Shravani Mela: 54 किलो चांदी लगा कांवर बना आकर्षक का केंद्र, कांवरिया मार्ग पर सेल्फी लेने के लिए मची होड़
Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 17 Jul 2025 8:46 PM
Shravani Mela 2025
Shravani Mela: सावन का पावन महीना चल रहा है, जिसे लेकर लोगों में आस्था उमंग व उत्साह का माहौल है. कांवरिया मार्ग की बात करें तो गेरुआ रंग में पूरा मार्ग रंगा हुआ है और धूप, अगरबत्ती, गूगल आदि के खुशबू से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है. इसी कड़ी में सुल्तानगंज से देवघर की बीच की बात करें तो कई ऐसे महत्वपूर्ण जगह हैं जो प्राकृतिक और सौंदर्य करण से भरा हुआ है.
Shravani Mela: बांका. कांवरिया मार्ग में एक से बढ़कर एक शिवभक्त विभिन्न वेश धारण कर और कांवर लेकर यात्रा कर रहे हैं. इसी क्रम में पटना सीटी के मारूकगंज से करीब 400 की संख्या में शिव भक्तों ने 54 किलो चांदी से तैयार 54 फीट लंबा कांवर को लेकर कांवरिया मार्ग पर चल रहे है. इस संबंध में कांवर लेकर चल रहे विनोद बाबा ने बताया कि 2008 से मैं उक्त कांवर को लेकर चल रहा हूं. आगे उन्होंने कहा कि सुल्तानगंज से जल लेकर पैदल यात्रा करते हुए उक्त कांवर को 54 घंटा में बाबा बैजनाथ लेकर पहुंचते हैं.
कांवरिया मार्ग पर सेल्फी लेने के लिए मची होड़
कांवर में बैधनाथ धाम का मंदिर, बाबा भोलेनाथ का पूरा परिवार का प्रतिमा, मां दुर्गा, काली, राधा-कृष्ण एवं मां लक्ष्मी व गणेश जी प्रतिमा चांदी से बना हुआ है. जो करीब एक करोड़ की लागत से पूरे कांवर को तैयार किया गया है. जबकि बाबा भोलेनाथ के कृपा से प्रत्येक वर्ष कांवर में और चांदी सहित अन्य चीजों को लगाकर सजाया जा रहा है. वहीं आकर्षक कांवर को देखकर लोग उक्त कांवर के साथ सेल्फी लेने के लिए जुट जाते है.
प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व
सुईया पहाड़ कांवरिया मार्ग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो बांका जिले में स्थित है. यह पहाड़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है. यह पहाड़ धार्मिक रूप से भी महत्वपूर्ण है. क्योंकि यह कांवरिया मार्ग का एक हिस्सा है और शिव भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है. सुईया पहाड़ की चढ़ाई कांवरियों के मन और शरीर को चुनौती देती है. जिससे उनकी भक्ति और दृढ़ संकल्प मजबूत होता है. वहीं इस मार्ग से पैदल गुजरने वाले शिव भक्तों की माने तो सावन के महीने में इस पहाड़ का एक अलग ही महत्व है. बताया जाता है कि सावन के पवित्र माह में शिव अपने पूरे परिवार के साथ इस पहाड़ी पर विराजमान रहते हैं और सुल्तानगंज से पदयात्रा कर यहां पहुंचने वाले कांवरिया श्रद्धालु जो भी अपनी आस्था के साथ मन्नते रखते हैं, बाबा भोले उन भक्तों का मनोकामना अवश्य पूरी करते हैं.
कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं की कतार
सुईया पहाड़ के सबसे ऊंचाई पर जैसे कांवरिया पहुंचते हैं कि सबसे पहले छोटे व बड़े पत्थर के टुकड़े को एक दूसरे के ऊपर रखकर मकान के स्वरूप को तैयार करते हैं. पत्थर इकट्ठा करने के बारे में कहा जाता है कि सूईया पहाड़ पर अगर आस्था के साथ जो भी भक्त अपनी मन में मनोकामना को लेकर रखते हैं उन भक्तों का कामना अवश्य पूरी होती है. जिसे लेकर यह दृश्य पूरे सूईया पहाड़ पर जगह-जगह देखने को मिलता है. जबकि ऐसा भी कहा जाता है कि सुल्तानगंज से पैदल यात्रा करने में जो कांवरिया को रास्ते में परेशानी होती है इस पहाड़ को पार करने के बाद उनकी सारी परेशानी दूर हो जाती है. इसके बाद तेजी से वे बाबा बैजनाथ धाम की ओर निकलते है.
सुईया पहाड़ का महत्व
सुईया पहाड़ की चढ़ाई कांवरियों के लिए एक कठिन परीक्षा मानी जाती है. खासकर जब वे नंगे पैर और कांवर में गंगाजल भरकर चढ़ते हैं. सुईया पहाड़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हरे-भरे जंगल और झरनों के लिए भी जाना जाता है. जिस कारण यहां कांवरिया कुछ पल बैठकर आनंद के पल बिताते है. जबकि उक्त पहाड़ के ऊंची चोटी पर सजी दर्जनों खान-पान की दुकान पर भी बैठकर विभिन्न तरह के व्यंजन का स्वाद लेते हैं. –बांका से चंदन कुमार की रिपोर्ट
Also Read: बिहार का ये हवाई अड्डा बनेगा स्टेट ऑफ द आर्ट एयरपोर्ट, जल्द शुरू होगी हवाई सेवा
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Radheshyam Kushwaha
राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










