मां वैष्णवी के दरबार में भक्तों की मन्नतें होती हैं पूरी

Updated at : 24 Sep 2019 8:09 AM (IST)
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मां वैष्णवी के दरबार में भक्तों की मन्नतें होती हैं पूरी

जलालगढ़ : आस्था व सामाजिक सौहार्द के लिए प्रतिस्थापित जलालगढ़ स्टेशन चौक स्थित मां वैष्णवी दुर्गा मंदिर में 60 वर्षों से पूजा होती आ रही है. इस स्थान पर स्थापित काल से अब तक लगातार सार्वजनिक रूप से पूजा हो रही है. प्रखंड मुख्यालय के बाजार में स्थित होने के कारण इस मंदिर परिसर में […]

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जलालगढ़ : आस्था व सामाजिक सौहार्द के लिए प्रतिस्थापित जलालगढ़ स्टेशन चौक स्थित मां वैष्णवी दुर्गा मंदिर में 60 वर्षों से पूजा होती आ रही है. इस स्थान पर स्थापित काल से अब तक लगातार सार्वजनिक रूप से पूजा हो रही है. प्रखंड मुख्यालय के बाजार में स्थित होने के कारण इस मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ लगती है. भगवती की पूजा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की जाती है.

स्थानीय बुजुर्गों से मिली जानकारी के अनुसार यहां पहली बार पूजा 1960 के दशक में रेलवे स्टेशन अधीक्षक आनंद बाबू घोष ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर की थी. तत्कालीन स्टेशन अधीक्षक पश्चिम बंगाल के निवासी थे और जब वे यहां रहकर ड्यूटी करने लगे तो उन्होंने स्थानीय कुछ लोगों के साथ दुर्गा पूजा करने का प्रस्ताव रखा.तब से यहां प्रतिवर्ष सार्वजनिक रूप से पूजा होने लगी.
शुरुआत से पूजा जलालगढ़ के मुखिया के नेतृत्व में हुई. वर्ष 2000 में तत्कालीन मुखिया संतोष कुमार राय के काल में जलालगढ़ दुर्गा मंदिर का भवन निर्माण कार्य हुआ. वर्ष 2002 के बाद पूजा कमेटी में बदलाव हुआ और पूजा तथा मेला स्थानीय निवासी द्वारा होने लगा.
पिछले डेढ़ दशक में मंदिर का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है. आज यहां सैकड़ों श्रद्धालु सुबह-शाम पूजा अर्चना के लिए प्रतिदिन पहुंचते हैं.
आरंभ से ही पशुधन के लिए बलि प्रथा का त्याग : जलालगढ़ स्थित इस मंदिर के बारे में बताया जाता है कि यहां कोई जीव की बलि प्रथा आरंभ से ही नहीं होती है. यहां आरंभ से ही वैष्णव माता का प्रतिरूप में प्रत्येक वर्ष पूजा वैदिक मंत्रों के साथ किया जाता है. सप्तमी को मां भगवती की प्रतिमा स्थापित की जाती है.
सप्तमी को प्रतिमा स्थापित कर प्राण-प्रतिष्ठा स्थापित कर ढाक की तान के साथ पूजा-अर्चना होती है. अष्टमी और नवमी के दिन सैकड़ों महिला श्रद्धालु माता को खोयंचा चढ़ातीं है. इसमें मुस्लिम समुदाय के श्रद्धालु की भीड़ चढ़ावा के समय लगती है. मंदिर परिसर में प्रतिवर्ष कमेटी द्वारा भव्य मेले का आयोजन किया जाता है. मेले की व्यवस्था के लिए स्थानीय कमेटी के साथ जलालगढ़ थाना एवं रेलवे पुलिस प्रशासन एक साथ मिलकर सहयोग करते हैं.
पूजा कमेटी के अध्यक्ष ने बताया कि इस वर्ष माता की षष्ठी पूजन के शाम में महाआरती और सप्तमी को निशा पूजा तथा महाष्टमी को रात्रि महानिशा पूजा व ज्योत पूजन व प्रसाद वितरण किया जायेगा. इसमें पूजा के बाद भक्ति जागरण व झांकी कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा. बताया जाता है कि इस मंदिर में जो मन्नतें मांगी जाये वह पूरी होती है, जिसका प्रमाण मंदिर में चढ़ने वाली खोयंचा है.
आयोजन को सफल बनाने में कमेटी तत्पर
इस वर्ष कमेटी में मेला संरक्षक प्रदीप राय, अध्यक्ष निकेश राय, सचिव कर्ण सिंह, कोषाध्यक्ष संजय पोद्दार, उपाध्यक्ष अनिल ठाकुर, कुंदन कुणाल, बिनोद मंडल, मनीष यादव, शैशव कुमार, प्रदीप यादव, सह सचिव राजकुमार केशरी, मनीष चौधरी, के साथ निशांत सिंह, किशन चौधरी, जयकिशन, भरत ठाकुर, ललित चौधरी, कामेश्वर जमादार, संदीप, सुमित, संजय महतो, रामानंद यादव, विवेक अग्रवाल, अविनाश राय, जयंत, विजय श्रीवास्तव, प्रदीप, पंकज, रंजीत, गौरव, भोला, आदि सहित मंदिर संरक्षक संतोष चौहान, हर्ष पांडेय, अक्षय शर्मा आदि पूजा व मेला को सफल बनाने में जुटे हैं.
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