जीएमसीएच को पीडियाट्रिक्स, गायनी के बाद एनाटॉमी में डीएनबी कोर्स की मिली स्वीकृति

Published by : SATYENDRA SINHA Updated At : 05 Jun 2026 5:45 PM

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राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवम अस्पताल को पीडियाट्रिक्स और गायनी के बाद अब एनाटॉमी के लिए भी डीएनबी पाठ्यक्रम की अनुमति मिल गयी है. पूर्णिया मेडिकल कॉलेज को एनाटॉमी में दो सीट की अनुमति मिली है.

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पूर्णिया से स्वास्थ्य प्रतिनिधि की रिपोर्ट :

पूर्णिया. राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवम अस्पताल को पीडियाट्रिक्स और गायनी के बाद अब एनाटॉमी के लिए भी डीएनबी पाठ्यक्रम की अनुमति मिल गयी है. पूर्णिया मेडिकल कॉलेज को एनाटॉमी में दो सीट की अनुमति मिली है. यह एप्रुवल नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस (एनबीइएमएस) द्वारा छानबीन के बाद मिली है. यहां फेकल्टी के रूप में गायनी विभागाध्यक्ष डॉ. ऋचा झा, पेडियाट्रिक्स में विभागाध्यक्ष डॉ. प्रेम प्रकाश एवं एनाटॉमी में डॉ. राकेश एवं डॉ. नकुल चौधरी प्रमुख रूप से उपलब्ध हैं. डीएनबी डिग्री व डिप्लोमा पाठ्यक्रम में एनाटॉमी के शामिल हो जाने के बाद अब पीडियाट्रिक्स और गायनी में पांच पांच तथा एनाटॉमी में दो सीट उपलब्ध हो गयी है जिससे इन तीनों विषयों में एमबीबीएस के बाद मेडिकल के स्टूडेंट्स को डीएनबी करने का मौका मिलेगा.

शरीर रचना विज्ञान पाठ्यक्रम की मिली अनुमति

जीएमसीएच प्राचार्य प्रो. डॉ. हरिशंकर मिश्र ने बताया कि बीते सत्र में पीडियाट्रिक्स एवं गायनी के लिए डीएनबी पाठ्यक्रम की शुरुआत हो जाने के बाद अब एक और विषय एनाटॉमी (शरीर-रचना-विज्ञान) पाठ्यक्रम के लिए अनुमति मिल गयी है. उन्होंने कहा कि जल्द ही चार और विषयों में पाठ्यक्रम की भी अनुमति मिलने की सम्भावना है. प्राचार्य ने फेकल्टी के सम्बन्ध में भी जल्द ही सरकार द्वारा व्यवस्था कराए जाने की उम्मीद जतायी. जीएमसीएच की इस उपलब्धि पर मेडिकल कॉलेज के सभी चिकित्सकों और कर्मियों के बीच हर्ष का माहौल है. मालूम हो कि डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी) एक उपाधि है जो राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (एनबीई) द्वारा प्रदान की जाती है. यह भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त शैक्षणिक निकाय है. एमबीबीएस की डिग्री के बाद इस पाठ्यक्रम को पीजी स्तर के समकक्ष दर्जा प्राप्त है.

बोले प्राचार्य

जीएमसीएच में डीएनबी कोर्स को लेकर प्रयास लगातार जारी है. यहां पहले ही पीडियाट्रिक्स और ऑब्स एंड गायनी में स्वीकृति मिल चुकी है और अब एनाटॉमी के लिए दो सीट मिल जाने के बाद कुल 12 सीट उपलब्ध हो गयी है. जल्द ही चार अन्य विषयों ओर्थोपेडिक, फिजियोलोजी, फोरेंसिक मेडिसिन तथा एनेस्थिसिया में भी डीएनबी कोर्स शुरू होने की उम्मीद है.

प्रो. डॉ. हरिशंकर मिश्र, प्राचार्य जीएमसीएच

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