ePaper

उमंग व उम्मीदों के साथ 14 को 256वें वर्ष में प्रवेश करेगा पूर्णिया

Updated at : 12 Feb 2026 5:58 PM (IST)
विज्ञापन
उमंग व उम्मीदों के साथ 14 को 256वें वर्ष में प्रवेश करेगा पूर्णिया

DCIM\100MEDIA\DJI_0303.JPG

विकास की कई सीढ़ियां तय कर आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ रहा पूर्णिया

विज्ञापन

विकास की कई सीढ़ियां तय कर आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ रहा पूर्णिया

स्थापना के ऐतिहासिक दिन को यादगार बनाने की प्रशासनिक पहल तेज

पूर्णिया. गौरवमय अतीत और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अपनी स्मृतियों में समेटे हुए अपना पूर्णिया आगामी 14 फरवरी को नये जोश, नई उमंग और उम्मीदों के साथ 256 वें वर्ष में प्रवेश करेगा. पूर्णिया के लिए यह दिन ऐतिहासिक होगा जिसे यादगार बनाने की प्रशासनिक पहल तेज हो गई है. यह अलग बात है कि पूर्णिया का आम आदमी भी इस दिन को खास निगाहों से देख रहा है. यह इसलिए भी कि गुजरते वक्त के साथ पूर्णिया ने विकास की कई सीढ़ियां तय कर ली और आज यह आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर है. प्रशासन ने भी इस दिन को यादगार बनाने के लिए कई अहम तैयारियां की है जिसमें शनिवार को पूर्णियावासी उमंग और उत्साह के साथ भागीदारी निभाएंगे.

गौरतलब है कि जिला प्रशासन की ओर से स्थापना दिवस पर समारोह के साथ कई अलग-अलग तैयारियां की जा रही हैं. एक तरफ जहां शहर की दीपावली की तरह रंग-बिरंगे लाइटों से सजाने की तैयारी है वहीं कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है जिसमें एक तरफ कलाकारों का धमाल मचेगा तो दूसरी तरफ अलग-अलग स्टॉलों के माध्यम से जिले में हो रहे विकास कार्यों, जन-कल्याणकारी योजनाओं का प्रदर्शन किया जाएगा. अहम यह है कि इस बार सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोकल कलाकारों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है जो अपने जिले और बिहार की लोक कला का बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले हैं. वैसे, बाहर से भी कलाकार बुलाए जा रहे हैं पर लोकल कलाकारों को शामिल कर पूर्णिया की लोक कला व परंपराओं को जीवंत रखने की कोशिश की जा रही है.

जिला स्थापना दिवस पर इस बार ‘रन फॉर पूर्णिया’ खास आकर्षण होगा जिसमें अधिकारियों के साथ पूर्णियावासी अपने पूर्णिया के लिए संग-संग दौड़ेंगे. इस दौरान स्कूली बच्चों के लिए निबंध, पेंटिंग और खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है. प्रशासन की ओर से वैसे छात्र-छात्राओं, प्रगतिशील किसानों, उद्यमियों और समाजसेवियों को खास तौर पर सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाएगा जिन्होंने पूर्णिया का नाम रौशन किया है. याद रहे कि जिले का स्थापना दिवस मनाने का कार्यक्रम साल 2008 से शुरू हुआ. पूर्णिया जिले के स्थापना लेकर जानकारों के बीच मतभेद था. इसलिए तत्कालीन डीएम ने 2007 में प्रो. रामेश्वर प्रसाद के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई थी. इस टीम में पत्रकार स्व. शंकर डे और साहित्यकार, इतिहास के जानकार को शामिल किया गया था.

—————

आंकड़ों का आईना

1770 में 14 फरवरी को हुई थी जिले की स्थापना 1770 में पहले जिला सुपरवाइजर आए थे जी.डुकरैल

2008 से शुरू किया गया स्थापना दिवस समारोह का आयोजन

04 अनुमंडल हैं वर्तमान पूर्णिया में14 प्रखंड हैं वर्तमान पूर्णिया में

246 पंचायतों में बसी है ग्रामीण आबादी

1246 राजस्व गांव हैं जिले में

विज्ञापन
AKHILESH CHANDRA

लेखक के बारे में

By AKHILESH CHANDRA

AKHILESH CHANDRA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन