जेलों में मां के साथ बंद 228 बच्चों की पढ़ाई की मांगी रिपोर्ट

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राज्य की जेलों में अपनी मां के साथ बंद एक से छह वर्ष तक के 228 बच्चों को शिक्षित करने को लेकर दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने राज्य सरकार और बालसा को अगली सुनवाई में कार्रवाई रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है.

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विधि संवाददाता, पटना राज्य की जेलों में अपनी मां के साथ बंद एक से छह वर्ष तक के 228 बच्चों को शिक्षित करने को लेकर दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने राज्य सरकार और बालसा को अगली सुनवाई में कार्रवाई रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है. कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश आशुतोष कुमार की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने संतोष उपाध्याय द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया. कोर्ट ने जेल में डॉक्टर के खाली पड़े पदों को भरने के मामले पर भी स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश सरकार को दिया. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने जेल में अपनी मां के साथ रह रहे इन बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था करने का आदेश जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव को दिया था. कोर्ट ने शिक्षा विभाग के डीइओ को कहा था कि वह राज्य के विभिन्न जेलों में अपने मां के साथ एक से छह वर्ष तक के बंद 103 बालक और 125 बालिकाओं को शिक्षित करने के कार्रवाई करे. कोर्ट को बताया गया कि राज्य के जेलों में 50682 पुरुष व 2350 महिला विचाराधीन कैदी और 6995 पुरुष व 212 महिला सजायाफ्ता कैदी बंद हैं.

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