विद्या की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती की पूजा आज, पूजन अनुष्ठान की तैयारी पूरी

पूजन अनुष्ठान की तैयारी पूरी
शहर के सभी मूर्ति बाजारों में देर शाम तक लगी रही खरीददारों की भीड़
बाजार में पारंपरिक सफेद रंग की प्रतिमाओं की मांग सबसे अधिक रही
पूर्णिया. वसंत पंचमी शुक्रवार को है. इस दिन विद्यादायिनी मां सरस्वती पूजी जायेंगी. इसे लेकर पंडालों में तैयारियों अंतिम चरण में है. देवी सरस्वती की पूजा को लेकर शहर के स्कूल एवं शिक्षण संस्थान सज कर तैयार हैं. शुक्रवार की सुबह से पूजन अनुष्ठान शुरू हो जाएगा. शुक्रवार को सुबह से ही शुभ मुहूर्त माना गया है. शहर के अमूमन सभी स्कूलों एवं निजी शिक्षण संस्थानों में देवी सरस्वती की प्रतिमा लगायी जा रही है. शहर के मूर्ति बाजारों में गुरुवार को देर शाम तक खरीददारों की भीड़ लगी रही. आयोजक ठेला और रिक्शा पर प्रतिमा ले जाते नजर आए. शहर में एक तरफ जहां विद्यादायिनी देवी सरस्वती पूजा की तैयारी और प्रतिमा एवं पूजन सामग्रियों की खरीददारी की गई वहीं दूसरी तरफ छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के पूर्वाभ्यास को अंतिम रुप दिया. वसंत पंचमी को लेकर शिक्षक और शिक्षिकाएं भी उत्साहित हैं. सरस्वती पूजा को लेकर जहां सरकारी स्कूलों में तैयारी को फाइनल टच दिया गया वहीं निजी स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में पूजनस्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है. कहीं पूजन पंडाल बनाए गये हैं तो कहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच भी तैयार किये गये हैं. कई शिक्षण संस्थानों द्वारा पूजन अनुष्ठान के लिए प्रतिमाओं की अग्रिम बुकिंग पहले ही कर ली गई थी. आयोजकों का कहना है कि पहले से यदि मूर्ति के लिए मूर्तिकारों से कॉन्टेक्ट नहीं है और अचानक बाजार से इसकी खरीदारी करना महंगा पड़ जाता है. एक तो मनपसंद प्रतिमा नहीं मिलती और यदि मिलती भी है तो दाम अधिक देने पड़ते हैं. यही वजह है कि अधिकांश आयोजकों ने प्रतिमा की एडवांस बुकिंग एक माह पूर्व ही करा ली है.
प्रतिमा खरीदारी की पूरे दिन रही होड़
शहर का मूर्ति बाजार पहले से ही रंग-बिरंगी मूर्तियों, ताजगी भरे फलों और पूजा सामग्री से सज गया है जहां गुरुवार को फाइनल खरीदारी की गई. कप्तानपाड़ा और शहर के विभिन्न हिस्सों में मां सरस्वती की आकर्षक मूर्तियों ने सभी का ध्यान खींचा है. स्कूलों, शिक्षण संस्थानों और पूजा कमेटियों के लोग इन मूर्तियों की खरीदारी में जुटे हैं जबकि बाजार में फलों की खुशबू हर तरफ फैली हुई है. मूर्तिकारों ने अलग-अलग थीम पर मां की मूर्तियां बनाई हैं. इस वर्ष बाजार में पारंपरिक सफेद रंग की प्रतिमाओं की मांग सबसे अधिक है. कलकतिया स्टाइल की सफेद मूर्तियों की भारी बुकिंग हुई है. सफेद रंग को ज्ञान, शांति और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है. हालांकि अब पूरी तरह चमकदार केमिकल रंगों की जगह हल्के, देसी और मैट शेड्स का चलन बढ़ा है. इस बार इको-फ्रेंडली प्रतिमाओं की मांग अधिक है.
गुलजार रहा पूजन सामग्री का बाजार
सरस्वती पूजा को लेकर शहर के पूजा सामग्री का बाजार भी गुलजार है. शहर के खुश्कीबाग हाट के इलाके में पूजन सामग्री की दुकानों पर भीड़ बढ़ गयी है. यहां के कई दुकानदारों ने बताया कि मां सरस्वती को पीला रंग प्रिय है, इसलिए पीले वस्त्र, पीला चंदन, और पीले फूलों की खूब मांग है. पूजा किट यानी अक्षत, धूप, कपूर और कलावा 200 से 500 रुपये के बीच मिल रहा है. इसके साथ ही अगरबत्ती, धूप, हवन सामग्री, कलम-दवात, किताबें और माला की खास मांग है. इस बार पीले गुलाब और गेंदा फूल की कीमत में हल्की बढ़ोतरी देखी जा रही है. गेंदा फूल 80 से 120 रुपये प्रति कोरी बिक रहा है, जबकि गुलाब 10 से 40 रुपये प्रती पीस तक़ पहुंच गया हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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