उदीयमान सूर्य को अर्घ अर्पित कर छठी मैया से मांगी सुख, शांति और समृद्धि की मन्नतें

Published by : AKHILESH CHANDRA Updated At : 25 Mar 2026 7:08 PM

विज्ञापन

असीम श्रद्धा व आस्था के साथ सम्पन्न हुआ चार दिवसीय चैती छठ महापर्व

विज्ञापन

असीम श्रद्धा व आस्था के साथ सम्पन्न हुआ चार दिवसीय चैती छठ महापर्व पूर्णिया. चैत्र माह में होने वाले आस्था के महापर्व छठ के अंतिम दिन बुधवार को बड़ी संख्या में व्रतियों ने भगवान भाष्कर को ‘सूर्योदय अर्घ्य’ चढ़ाया और नमन करते हुए छठी मैया से सुख, शांति और समृद्धि की मन्नतें मांगी. इसी के साथ चार दिवसीय चैती छठ का समापन हो गया. इन चार दिनों में श्रद्धालुओं ने छठ पर्व पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाया. छठ महापर्व के चौथे एवं अंतिम दिन तड़के ही उगते सूरज को अर्घ्य देने के लिए व्रती और उनके परिजन अपने घरों से पूजा सामग्रियों के साथ पक्की तालाब और सिटी सौरा नदी के घाटों पर पहुंच गए थे. अधिकांश लोगों ने अपने घरों की छतों पर ही अर्घ्य देने की व्यवस्था की थी. व्रतियों ने घुटने तक पानी में उतर कर, पूजा सामग्रियों से भरे सूप हाथों में लिए भगवान भास्कर को पूरी श्रद्धा के साथ दूसरा अर्घ्य दिया. सुबह घुटने तक पानी में खड़े होकर व्रतधारियों ने सूप, बांस की डलिया में सन्तरा, गन्ना सहित पूजन सामग्री और गाय के दूध से भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया और सुख समृद्धि की कामना की. गौरतलब है कि छठ पर्व में सूर्य देव और छठ मैया की आराधना-उपासना की जाती है. महापर्व के तीसरे दिन शाम को व्रती निर्जला रहकर डूबते सूर्य को ‘अर्घ्य’ देते हैं जबकि चौथे दिन उगते सूर्य को ‘अर्घ्य’ देने के साथ इस महापर्व का समापन होता है.

विज्ञापन
AKHILESH CHANDRA

लेखक के बारे में

By AKHILESH CHANDRA

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन