पटना में बड़े कचरा उत्पादकों पर निगम की नजर, नियम तोड़ने पर 25 हजार तक जुर्माना

Author Vikas Jha
Updated:
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पटना नगर निगम

Solid Waste Management Rules 2026: पटना नगर निगम ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2026 लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है. थोक कचरा उत्पादकों के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है. नियम उल्लंघन पर 25 हजार रुपये तक जुर्माना और कचरा संग्रहण सेवा बंद की जा सकती है.

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पटना से अंबर की रिपोर्ट
Solid Waste Management Rules 2026: पटना नगर निगम ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2026 लागू करने और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है. इसके तहत शहर के सभी अंचलों में थोक अपशिष्ट उत्पादकों (बीडब्यूजी) की वार्ड वार सूची तैयार की जा रही है. इसी कड़ी में निगम मुख्यालय में पार्षदों के लिए 5 दिवसीय ओरिएंटेशन सह कार्यशाला आयोजित की गयी. अंचलवार हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में विशेषज्ञों ने पार्षदों को नियमावली के प्रमुख प्रावधान, थोक अपशिष्ट उत्पादकों के अनिवार्य पंजीकरण और गीले कचरे के वैज्ञानिक निष्पादन की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझायी.

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वार्ड के बड़े प्रतिष्ठानों पर रहेगी नजर

इस कार्यशाला के दौरान केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के परामर्शी सौरव ने उपस्थित पार्षदों को इस नियमावली से होने वाले पर्यावरणीय और सामाजिक लाभों के बारे में भी बताया. बैठक में पार्षदों की भूमिका को सबसे अहम बताया गया, क्योंकि उन्हें अपने-अपने वार्ड क्षेत्र में संचालित हो रहे होटल, अस्पताल, अपार्टमेंट, मॉल और स्कूल-कॉलेज जैसे बड़े कचरा उत्पादकों की सबसे सटीक जानकारी है. शहर के कई बड़े व्यावसायिक और आवासीय प्रतिष्ठान इस श्रेणी में आते हैं, लेकिन वे अब तक गीले कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की सही प्रक्रिया से पूरी तरह अनजान हैं.

नियम तोड़ने पर बंद होगी कचरा सेवा

नए नियमों के अनुसार, अपना अनिवार्य पंजीकरण न कराने वाले थोक कचरा उत्पादकों पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति का मामला बनेगा और नियम का उल्लंघन करने पर पांच हजार रुपये से लेकर 25 हजार रुपये तक का आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा. सिर्फ यही नहीं, अगर कोई प्रतिष्ठान लगातार इस नियम को तोड़ता हुआ पाया जाता है, तो नगर निगम द्वारा वहां दी जाने वाली कचरा संग्रहण सेवा को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा. इसके साथ ही निगम प्रशासन द्वारा ऐसे डिफाल्टरों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कानूनी कार्रवाई भी शुरू की जायेगी.

पोर्टल पर मुफ्त रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी

इस संभावित दिक्कत को दूर करने के लिए निगम अब अंचल और जरूरत पड़ने पर वार्ड स्तर पर विशेष हैंड होल्डिंग सह प्रशिक्षण कार्यक्रम चलायेगा, जिसमें कचरे का पृथक्करण, कंपोस्टिंग और ऑन-साइट प्रोसेसिंग का तकनीकी मार्गदर्शन दिया जायेगा. सभी थोक कचरा उत्पादकों को सीपीसीबी के केंद्रीकृत पोर्टल (https://uatswm.cpcb.gov.in/register) पर जाकर अपना निःशुल्क पंजीकरण कराना अनिवार्य है. इस ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पटना नगर निगम की एक विशेष टीम मौके पर जाकर पूरे डेटा का भौतिक सत्यापन करेगी.

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