॉ उस पर नजर रखती है. राष्ट्रहितों के लिए खुकिया ऑपरेशंस को भी रॉ अंजाम देती है. इंदिरा गांधी सरकार में रॉ अस्तित्व मैं आयी.
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