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जदयू के प्रदेश अध्यक्ष फिर बने उमेश कुशवाहा, लगातार तीसरी बार संभालेंगे संगठन की कमान

Updated at : 06 Mar 2026 4:41 PM (IST)
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umesh kushwaha jdu state president

उमेश कुशवाहा की फाइल फोटो

Bihar Politics: जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में चल रहे संगठनात्मक चुनाव के बीच उमेश सिंह कुशवाहा को तीसरी बार बिहार प्रदेश अध्यक्ष चुना गया है. उनके खिलाफ किसी अन्य नेता ने नामांकन नहीं किया, जिसके बाद उन्हें निर्विरोध इस पद के लिए चुन लिया गया.

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Bihar Politics: जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के संगठनात्मक चुनाव में उमेश सिंह कुशवाहा एक बार फिर बिहार प्रदेश अध्यक्ष चुने गए हैं. शुक्रवार को नामांकन के बाद उनके खिलाफ किसी अन्य नेता ने पर्चा दाखिल नहीं किया. इसके बाद उन्हें निर्विरोध तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष घोषित कर दिया गया.

निर्विरोध चुने गए प्रदेश अध्यक्ष

जदयू के संगठनात्मक चुनाव के तहत शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी हुई. उमेश सिंह कुशवाहा ने इस पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया. हालांकि, उनके सामने किसी अन्य नेता ने दावेदारी पेश नहीं की. ऐसे में उन्हें निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष चुन लिया गया. शाम करीब 4 बजे पार्टी की ओर से इसकी औपचारिक घोषणा कर दी गई.

पांच साल से संभाल रहे हैं संगठन की कमान

उमेश सिंह कुशवाहा पिछले करीब पांच साल से बिहार में जदयू संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. उन्हें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी और भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता है. साल 2021 में उन्हें पहली बार जदयू का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था. उस समय उन्होंने वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह की जगह ली थी. इसके बाद वे लगातार इस पद पर बने हुए हैं और अब तीसरी बार उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है.

‘लव-कुश’ समीकरण में अहम भूमिका

बिहार की राजनीति में जदयू का एक बड़ा आधार ‘लव-कुश’ यानी कुर्मी और कोइरी वोट बैंक माना जाता है. नीतीश कुमार कुर्मी समाज से आते हैं, जबकि उमेश सिंह कुशवाहा कोइरी समाज से संबंध रखते हैं. ऐसे में पार्टी के सामाजिक समीकरण को मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस समीकरण के कारण भी नीतीश कुमार का भरोसा उन पर बना हुआ है.

संगठन में मजबूत पकड़

उमेश कुशवाहा को जदयू संगठन की मजबूत कड़ी माना जाता है. वे लंबे समय से पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर काम करते रहे हैं. उपेंद्र कुशवाहा जैसे बड़े कोइरी नेता के पार्टी छोड़ने के बाद भी उमेश कुशवाहा नीतीश कुमार के साथ मजबूती से खड़े रहे. इससे पार्टी नेतृत्व का भरोसा उन पर और बढ़ा.

महनार से दो बार विधायक

उमेश सिंह कुशवाहा वैशाली जिले के महनार विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. वे 2015 और 2025 में यहां से चुनाव जीत चुके हैं. हालांकि 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. इसके बावजूद नीतीश कुमार ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी.

बदलते राजनीतिक माहौल में अहम फैसला

बिहार की राजनीति इस समय कई बदलावों के दौर से गुजर रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच जदयू संगठन को मजबूत रखना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. ऐसे में उमेश सिंह कुशवाहा को तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष बनाना पार्टी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. जदयू नेतृत्व को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में संगठन को और मजबूत किया जा सकेगा.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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