पूर्व सैनिकों ने राज्यपाल को सौंपा 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन, जानिए क्या-क्या है मांगें?

Edited by Nikhil Anurag
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राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते पूर्व सैनिक

Patna News: दानापुर में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने बिहार के राज्यपाल से मुलाकात कर 10 सूत्री मांगपत्र सौंपा. ज्ञापन में सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा संस्थानों में आरक्षण, हेल्प डेस्क गठन, आवास और अन्य सुविधाओं की मांग की गई.

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Patna News: (संजय कुमार की रिपोर्ट) अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को राज्यपाल से मुलाकात कर 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा. शिष्टमंडल में पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल एमपी सिंह, पूर्व सैनिक अरुण फौजी, शैलेश कुमार धीरज उर्फ सुधीर फौजी, श्रवण कुमार सिंह, हरेश पांडेय, आईबी ठाकुर समेत परिषद के अन्य सदस्य शामिल थे.

सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग

ज्ञापन में बिहार की सभी सरकारी नौकरियों में अन्य राज्यों की तर्ज पर पूर्व सैनिकों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की गई. साथ ही कानून, मेडिकल, इंजीनियरिंग एवं अन्य प्रबंधन संस्थानों में पूर्व सैनिकों के आश्रित बच्चों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने की मांग रखी गई.

जिलास्तरीय समितियों में प्रतिनिधित्व की मांग

परिषद ने मांग की कि जिला पदाधिकारी के नेतृत्व में होने वाली सभी जिलास्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठकों में पूर्व सैनिकों को शामिल किया जाए. इसके अलावा बीएमपी-16 की भर्ती शुरू कर उसमें पूर्व सैनिकों की बहाली सुनिश्चित करने की मांग भी की गई.

हेल्प डेस्क और रजिस्ट्री शुल्क में छूट की मांग

ज्ञापन में पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक जिले में हेल्प डेस्क गठित करने की मांग की गई. साथ ही अन्य राज्यों की तर्ज पर पूर्व सैनिकों के लिए 30 लाख रुपये तक की जमीन रजिस्ट्री पर स्टांप शुल्क माफ करने का अनुरोध किया गया.

आर्म्स लाइसेंस और नियुक्ति से जुड़ी मांगें

परिषद ने सेवा काल के दौरान बनाए गए आर्म्स लाइसेंस के नवीनीकरण के साथ ऑडी रजिस्टर में प्रविष्टि करने तथा पूर्व सैनिकों को सुरक्षा और रोजगार के दृष्टिकोण से प्राथमिकता के आधार पर नया लाइसेंस जारी करने की मांग की. इसके अलावा डायल-112 एवं सैप में भर्ती जवानों की नियुक्ति उनके गृह जिलों में करने की भी मांग उठाई गई.

आवास और लिवर कोटा लागू करने की मांग

ज्ञापन में अन्य राज्यों की तर्ज पर बिहार में भी एडब्ल्यूएचओ के माध्यम से पूर्व सैनिकों को सस्ते दर पर आवास उपलब्ध कराने तथा गुजरात मॉडल की तरह बिहार में भी पूर्व सैनिकों के लिए लिवर कोटा शुरू करने की मांग की गई.

प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे शामिल

परिषद के प्रदेश अध्यक्ष कर्नल एमपी सिंह के नेतृत्व में राज्य सैनिक निदेशालय के डायरेक्टर ब्रिगेडियर मृगेंद्र कुमार, डिप्टी डायरेक्टर कर्नल संतोष त्रिपाठी, बिहार-झारखंड सब एरिया के डिप्टी जीओसी ब्रिगेडियर अमित बेदी, प्रदेश संयोजक सह संगठन सचिव हवलदार श्रवण सिंह, प्रदेश महासचिव नायक हरेश पांडेय, प्रदेश उपाध्यक्ष पीओ गोपाल मिश्र, प्रदेश उपाध्यक्ष हवलदार मनोज चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष पीओ राकेश रंजन, प्रदेश विधि सलाहकार सार्जेंट धीरज कुमार, प्रदेश कोषाध्यक्ष सूबेदार शैलेश कुमार, मगध प्रांत प्रभारी नायक बृजेश कुमार, पटना जिला अध्यक्ष हवलदार श्रीकेश उपाध्याय, भाजपा कार्यकारिणी सदस्य पूर्व सैनिक अरुण सिंह फौजी तथा पूर्व सैनिक शैलेश कुमार धीरज उर्फ सुधीर फौजी भी मौजूद थे.

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Nikhil Anurag

लेखक के बारे में

By Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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