ISI नेटवर्क पर प्रहार : दिल्ली से प्रदीप्त बोस और इसलामपुर से तृणमूल नेता का भाई फजले रब्बी गिरफ्तार
फजले रब्बानी की 2 तस्वीरें.
ISI Spy Network Bengal STF Action: पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने दिल्ली से ISI के संदिग्ध जासूस प्रदीप्त बोस को दिल्ली से गिरफ्तार किया. टीएमसी नेता के भाई फजले रब्बी को बंगाल से दबोचा. सिम कार्ड तस्करी और जाली नोट रैकेट से जुड़े हैं तार.
ISI Spy Network Bengal STF Action: उत्तर बंगाल के रणनीतिक रूप से संवेदनशील ‘चिकन नेक’/सिलीगुड़ी कॉरिडोर (Siliguri Corridor) और भारत-बांग्लादेश सीमा पर सक्रिय पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) के स्पाई मॉड्यूल के खिलाफ पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने दिल्ली में सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए प्रदीप्त बोस को गिरफ्तार कर लिया है. सिलीगुड़ी के रहने वाले प्रदीप्त को दिल्ली के बंगाली टोला इलाके से पकड़ा गया. उसे ट्रांजिट रिमांड पर कूचबिहार के दीनहाटा महकमा अदालत में पेश किया गया. कोर्ट ने उसे 8 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया.
भारत-बांग्लादेश सीमा से पकड़ाया फजले रब्बी
इसी मामले के तार जोड़ते हुए एसटीएफ ने उत्तर दिनाजपुर के तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष जाकिर हुसैन के भाई फजले रब्बी को भी गिरफ्तार किया गया है. उसे उत्तर दिनाजपुर जिला के भारत-बांग्लादेश सीमा से सटे पाटागड़ा इलाके से पकड़ा गया है. उसे बृहस्पतिवार को ही हिरासत में लिया गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया. भारतीय सिम कार्ड और जाली नोटों की तस्करी में फजले रब्बी की क्या भूमिका थी, इसकी जांच चल रही है.
फजले रब्बी की पत्नी बोली- मेरे पति को फंसाया जा रहा
एसटीएफ की कार्रवाई के बीच जब मीडिया की टीमें फजले रब्बी के घर पहुंची, तो आरोपी की पत्नी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि उनके पति पूरी तरह से बेकसूर हैं. उन्हें किसी राजनीतिक या प्रशासनिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है.
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तफ्तीश में हुए 4 बड़े खुलासे
- दिल्ली से चल रहा था नेटवर्क का रिमोट : दीनहाटा से पकड़े गये 3 संदिग्ध (रशीद उल हक, नूर नसीरुद्दीन अली और शफीकुल इस्लाम) से पूछताछ के बाद दिल्ली में प्रदीप्त बोस के ठिकाने का पता चला. यह भी पता चला है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी का रैकेट कश्मीर से लेकर दिल्ली और बंगाल तक फैला है.
- भारतीय सिम कार्ड्स की पाकिस्तान में सप्लाई : एसटीएफ की जांच में पता चला है कि यह गिरोह बांग्लादेश के रास्ते भारतीय सिम कार्ड्स (SIM Cards) पाकिस्तानी हैंडलर्स तक पहुंचाता था. इन सिम कार्ड्स का इस्तेमाल पाक की खुफिया एजेंसियां भारत विरोधी गतिविधियों और सैन्य ठिकानों की जानकारी जुटाने के लिए करती थीं.
- जाली नोटों का सिंडिकेट : पाकिस्तानी जासूसों का यह मॉड्यूल उत्तर बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में भारी मात्रा में भारतीय जाली नोट (Counterfeit Currency) खपाने का काम भी देख रहा था.
- ‘चिकन नेक’ और सैन्य सुरक्षा पर खतरा : प्रदीप्त की गिरफ्तारी के बाद आशंका जतायी जा रही है कि गिरोह ने स्थानीय सेना और बीएसएफ की गतिविधियों से जुड़ा संवेदनशील डेटा सीमापार यानी पाकिस्तान भेजा है.
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आईएसआई जुड़े 10 लोग हुए अब तक गिरफ्तार
- हमीम मंडल
- अर्पिता मुखर्जी
- वहाब आलम उर्फ राणा रऊफ
- मोहम्मद इजाज
- रशीद उल हक
- नूर नसीरुद्दीन अली
- शफीक उल इस्लाम
- इमरान
- प्रदीप्त बोस
- फजले रब्बी
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उत्तर बंगाल से हुई 6 गिरफ्तारियां
इस मामले में पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने उत्तर बंगाल के दीनहाटा, तूफानगंज, उत्तर दिनाजपुर और बांग्लादेश सीमा से सटे दिघलतारी से मिट्ठू रहमान समेत अब तक कुल 6 आरोपियों को दबोचा है. सभी से एसटीएफ की टीमें पूछताछ कर रही हैं.
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