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ठंड का मौसम आते ही शहर में जगह जगह सज गये तिलकुट की दुकान

Updated at : 12 Dec 2019 8:28 AM (IST)
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ठंड का मौसम आते ही शहर में जगह जगह सज गये तिलकुट की दुकान

पूर्णिया : कहते हैं तिलकुट का महत्व मुख्य रुप से मकर संक्रांति में होता है पर ठंड का मौसम आते ही शहर में जगह-जगह तिलकुट के बाजार आबाद हो गये हैं जहां इसकी बिक्री भी हो रही है. खरीदारों का तर्क है कि ठंड में तिल से बनी यह मिठाई गर्म होती है. ठंड के […]

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पूर्णिया : कहते हैं तिलकुट का महत्व मुख्य रुप से मकर संक्रांति में होता है पर ठंड का मौसम आते ही शहर में जगह-जगह तिलकुट के बाजार आबाद हो गये हैं जहां इसकी बिक्री भी हो रही है. खरीदारों का तर्क है कि ठंड में तिल से बनी यह मिठाई गर्म होती है.

ठंड के कारण ही लोग तिलकुट पर जोर देने लगे हैं और यही वजह है कि मकर संक्रांति से पहले ही शहर में तिलकुट के अलग बाजार सज गये हैं. यह अलग बात है कि महंगाई में इसकी खरीदारी भी सबके लिए मुश्किल नजर आ रही है. अगर देखा जाये तो पिछले साल की अपेक्षा इस वर्ष तिलकुट की कीमत में 30 से 40 फीसदी तक इजाफा हुआ है.
तिलकुट पर महंगाई की मार : इस साल तिल की कीमत में उछाल आने के कारण तिलकुट की कीमत पर भी असर पड़ा है. दुकानदारों की मानें तो पिछले साल की तुलना में सफेद तिल की कीमत में औसतन पचास फीसदी वृद्धि हुई है. यही वजह है कि तिलकुट के भाव कहीं डेढगुना तो कहीं दोगुना बढ़ गये हैं. पूर्णिया के बाजारों में हर तरह के तिलकुट उपलब्ध हैं. तिलकुट की कीमत 200 रुपये से 500 रुपये प्रति किलो के बीच है.
महंगा बिक रहा खोवा का तिलकुट :शहर के बाजारों में हर तरह के तिलकुट उपलब्ध हैं पर खोवा का तिलकुट सबसे महंगा बिक रहा है. इसकी मांग भी अपेक्षाकृत अधिक है. वैसे, चीनी एवं गुड़ के तिलकुट का डिमांड भी कम नहीं है पर लोगों की पहली पसंद खोवा का तिलकुट ही है. ऐसे भी लोग हैं जो सिक्सटी-फोरटी के रेसियो में दोनों तरह के तिलकुट की खरीदारी कर रहे हैं.
लेकिन इतना तय है कि इस वर्ष खोवा के तिलकुट की मांग अधिक हो रही है. तिलकुट के अलग अलग रुप रंग : शहर के बाजारों में एक तिल से बनाये गये तिलकुट के अलग अलग रुप और रंग हैं. तिल अलग बिक रहा है तो तिलकुट अलग. हालांकि मांग तिल से बनाये गये आइटमों की अधिक हो रही है. इसमें खास तौर पर तिलपापड़ी, तिलपट्टी, बादामपट्टी, मसका , राबड़ी आदि आइटम लोगों को आकर्षित कर रहे हैं. इनकी कीमत चार सौ रुपए प्रति किलो तक है.
कीमत पर एक नजर
खोवा तिलकुट – 500 रु. प्रति किलो
चीनी तिलकुट – 350 रु. प्रति किलो
गूड़ का तिलकुट – 350 रु. प्रति किलो
तिलपापड़ी – 400 रु. प्रति किलो
गुलक तिलकुट – 400 रु. प्रति किलो
काजू तिलकुट – 400 रु. प्रति किलो
राबड़ी तिलकुट – 400 रु. प्रति किलो
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