आत्महत्या या कुछ और? 21 दिन में पति-पत्नी की एक ही कमरे में एक ही तरीके से मौत ने खड़े किए कई सवाल

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 19 Apr 2025 9:21 PM

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मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी

Patna News: घटना की सूचना मिलते ही बिहटा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए हैं. थाना प्रभारी ने कहा है कि पुलिस आत्महत्या के साथ-साथ अन्य संभावनाओं की भी जांच कर रही है.

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Patna News, मोनु कुमार मिश्रा,बिहटा: पटना के बिहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत राघोपुर गांव से एक ऐसी रहस्यमय और दुखद खबर सामने आई है जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है. एक ही कमरे में, महज़ 21 दिनों के भीतर, पहले पत्नी और फिर पति ने आत्महत्या कर ली. लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है—क्या ये आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई और वजह छिपी है?

पहले पत्नी, अब पति- एक ही कमरे में मौत

मृतकों की पहचान मोहम्मद जावेद उर्फ रिंकू (उम्र 28) और उनकी पत्नी फरजाना प्रवीण उर्फ फरहाना खातून (उम्र 22) के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, फरजाना ने 21 दिन पहले शनिवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. और अब, उसी कमरे में, उसी दिन (शनिवार) को जावेद ने भी फांसी लगा ली.

परिवार में डिप्रेशन और तनाव की बात, मगर…

परिजनों का कहना है कि फरजाना पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थी, और उसकी मौत के बाद जावेद डिप्रेशन में चला गया था.वह गुमसुम रहने लगा था और किसी से खुलकर बात नहीं करता था. लेकिन एक ही कमरे में दोनों की मौत होना और वो भी ठीक 21 दिन के अंतराल पर—यह एक साधारण मानसिक तनाव की कहानी से ज्यादा कुछ कहता है.

क्या हो सकता है मामला कुछ और?

स्थानीय लोग और कुछ परिजन भी अब यह सवाल उठाने लगे हैं कि कहीं इस मामले में कोई साजिश तो नहीं? क्या किसी तरह का मानसिक या भावनात्मक उत्पीड़न था? या फिर कोई ऐसा रहस्य, जो अब तक सामने नहीं आया?

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बच्ची का भविष्य अधर में

सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि दंपत्ति की 14 माह की एक बच्ची अब पूरी तरह अनाथ हो चुकी है। उसके भविष्य की जिम्मेदारी किस पर होगी—यह सवाल भी सामने है.

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गांव में दहशत और बेचैनी का माहौल

राघोपुर गांव इस दोहरी त्रासदी से गहरे सदमे में है.लोग सहमे हुए हैं और बार-बार यही कह रहे हैं- क्या यह सिर्फ आत्महत्या थी, या पर्दे के पीछे कुछ और?

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लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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