पटना में बन रहा देश का सबसे बड़ा यूनानी मेडिकल कॉलेज दो साल में हो जायेगा शुरू, 125 सीटों पर होगा एडमिशन

Edited by ANAND TIWARY
Updated:
विज्ञापन

राजधानी पटना के एनएमसीएच के पास 264 करोड़ की लागत से बन रहे देश के सबसे बड़ा यूनानी चिकित्सा कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू हो गया है

विज्ञापन

– राजकीय तिब्बी कॉलेज का 99वां स्थापना दिवस समारोह

संवाददाता, पटना

राजधानी पटना के एनएमसीएच के पास 264 करोड़ की लागत से बन रहे देश के सबसे बड़ा यूनानी चिकित्सा कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू हो गया है. इसका निर्माण पूरा होने का लक्ष्य 2027 तक रखा है. यानी अगले दो साल में यह पूरा हो जायेगा. इतना ही नहीं वर्तमान में यहां किसी कारणवश यूजी के लिए बीयूएमएस पाठ्यक्रम में 31 व पीजी में 25 सीटों पर पढ़ाई हो रही है, जिसे बढ़ाकर यूजी में 125 व पीजी की 31 सीटों को बढ़ाने की प्रक्रिया की जायेगी. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहल की जा रही है. यह कहना है स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे का. वह बुधवार को बुद्ध मूर्ति स्थित राजकीय तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल के 99वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में सभा को संबोधित कर रहे थे. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मंगल पांडे, विशिष्ट अतिथि डॉ अहमद अब्दुल हई, आइसीएमआर के निदेशक डॉ कृष्णा पांडे, तिब्बी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ महफुजूर रहमान व अधीक्षक ने संयुक्त रूप से किया. वहीं मंगल पांडे ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों पर तेजी से बहाली की जा रही है. जल्द ही तिब्बी कॉलेज को 15 असिस्टेंट प्रोफेसर मिल जायेंगे. इसके लिए प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गयी है. साथ ही पांडे ने कहा कि बेगूसराय, दरभंगा में संचालित राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में जल्द ही पढ़ाई सहित सही तरीके से इलाज की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी. साथ ही मुजफ्फरपुर में बिहार का एक मात्र होम्योपैथी सरकारी कॉलेज में भी सुविधाओं का विस्तार किया गया है.

प्रिंसिपल ने एंबुलेंस सहित सात मांगें रखीं

प्रिंसिपल डॉ महफुजूर रहमान ने मंत्री मंगल पांडेय से कॉलेज में सात मांगों को पूरा करने का निवेदन किया. इसमें उन्होंने 15 नियमित या संविदा पर प्राध्यापकों की बहाली, अस्पताल को एक एंबुलेंस, 13 असिस्टेंट प्रोफेसरों की बहली, छात्रों के लिए एक बस, यूजी में 125 व पीजी में 31 सीटों पर दाखिला सहित सात मांगों को पूरा करने की मांग की, जिसपर मंत्री मंगल पांडेय ने भरोसा जताते हुए आश्वासन दिया है. वहीं एए हई ने कहा कि तिब्बी कॉलेज से उनका घराना नाता है. इसके निर्माण में उनके परनाना ने अहम भूमिका निभायी थी. वहीं निदेशक कृष्णा पांडे ने कहा कि डायबिटीज सहित अन्य दवाओं के शोध पर वह आइसीएमआर व तिब्बी कॉलेज से एमओयू जल्द साइन करेंगे. इसके लिए उन्होंने दिल्ली स्थित शोध संस्थान को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है. इस दौरान अगले साल 100वें स्थापना दिवस समारोह के लिए तैयारी की चर्चा की गयी. साथ ही एक साल का कैलेंडर जारी किया गया. कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान व कॉलेज का तराना गाकर समारोह का समापन किया गया.

नये तिब्बी कॉलेज में ये मिलेंगी सुविधाएं

– पांच मंजिला भवन होगा, जो पूरी तरह से मॉडर्न तकनीक से लैस होगा.

– इसमें 200 बिस्तरों वाला यूनानी अस्पताल शामिल होगा, जो इलाज और प्रशिक्षण दोनों के लिए उपयोगी होगा.

– कॉलेज में एक 500 सीटों वाला वातानुकूलित सभागार बनाया जायेगा.

– 150 छात्रों के लिए पढ़ाई की सुविधा और उच्चस्तरीय प्रयोगशालाएं स्थापित की जायेगी.

– शिक्षकों, चिकित्सकों और छात्रों के लिए आवासीय भवन और छात्रावास भी निर्माण का हिस्सा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ANAND TIWARY

लेखक के बारे में

By ANAND TIWARY

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन