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ऑनलाइन दाखिल खारिज की समीक्षा जरूरी

Updated at : 17 Dec 2024 7:32 PM (IST)
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ऑनलाइन दाखिल खारिज की समीक्षा जरूरी

राज्य में ऑनलाइन दाखिल-खारिज और ऑनलाइन परिमार्जन को बेहतर तरीके से करवाने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पदाधिकारियों को समय-समय पर समीक्षा का निर्देश दिया गया है.

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– इ मापी, भू अभिलेख पोर्टल, भू समाधान, भू संपरिवर्तन व ऑनलाइन लगान, ऑनलाइन दाखिल खारिज और ऑनलाइन परिमार्जन समेत अंचल निरीक्षण व्यवस्था की हुई समीक्षा संवाददाता, पटना राज्य में ऑनलाइन दाखिल-खारिज और ऑनलाइन परिमार्जन को बेहतर तरीके से करवाने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पदाधिकारियों को समय-समय पर समीक्षा का निर्देश दिया गया है. इस संबंध में विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा है कि ऑनलाइन दाखिल खारिज और परिमार्जन प्लस की कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाये रखने के लिए अंचल निरीक्षण करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि विभागीय सभी पदाधिकारी महीने में कम से कम दो जिलों के एक भूमि सुधार उप समाहर्ता और एक अंचल कार्यालय का निरीक्षण करेंगे. सचिव जय सिंह ने ये बातें मंगलवार को विभागीय पदाधिकारियों के साथ जमीन से जुड़े कार्यों की समीक्षा बैठक में कहीं. इस बैठक में विभाग के सभी वरीय अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित थे. सचिव ने कहा कि अधिकारियों से कहा कि थानों के निरीक्षण के समय भूमि विवाद के मामलों के गुणवत्ता के साथ निष्पादन की समीक्षा करें. जिन जमाबंदियों में रकवा तो अंकित है लेकिन लगान अंकित नहीं है, वैसे मामलों में केंद्रीयकृत व्यवस्था के तहत लगान अंकित करने की व्यवस्था होगी. इस बैठक में इ मापी, भू अभिलेख पोर्टल, भू समाधान, भू संपरिवर्तन व ऑनलाइन लगान, ऑनलाइन दाखिल खारिज और ऑनलाइन परिमार्जन सहित अंचल निरीक्षण की व्यवस्था पर चर्चा की गयी. सभी जमीनों की होगी मापी की व्यवस्था इस दौरान सचिव जय सिंह ने कहा कि सरकारी भूमि, न्यायालय के आदेश, विधि व्यवस्था और लोक शिकायत में पारित आदेशों से संबंधित मामलों में वेबसाइट के ड्रॉपडाउन मेन्यू में इन्हें जोड़ कर उनकी मापी करायी जायेगी. उन्होंने कहा कि परिमार्जन के छोड़े गये जमाबंदी के मामले में बिना जमाबंदी संख्या के भी मापी के आवेदन लेने की व्यवस्था सॉफ्टवेयर में की जायेगी. उन्होंने कहा कि जिलावार प्रति अमीन अभी औसत तीन मापी किये जा रहे हैं और इसमें सरकारी भूमि की मापी की संख्या को जोड़ा नहीं जा रहा है. ऐसी स्थिति में सरकारी भूमि की मापी के अभिलेखों को भी ऑनलाइन हर हाल में कराया जायेगा. मापी के मामलों में समय पर फीस का भुगतान नहीं करने वाले आवेदकों के आवेदन को 60 दिन के अंदर निरस्त किए जाने का प्रावधान जरूरी है. इसके साथ ही रेवेन्यू कोड मैनेजमेंट सिस्टम के तहत ई मापी के अंतर्गत आवेदन करने और उसके अंतिम रिपोर्ट को भी इस प्रणाली के माध्यम से देखने की व्यवस्था की जायेगी. बॉक्स आधा दर्जन जिलों बसेरा-दो के लाभुकों के चयन सूची में कार्रवाई की मांगी रिपोर्ट बसेरा दो अभियान की चर्चा करते हुए सचिव ने कहा कि सहरसा, मधेपुरा, पश्चिम चंपारण, बक्सर, भागलपुर और वैशाली में बसेरा दो के तहत योग्य लाभुकों के चयन के लिए सर्वेक्षण सूची में गड़बड़ी हुई है. ऐसा करने वाले कर्मचारियों पर की गयी कार्रवाई की रिपोर्ट संबंधित समाहर्ता से मांगने का उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया. साथ ही पर्चा वितरण के प्रस्ताव में किसी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर सात दिनों के अंदर संबंधित अंचलाधिकारी को भूमि सुधार उप समाहर्ता के कार्यालय में बुलाकर उसका समाधान करने के लिए पत्र भेजने के लिए कहा. सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में मुख्यमंत्री गृह स्थल सहायता योजना के तहत भूमि उपलब्ध कराने के लिए सभी समाहर्ताओं को भी पत्र भेजने का उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया.

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