अब तीसरी आंख रखेगी जीएमसीएच के चप्पे-चप्पे पर नजर

Edited by SATYENDRA SINHA
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स्थानीय राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल की सुरक्षा से लेकर तमाम गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए चारों ओर तीसरी आंख की व्यवस्था की जा रही है.

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चारों ओर लगाये जा रहे हैं दर्जनों सीसीटीवी कैमरे

पूर्णिया. स्थानीय राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल की सुरक्षा से लेकर तमाम गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए चारों ओर तीसरी आंख की व्यवस्था की जा रही है. मुख्य द्वार एवं अस्पताल परिसर से लेकर ओपीडी एवं वार्डों में भी दर्जनों सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं. इनमें से मुख्य स्थानों पर काफी पॉवरफुल कैमरे स्थापित किये जा रहे हैं. मिली जानकारी के अनुसार ये विशेष प्रकार के कैमरे हैं जिनसे आसपास के इलाके में लोगों की बातचीत भी साफ तौर पर सुनी जा सकती है. खास बात तो यह है कि इन सीसीटीवी कैमरों को लगाने के लिए ऐसे खास स्थानों का चयन किया गया है जहां से किसी के भी अस्पताल में इंट्री के बाद से लेकर तमाम एरिया में उसके द्वारा किये गये भ्रमण वाले इलाकों को आसानी से मॉनिटर किया जा सकता है. नए ओपीडी भवन के अलावा अस्पताल के पुराने वार्डों में भी कई कैमरों को इंस्टाल किया गया है जहां से चारों ओर चल रही गतिविधियों को आसानी से मॉनिटर किया जा सकेगा. अस्पताल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार अस्पताल में सीसीटीवी की मॉनिटरिंग के लिए एक अतिरिक्त नियंत्रण कक्ष की भी स्थापना की जायेगी जहां ऑन ड्यूटी अधिकारियों की टीम में तकनीकी लोग भी शामिल रहेंगे.

दलालों और हंगामों पर की जा सकेगी त्वरित कार्रवाई

अस्पताल में चारों ओर क्लोज सर्किट कैमरों के लग जाने से दलालों और किसी भी तरह के हंगामे की स्थिति में त्वरित और सटीक कार्रवाई संभव हो सकेगी. इसके साथ साथ ऑन ड्यूटी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के क्रिया कलापों पर भी नजर रखना आसान होगा. दूसरी ओर इससे स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने में भी मदद मिलेगी जिसका सीधा लाभ मरीजों को मिलेगा. मुख्य आपात चिकित्सा पदाधिकारी की माने तो इससे जरूरतमंद लोगों के कार्यों के निपटान में कहीं किसी तरह की परेशानी के अलावा ऑन ड्यूटी लोगों द्वारा उन्हें दी गयी मदद की भी जानकारी मिल सकेगी साथ ही किसी भी तरह की आपात स्थिति की निगरानी आसान होगी. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि क्लोज सर्किट कैमरे से संपूर्ण अस्पताल की मॉनिटरिंग सेंट्रल मॉनिटरिंग रूम के अलावा कभी भी और कहीं से भी उनके अपने मोबाइल द्वारा इंटरनेट की मदद से भी की जा सकेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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