प्रेमानंद जी का प्रवचन सुन आध्यात्म की राह पर निकल पड़ा 9 वीं कक्षा का छात्र, घर से निकलने से पहले कहा- अंतिम प्रणाम स्वीकार करो
सत्यम और प्रेमानंद जी महाराज
Premanand Ji Maharaj: 9 वीं कक्षा का छात्र सत्यम कुमार (15 वर्ष) अपना घर छोड़ कर आध्यात्मिक मार्ग पर निकल गया है.वह पिछले एक साल से यूट्यूब पर स्वामी प्रेमानंद जी महाराज के आध्यात्मिक प्रवचन का वीडियो देख रहा था. घर से जाने से पहले सत्यम अपनी मां और बहन के नाम एक नोट भी छोड़ गया है.
Premanand Ji Maharaj: पूर्णिया के मधुबनी थाना क्षेत्र के कोसी विहार का सत्यम सोमवार की सुबह करीब 8:30 बजे मधुबनी इलाके के कोसी बिहार स्थित घर से निकला था. घर से निकलते हुए उसने न पैसे लिए, न मोबाइल ली और न ही कोई दूसरा सामान अपने साथ लिया. वह हॉफ पेंट और टी शर्ट पहने बगैर जूता चप्पल घर से निकल गया. सत्यम के इस नोट को लेकर परिवार वाले स्थानीय मधुबनी थाना पहुंचे और इसकी लिखित शिकायत की. इस संबंध में मधुबनी थानाध्यक्ष सूरज प्रसाद ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है. परिजनों ने किशोर के लिखे नोट के साथ आवेदन दिया है. मामले की जांच पड़ताल के बाद किशोर का पता लगाया जा रहा है.
बड़ा होकर अफसर बनना चाहता था
सत्यम के मामा अमित मिश्रा ने बताया कि सत्यम तीन बहनों में इकलौता भाई और सबसे छोटा है. वर्ष 2021 में उसके पिता शिव शंकर ठाकुर उर्फ चुना ठाकुर की मौत हो गई थी. सत्यम बचपन से ही पढ़ने में काफी मेधावी रहा है. वह मधुबनी स्थित सरकारी स्कूल में कक्षा 9 वी का छात्र है. वह अपनी कक्षा में पहले स्थान पर ही रहा है. वह बड़ा होकर अफसर बनना चाहता था, लेकिन पिछले एक साल से सत्यम यूट्यूब पर प्रेमानंद जी महाराज के आध्यात्मिक प्रवचन का वीडियो देखता आ रहा था.
पढ़ाई के दौरान वह कॉपी में राधे-राधे लिखता रहता था. इधर उसे गूगल पर मथुरा वृन्दावन जाने के रास्ते को ढूंढते देखा गया था. अगले साल ही उसकी दसवीं की परीक्षा है. आज सुबह करीब 8:30 बजे सत्यम को घर से निकलते देखा तो उन्हें तब लगा कि सत्यम घर के बाहर टहलने निकला है.
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निकलने से पहले मां के नाम लिखा पत्र
सत्यम की मां गीता ठाकुर ने रोते हुए बताया कि घर से निकलने से पहले उसने नोट में लिखा कि मां और दीदी आप दोनों के आशीर्वाद से आज मैं आध्यात्मिक रास्ते पर निकल रहा हूं. आप बस आशीर्वाद दें कि मेरा हर समय राधा मां का नाम जपते हुए और राधा मां के चिंतन में बीते. राधे -राधे मां दीदी. मेरा अंतिम प्रणाम स्वीकार करें.
घर से निकलने के बाद उन लोगों ने सत्यम को काफी ढूंढा,यहां तक कि कटिहार रेलवे स्टेशन में भी ढूंढा गया.आसपास के इलाके और रिश्तेदारों के यहां भी पता लगाया,लेकिन उसका अबतक कुछ पता नहीं चला है.सत्यम की मां एक निजी स्कूल में ऑफिस कर्मी है.वह मूल रूप से का के नगर थाना क्षेत्र के कजरा भूरी की निवासी है और कोसी विहार में रहती है.
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By Paritosh Shahi
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