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रमजान के बाजार में सेवइयों व खजूर की धूम, हैदराबादी सेवई पहली पसंद

Updated at : 20 Mar 2025 6:00 PM (IST)
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रमजान के बाजार में सेवइयों व खजूर की धूम, हैदराबादी सेवई पहली पसंद

हैदराबादी सेवई पहली पसंद

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बाजारों में बढ़ गयी है लच्छा और सेवई की बिक्री, फलों की भी हो रही खरीददारी

रमजान को लेकर सुबह और शाम के समय गुलजार दिख रहे शहर के सभी बाजार

पूर्णिया. रमजान के पाक महीने में इबादत की जाती है. इसी नियत से लोग रोजा रखकर इबादत कर रहे है और इबादत के साथ-साथ त्योहार की खरीदारी भी हो रही है. यही वजह है कि रमजान के लिए खास तौर पर सजे बाजार में लच्छा और सेवई की बिक्री बढ़ गयी है. सभी के घरों में मीठे पकवान बन रहे है. खासकर सेहरी और इफ्तार के समय सेवई और लच्छा का स्वाद लोग ले रहे हैं. लच्छा और सेवई में सूखे मेवे डाले जा रहे हैं जिसके कारण काजू, किसमिस, बादाम समेत अन्य सूखें फलों की खरीददारी हो रही है. लोग इसके अलावा खजूर की भी खरीददारी कर रहे है. शहर के भट्ठा बाजार, लाइनबाजार, खजांचीहाट, मधुबनी, खुश्कीबाग में अच्छी खासी भीड़ जुट रही है. हालांकि सेवई और लच्छे पूर्णिया में भी तैयार हो रहे हैं और सीमांचल के दोनों प्रमंडलों में जिसकी सप्लाई भी हो रही है पर लोगों की पहली पसंद हैदराबाद की सेवई है. इसके नहीं मिलने पर लोग बनारसी सेवई खरीद रहे हैं.

महंगाई पर भारी पड़ रही परम्परा

रमजान के बाजार में इस साल अमूमन सभी आइटम महंगे हैं पर खरीदारी पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है. रोजेदार कहते हैं कि काफी इंतजार के बाद माहे रमजान आता है और इसमें तो रहमतों की बारिश होती है फिर वे कंजूसी या कटौती क्यों करें. पूरे उत्साह के साथ वे अपनी परम्परा का निर्वाह करते हैं. इधर, दुकानदारों का कहना है कि रमजान के पर्व में वे खुद भी मुनाफाखोरी से परहेज करते हैं. यहां अपनी ओर से वे कोई दाम नहीं बढ़ाते बल्कि थोक भाव में खरीदे गये सामान पर सिर्फ परिवहन व्यय जुटता है. निर्माण सामग्रियों के महंगा होने के कारण बाहर से ही सामान महंगा आ रहा है.

कारोबारियों को बेहतर बिकवाली की उम्मीद

इस साल रमजान के बाजारों में खासी चहल-पहल है और दुकानदारों को ईद की बेहतर बिकवाली की भी उम्मीद है. पिछले साल बिक्री काफी हद तक प्रभावित हुई थी. थाना चौक पर सेवई कारोबार चलाने वाले मो. जाकीर बताते हैं कि त्योहार पिछले साल भी मनाया गया था और लोकल स्तर पर खरीददारी भी हुई थी पर इसका आंकड़ा अपेक्षाकृत कम था. खुश्कीबाग के खजूर विक्रेता विजय गुप्ता बताते हैं कि इस बार पन्द्रह रमजान के बाद थोड़ी मंदी आयी है पर बिकवाली फिर तेज होगी. गुलाबबाग के लच्छा- सेवई कारोबारी मनोज बताते हैं कि पूर्णिया में तैयार की जाने वाली सेवई सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, अररिया और किशनगंज तक भेजी जाती है . इस साल पहले दिन से ही अपेक्षाकृत बिक्री तेज है.

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कीमतों पर एक नजर

कीमत प्रति किलो

सेवई बनारस- 300 से 400सेवई पटना- 200 से 300

सेवई कोलकाता 300 से 350

सेवई कतरी 700

सेवई लोकल 120 से 250

सेवई मशाला 20 से 30 प्रति पैकेट

खजूर(सउदी) 300 से 600

खजूर(लोकल) 250 से 300गल्फ खजूर 160 से 200

काजू 900 से 1000बेदाना 150 से 180किशमिश 300 से 350

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AKHILESH CHANDRA

लेखक के बारे में

By AKHILESH CHANDRA

AKHILESH CHANDRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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